आर्थिक समृद्धि के लिए छोटे बड़े सभी व्यापारों में भागीदारी अत्यावश्यक….जिले में उद्योग की अपार संभावना….

राजेश सोनी
सूरजपुर. जिले में उद्योग और कृषि क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं लेकिन उचित जानकारी के अभाव में युवा दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं. यह कहना है हिंदुत्व विकास फाउंडेशन के संस्थापक अमित सिन्हा जो पेशे से इंटरनेशनल इंडस्ट्रियल मैनेजमेंट कंसलटेंट हैं उनकी एक्सपर्टीज स्टील, ट्रांसफार्मर, प्लास्टिक, एग्रो प्रोसेसिंग इंडस्ट्री, होटल एंड रिसोर्ट आदि उद्योगों में है. उन्होने बताया कि हिंदुत्व विकास फाउंडेशन के द्वारा पूरे देश में ग्रामीण अंचल के सर्वांगीण विकास के लिए जनता को उद्योग धंधों के विषय में जागरूक किया जा रहा है एवं उद्यमी बनाने की दिशा में समुचित प्रयास किया जा रहा है.उनकी संस्था अपने टीम के माध्यम से लघु और मध्यम श्रेणी के उद्योग कम लागत और कम संसाधन में स्थापित करने हेतु मार्गदर्शन देती है उनकी संस्था सूरजपुर जिले में 101 नए उद्यमीयों को बिजनेस प्लान .और फिजिबिलिटी स्टडी उपलब्ध कराएगी जिसके लिए उन्हें फाउंडेशन के वेबसाइट पर पंजीकरण करना होगा. देश का विकास ग्रामीण क्षेत्रों से शहरी क्षेत्रों की तरफ होनी चाहिए तभी समाज का समुचित विकास संभव है, देश का 65 प्रतिशत आबादी अभी भी ग्रामीण अंचल में रहती है और कृषि पर आधारित है, आवश्यक सुविधाओं से वंचित है उनके उत्पाद को शहरों तक पहुंचा पाने में असमर्थ है हमारी संस्था इस पुनीत कार्य में सरकार को अपना सहयोग और सुझाव जनहित में समय समय पर देती रहेगी. संस्था अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार की जानकारी और प्रशिक्षण की उपलब्धि कराएगी जिससे क्षेत्र का आर्थिक विकास हो सके. जिले में बहुत उत्कृष्ट सांस्कृतिक एवं पर्यटन स्थल हैं जिन्हें जीर्णोद्वार और सुचारू रूप से विकसित करके पर्यटन के द्वारा स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के साधन बनाए जा सकते हैं. संस्था की आधिकारिक वेबसाइट है जिस पर संस्था के विषय में सारी जानकारी और रोजगार संबंधी आवेदन के विकल्प उपस्थित है टोल फ्री नंबर 18002400333 भी है जिस पर निशुल्क संपर्क करके सहायता या जानकारी प्राप्त की जा सकती है. इस दौरान हिंदुत्व विकास फाउंडेशन के विष्णु पांडेय के साथ समाजसेवी शिवम सिन्हा, अभिजीत श्रीवास्तव, महिला इकाई से प्रीति सिन्हा उपस्थित रहे.
10 राज्यो में रही काम
हिंदुत्व विकास फाउंडेशन छत्तीसगढ़ प्रदेश स्तर पर और प्रत्येक जिले में पदाधिकारियों की नियुक्ति कर समाज में बदलाव लाना चाह रही है. देश के लगभग 10 राज्यों में संस्था का विस्तार किया जा रहा है जिसमें महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात है और सांस्कृतिक गुरुकुल, गौशाला, अस्पताल के निर्माण पर भी कार्य कर रही है.