विश्रामगृह बना अफसरों का स्थायी ठिकाना…6 महीने से कब्जा बैठे है…जबकि वन विभाग की कालोनी में भवन है…

सूरजपुर. सूरजपुर जिला मुख्यालय में विश्रामगृह का मतलब अफसरों का स्थायी ठिकाना बन कर रह गया है जिससे विश्रामगृह का मतलब ही बदल गया है सर्किट हाउस हो पुराना रेस्ट हाउस हो या फिर वन विभाग का शिव पार्क स्थित रेस्ट हाउस जहाँ देखिए वहां अधिकारियों का कब्जा…! वन विभाग के रेस्ट हाउस में तो विभागीय बड़े साहब ही पिछले 6 महीने से कब्जा किये हुए है जबकि वन विभाग की कालोनी में भवन है इसके बावजूद साहब को रेस्ट हाउस रास आ रहा है अब इसके पीछे राज क्या है यह तो साहब जाने, पर ये जरूर है कि इस रेस्ट हाउस का आम लोगो को कोई लाभ नही है. इतना ही नही साहब का शिव पार्क में डेरा जमा है पर शिव पार्क की हालत इतनी खराब ही नही बल्कि पार्क के उद्देश्य का लाभ लोगो को नही मिल रहा इस पर कभी फिक्र नही किया जा रहा. पार्क में न तो बच्चों के लिये कोई सुविधा है और न ही बुजुर्गों के लिए जबकि इस पार्क में बच्चों के मनोरंजन के साथ बुजुर्गों के लिए सुबह शाम टहलने की व्यवस्था के साथ आक्सिजोन बनाने के नाम पर लाखों रुपए सरकार के खजाने से निकल गए है आम जनता के टैक्स से बना यह शिव पार्क आज निजी सम्पति की तरह होकर रह गया है इसके लिए यहां के जिम्मेदार जनप्रतिनिधि भी खामोश है तो फिर अफसर तो सैंया भये कोतवाल तो डर काहे का भूमिका में है तो फिर जनता की सुध क्यों और कौन ले…?