इलाज के दौरान इंजीनियर की हुई मौत..कातिल डाक्टर की काली करतूत…

राजेश सोनी

सूरजपुर.जिला अस्पताल में गुरुवार की देर रात एक इंजीनियर युवक की मौत से काफी देर तक हंगामा होता रहा।हंगामे की वजह सरकार से वेतन लेकर घर में इलाज के लिए चर्चित डॉक्टर कथित इलाज को लेकर थी और मौत की वजह भी बताई जा रही थी।हालांकि बाद में मामला शांत करा लिया गया।युवक का आज बिलासपुर में अंतिम संस्कार कर दिया गया है।बताया गया है कि यहां आरईएस में पदस्थ सूर्यवंशी बाबू के 28 वर्षीय पुत्र की पिछले एक सप्ताह से तबियत खराब थी और चर्चित डॉक्टर द्वारा घर मे इलाज किया जा रहा था।गुरुवार की रात में भी युवक की तबियत बिगड़ी और उक्त चर्चित डॉक्टर ने घर मे न जाने क्या दवा दी और घर जाने को कह दिया इधर घर पहुँचते ही फिर युवक की तबियत बिगड़ गई जिससे उसे अस्पताल जाने की सलाह दी गई।अस्पताल में युवक ने दम तोड़ दिया।इसकी भनक लगते ही युवक के शुभचिंतक अस्पताल पहुँच गए और इलाज में गड़बड़ी की आशंका पर हंगामा करने लगे।इस बीच सरकारी अस्पताल के बहु चर्चित डॉक्टर पहुँचे और अपने द्वारा दिये गए दवाओं की पर्ची गांयब कर दिया जिससे नाराजगी और बढ़ गई इसे लेकर काफी देर तक अस्पताल में हंगामा होता रहा।हालांकि बाद में जैसे तैसे मामला शांत कराया गया।शुक्रवार को बिलासपुर में युवक का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। इस बीच यहां के सरकारी अस्पताल की अव्यवस्था को लेकर भी काफी रोष व्यक्त किया जा रहा है।बताते है कि कई ऐसे डॉक्टर यहां पदस्थ है जो कहने को तो नगर के ही है पर उनके पैसे की भूख ने इस पेशे को बदनाम कर दिया है और वे अस्पताल पहुँचे मरीजो से घर मे इलाज के लिए बाध्य करते है।जहाँ फीस के साथ टेस्टिंग में भी कमीशन सेट है।यही नही कुछ डॉक्टर तो बाहर के अस्पतालों में भी सेटिंग कर रखा है जहाँ उन्हें भेज दिया जाता है।आज के इस मामले में जिस डॉक्टर पर आरोप लगा है वे तो इस मामले में काफी धुरंधर माने जाते है यही नही कोरोना के समय भी इनकी कारगुजारी सामने आई थी और इनका व्यवहार भी मरीज व उनके परिजनों के लिए बेहद कष्टकारी होता है।अस्पताल प्रबंधन इन सब पहलुओं से वाकिफ है पर खामोश है जिससे आये दिन अस्पताल में असहज स्थिति बन रही है।