नक्सलियो ने विधायक पर लगाये आरोप…

पखांजुर-नक्सलियो ने एक बार फिर अंतागढ़ विधायक अनूप नाग और कांग्रेस पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए है इस बार नक्सलियो के दो साथियो के ढेर होने पर इसका जिम्मेदार इन दोनों को ठहराया है गौरतलब है कि विगत दिनों दो इनामी नक्सलियो को सुरक्षाबलो ने ढेर किया है जिसके बाद नक्सलियो ने भी पर्चा जारी करते हुए इस मुठभेड़ को एनकाउंटर बताया है और इस पूरे घटनाक्रम के पीछे विधायक अनूप नाग और कांग्रेस पार्टी को जिम्मेदार बताया है. पर्चे में विधायक अनुप नाग पर लगे आरोप के बाद विधायक अनूप नाग ने इसका खंडन करते हुए कहा कि इसके पीछे विपक्ष का षड्यंत्र है और नक्सलियो द्वारा लगाए गए आरोप को खारिज करते हुए विधायक ने कहा कि मैं कभी ये सब चीजो में ध्यान नही देता बल्कि सुबह उठने से लेकर रात सोते तक अपने क्षेत्र के विकास की गति को तेज करने और जनता की सेवा करने के बारे में सोचता हूँ. गौरतलब है की इसके पहले भी नक्सली ने विधायक अनूप नाग के नाम कई बार चेतावनी भरे पर्चे जारी किए है जिसके बाद विधायक की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी इसबार पुनः विधायक के खिलाफ पर्चा जारी होने से प्रशासन अलर्ट हो गया है.

क्या है पूरा मामला

31 अगस्त की तड़के सुबह 4 बजे सुरक्षाबलो ने कड़मे के जंगल में दो इनामी नक्सलियो को ढेर किया जिसमें डीवीसी सचिव दर्शन और स्माल एक्शन टीम कमांडर जागेश ढ़ेर हुये, जहां से सुरक्षाबलो को हथियार और कई विस्फोटक भी बरामद हुए थे. ढेर हुए दोनो नक्सलियो पर सरकार ने आठ-आठ लाख रुपये के इनाम भी रखे थे.परन्तु इसके तत्काल बाद नक्सलियो के उत्तर बस्तर डिविजनल सचिव सुकदेव कौड़ो ने पर्चा जारी किया है जिसमे नक्सलियो ने इस पूरे घटना क्रम का खंडन करते हुए मुठभेड़ न बताकर एनकाउंटर बताया है नक्सलियो का दावा है कि सुरक्षाबलो ने नक्सलियो को मुठभेड़ में ढेर नही किया बल्कि पकड़कर गोली मारी है साथ ही दो और ग्रामीणों को गिरफ्तार कर जेल भेजने का आरोप भी नक्सलियो ने सुरक्षाबलो पर लगाया है साथ ही इसका पूरा जिम्मेदारी विधायक अनुप नाग और कांग्रेस पार्टी को ठहराया है.

कलेक्टर ने दिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश

दो इनामी नक्सलियो के ढेर होने के घटना के बाद काँकेर कलेक्टर प्रियंका शुक्ला ने मजिस्ट्रियल जांच आदेश भी दे दिए है मुठभेड़ की होगी दंडाधिकारी जांच और अंतागढ़ SDM के.एस. पैकरा को जांच अधिकारी बनाया गया है साथ ही पूरे घटना की जांच कर 15 दिन के भीतर निष्पक्ष जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए है.