गोलमाल है सब गोलमाल…सन्दर्भ वन विभाग

वन्यजीवों का मौत का कब्रगाह बना बिहारपुर चांदनी…. तस्करों के सामने नतमस्तक है विभाग..?

सूरजपुर. जंगली जानवरों के लिए कभी मुफीद जगह रही बिहारपुर चांदनी अब न केवल वन्यजीवों का मौत का कब्रगाह बन गया है बल्कि यह इलाका शिकारियों का गढ़ भी बन गया है. वन विभाग इन तस्करों को पकड़ने या इन पर अंकुश लगाने की बजाए इनके सामने नतमस्तक की मुद्रा में दिखाई पड़ रहा है. जिले में बैठे वन विभाग के आला अफसर भी न केवल कागजी हवा हवाई कर रहे है बल्कि वे खुद की पीठ थपथपाने में मशगूल है. बिहारपुर के जंगल मे छोटे मोटे जानवरो की तो हत्या जैसे आम बात है पर पिछले महीने इस इलाके से तेंदुआ व बाघ के खाल के साथ 6 लोग पकड़े गए तो बड़े तस्करों के भी सक्रिय होने की संभावना बलवती हुई है. वैसे सूत्र बताते है कि इस क्षेत्र में हाथी दांत,भालू के अंग,हिरन,बाघ, तेंदुआ आदि के खाल आदि इस क्षेत्र में सब मिलते है जिसकी जानकारी विभाग को भी है..? पिछले वर्ष इसी नवम्बर में 7 हाथी बेहोश मिले थे,हड़कम्प मचा जांच हुई पर नतीजा यह निकला कि हाथी टुन्न थे सही क्या है यह फारेस्ट के लोग जाने…? शनिवार को फिर रसोकी में एक हाथी के बेहोश होने की खबर सामने आई पर यह भी खबर की बेहोश हाथी को हाथी ही ले गए तो पता ही नही चला कि बेहोशी के कारण क्या था..?

पकड़ा कोई नामवर कोई और….!

तेंदुआ व बाघ के खाल की तस्करी का मामला राज ही रह जाता अगर सिंगरौली व जबलपुर की टीम से मुखबिरी न हुई होती,जबलपुर की टीम मुखबिर के बताए अनुसार सक्रिय हुई और 6 लोग धरे गए। पर श्रेय सूरजपुर वन विभाग का अमला ऐसे ले रहा था कि जैसे उसने कोई तीर मार दिया हो पर जब यह सवाल उठा कि इन वन्य जीवों की हत्या कब और कहां हुई तो आला अफसर यह कह कर चुप कराने लगे कि अभी सभी आरोपी नही पकड़े गए है सभी के पकड़े जाने के बाद राज खुलेगा…!

नही पकड़े गए अन्य आरोपी

इस मामले के पकड़े जाने के करीब एक माह बाद भी अन्य आरोपियों का कोई सुराग वन अमले को नही मिला है पहले तीन आरोपी होने की बात की जा रही थी अब कहा जा रहा कि केवल एक आरोपी फरार है जिसके तलाश के लिए टीम गठित है आरोपी बेजनपाठ का बताया जा रहा है अफसरों ने उस दरम्यान तीर तो ऐसे मारा जैसे वे इतने सक्रिय है कि उनके आदेश के बिना जंगल मे पत्ता भी नही हिलता,बताया गया कि आरोपियों पर शिकंजा कसने उनकी सम्पति कुर्की की तैयारी की जा रही पर समय के साथ सब हवा हवाई साबित हो रहा है. वन विभाग का मुखबिर तंत्र कितना कारगर है यह खुद ब खुद पता चल रहा है.

ये भेजे गए थे जेल

तेंदुआ व बाघ के खाल के साथ 6 लोग पकड़े गए जिन्हें जेल भेज दिया गया उनमें लुल का राजाराम,उमझर का बालसिंह, नवगई का भुनेश्वर, घुईडीह का रामसूरत,छतरँग का मंगल सिंह ओर देवसिंह शामिल रहे. वन विभाग ने इन पर वन्य जीव सरंक्षण 1972 की धारा 9,39,44,48 क,49 ख,50 स 51..1 व 57 के तहत जुर्म दर्ज किया है।

टीम तलाश रही है….

रेंज अफसर मेवालाल बताते है कि बाघ व तेंदुआ खाल मामले में एक आरोपी फरार है जिसकी तलाश के लिए टीम गठित है जो तलाशी के काम मे लगी हुई है. फरार आरोपी जगनारायण बैजंनपाठ का रहने वाला है संपति कुर्क के संबंध की जानकारी नही…अभी तक तो ऐसा नही देखा है.