हल्की सी बूंदा बांदी होने से भी हो जाता है अँधेरा कायम,बिजली की लचर व्यवस्था से परेशान हैं ग्रामीण

प्रवेश गोयल

सूरजपुर –  जिले की लचर बिजली व्यवस्था किसी से छिपी नहीं है. ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती का आलम यह है कि एक बार बिजली गुल हो जाए तो कब तक विद्युत आपूर्ति सुचारू रूप से लोगों को मिलेगी यह भी किसी विभाग के किसी अधिकारी को पता नहीं है. ग्रामीणों ने बताया कि दिन में कम से कम 6 घंटे तो न्यूनतम बिजली की कटौती होती ही है. इस अघोषित विद्युत कटौती से त्रस्त उपभोक्ताओं ने कहा कि प्रदेश में सरप्लस बिजली का उत्पादन किया जाता है तो इस अघोषित बिजली कटौती से विभाग क्या जताना चाहता है? हल्के बादल आते ही या बूंदा बांदी होते ही बिजली गुल हो जाती है. विभाग के अधिकारियों का एक ही जवाब होता है फॉल्ट है.