स्कूल शिक्षा मंत्री के क्षेत्र में शिक्षा का हाल बेहाल…कलेक्टर के निरीक्षण में स्कूल से नदारत मिले शिक्षक…अनुपस्थित शिक्षकों को नोटिस जारी करने दिए निर्देश…

सूरजपुर. जिला प्रशासन के तमाम कोशिशों के बावजूद जिले में न तो शिक्षा का स्तर सुधर रहा है और न ही शिक्षक. विद्यालय में समय पर उपस्थित होने के लिए शिक्षकों को बार बार जिला प्रशासन के द्वारा नसीहत देने के बाद भी कुछ ऐसे शिक्षक है कि सुधरने का नाम ही नहीं ले रहे है। यह आलम जिले के उस क्षेत्र का है जो स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ प्रेमसाय सिंह टेकाम का क्षेत्र है। तो जिले के अन्य दुरस्त क्षेत्रो के स्कूलों का हाल और शिक्षा की गुणवत्ता कैसी होगी इसका सहजता से अंदाजा लगाया जा सकता है। कहीं शिक्षक समय पर नहीं आते तो कहीं के स्कूल से शिक्षक कई कई दिनों तक नदारत रहते है। तो कहीं बीईओ को स्कूल के समय पर जाकर प्रर्थना के बाद कक्षा का संचालन करना पड़ता है। जिले के शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारी अपने मतलब के लिए मौन साधे रहते है। अधिकारियों की मौन का  मतलब भी आसानी से समझा जा सकता है। शुक्रवार को कलेक्टर सुश्री इफ्फत आरा एवं जिला पंचायत सीईओ सुश्री लीना कोसम प्रतापपुर ब्लॉक के  भ्रमण पर थी। इस दौरान उन्होंने प्राथमिक शाला, माध्यमिक शाला एवं आंगनबाड़ी केंद्र पीपरपारा सोनगरा का औचक निरीक्षण किया। जहां उन्होंने स्कूल पहुंचकर छात्रों एवं शिक्षकों की संख्या एवं उपस्थिति की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान शिक्षकों की अनुपस्थिति देखकर कलेक्टर ने प्रधान पाठक पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी करने के कड़े निर्देश दिए हैं। इस दौरान उन्होंने प्रधान पाठक से बच्चों के पढ़ाई के संबंध में भी जानकारी ली तथा गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्रदान करने निर्देशित किया एवं सभी शिक्षकों को समय पर उपस्थित रहकर अध्यापन  सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने मध्यहान भोजन की गुणवत्ता एवं मीनू की जानकारी ली तथा मीनू अनुसार गुणवत्ता युक्त भोजन प्रदान करने निर्देशित किया। पूर्व में भी शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने व शिक्षकों के विद्यालय में शत प्रतिशत उपस्थिति के निर्देश दिए गए थे। उसका कितना असर हुआ है जो अब के निर्देशों का होगा। 

कलेक्टर ने पढ़ाया  बच्चों को गणित

कलेक्टर सुश्री आरा ने शिक्षकों की अनुपस्थिति पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने बच्चों से शिक्षकों द्वारा पढ़ाए जा रहे विषयों की जानकारी ली तथा स्वयं बच्चों को गुणा, भाग जैसे गणित पढ़ाया। बच्चों ने कलेक्टर को अपने बीच पाकर प्रसन्नता प्रकट की। उन्होंने बच्चों को अच्छे से पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। प्रधान पाठक को गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्रदान करने एवं नियमित टेस्ट लेने  निर्देशित किया। उन्होंने स्कूल परिसर में स्थित बोरिंग के सामने साफ-सफाई रखने एवं सोख्ता गड्ढा खोदने निर्देशित किया।