खदान के लिए खाक हुये पेड…पेड़ों की बेतहाशा कटाई एक दिन हजारों पेड़ हुये शहीद…भारी सुरक्षा के बीच हुई पर्यावरण की विनाश लीला…

राजेश सोनी
उदयपुर- जल जंगल के लिये समर्पित सरकार की अजीब लीला है सरकार में बैठे शुरमा भोपालियो ने हसदेव अरण्य के पेडो को लेकर बोल बच्चन दिये. आज मंगलवार के दिन पर्यावरण के लिये अमंगल साबित हुआ सुबह से हसदेव अभ्यरण क्षेत्र के जंगल में पेड़ों की बेतहाशा कटाई की गई. प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पुलिस बल की मौजूदगी में कोल खदान के नाम से हरे भरे पेडो की बली दी गई. उदयपुर वन परिक्षेत्र के पेंड्रामारए घाटबर्रा जंगल हर जाने वाले रास्ते पर पुलिस बल तैनात रही किसी को अंदर जाने नहीं दिया जा रहा है. अत्याधुनिक मशीनो से लैस पेट्रोल से चलने वाली इलेक्ट्रिक आरा मशीन से पेड़ों की बदस्तूर जारी रही. कल तक जहा पर हरे भरे विशालकाय पेड़ व जंगल नजर आ रहे थे वह अब वहा पर ठूंठ नजर आ रहे है. नजर का नजराना बदल गया. ऐसा प्लानिंग हुई की किसी को कानों कान खबर तक नहीं थी घाटबर्रा पेंड्रामार के जंगल सोमवार रात होते ही जंगल छावनी में तब्दील हो गया रहा. इस दौरान हरिहरपुर, फतेहपुर, घाटबर्रा, परसा, साल्ही अन्य गांव में पुलिस बल तैनात रहे. जिले के कलेक्टर, एसपी अन्य वरिष्ठ अधिकारी खदान से लेकर स्थानीय विश्राम गृह तक पेड़ों को कटवाने मे सक्रिय रहे. तो वही हसदेव अरण्य बचाओ संघर्ष समिति के लोगों सहित कई लोग जो खदान का विरोध कर रहे थे उनको हिरासत में लेकर थानों में बैठाया गया जिनमें उमेश्वर आर्मो सरपंच पतरिया डांड,जगरनाथ बड़ा ग्राम पुटा जयनंदन सिंह सरपंच ग्राम घाटबर्रा, राम सिंह मरकाम, श्रीपाल सिंह सरपंच बासन, ठाकुर राम, कांति बाई, श्यामलाल, श्रीमती, आनंद कुसरो, दिल हरण, श्यामपति, हरिप्रसाद मान कुंवर शामिल है.