महाविद्यालय में एमएससी माईक्रो बायोलॉजी व कम्प्यूटर साइंस की कक्षाएं इस सत्र से… उच्च शिक्षा विभाग से मिली स्वीकृति…


सूरजपुर…
पंडित रेवती रमण मिश्र शासकीय महाविद्यालय सूरजपुर में सत्र-2022-23 के लिए स्ववित्तीय योजना से एमएससी के दो पाठयक्रमों की स्वीकृति जिले को मिली है। इस संबंध में महाविद्यालय के जनभागीदारी समिति अध्यक्ष सुनील अग्रवाल व प्राचार्य डॉ.एसएस अग्रवाल ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग के अवर सचिव के द्वारा जारी आदेश के तहत प्रदेश के 26 महाविद्यालयों में नवीन कक्षाओं की स्वीकृति प्रदान की गई है। जिसमें सूरजपुर जिले के अग्रणी महाविद्यालय में स्नातकोत्तर की कक्षाओं में एमएससी माईक्रो बायोलॉजी तथा एमएससी कम्प्यूटर साइंस की स्वीकृति मिलने से छात्र-छात्राओं में हर्ष व्याप्त है। शासन ने माईक्रोबायोलॉजी के लिए 30 सीट तथा कम्प्यूटर साइंस के लिए 25 सीट की स्वीकृति महाविद्यालय को प्रदान की है। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष भी क्षेत्रीय विधायक खेलसाय सिंह व प्रभारी मंत्री शिव डहरिया के प्रयासों से उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल ने एमएससी जूलाजी के पाठ्यक्रम की सौगात भी दी थी। जनभागीदारी अध्यक्ष श्री अग्रवाल ने बताया कि अब महाविद्यालय में स्नातक की कक्षाओं में कला, वाणिज्य व विज्ञान के साथ बीसीए, डीसीए तथा पीजीडीसीए की पढ़ाई के साथ स्नातकोत्तर की कक्षाओं में कला संकाय में राजनीतिशास्त्र, समाजशास्त्र, हिन्दी व अर्थशास्त्र सहित वाणिज्य संकाय व केमेस्ट्रिी, बाटनी व जूलाजी की नियमित कक्षाएं संचालित हैं।वही अब दो अन्य विषयों की और स्वीकृति मिल जाने से महाविद्यालय में स्नातकोत्तर की कक्षाओं और विषयों में इजाफा हो जाने का लाभ क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को मिलेगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में महाविद्यालय में लगभग दो हजार छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं और महाविद्यालय नित्य विकास और अध्ययन-अध्यापन के नये आयामों को गढ़ रहा है। महाविद्यालय के आधारभुत ढांचे में भी पिछले दो वर्षों में एक करोड़ रूपए से अधिक की राशि से महाविद्यालय के अधोसंरचना विकास की दिशा में कार्य हुए हैं।
महाविद्यालय में एनसीसी भी जल्द ही..
पिछले कई वर्षों से महाविद्यालय में राष्ट्रीय कैडेट कोर की यूनिट को लेकर प्रयास प्रारंभ हैं। इस दिशा में महाविद्यालय के प्राचार्य व जनभागीदारी के अध्यक्ष के द्वारा रायपुर में भी संपर्क कर आवश्यक कार्यवाही व दस्तावेजों को पूर्ण कर लिया गया है। वहीं एनसीसी के लिए प्रारंभिक स्वीकृति महाविद्यालय को मिल चुकी है। आने वाले सत्र में जल्द ही एनसीसी की यूनिट भी महाविद्यालय में संचालित होगी।