: खसरे को खत्म करने और रूबेला/जन्मजात रूबेला सिंड्रोम (सी.आर.एस.) को नियंत्रित करने की जानकारी दी गई
Admin
Tue, May 29, 2018
सूरजपुर-जिला स्तरीय टीकाकरण टास्क फोर्स की बैठक का आयोजन कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में किया गया। इस दोरान कलेक्टर श्री के0सी0 देवसेनापति, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ0 एस0पी0 वैश्य, जिला टीकाकरण अधिकारी डाॅ0 आर0एस0 सिंह उपस्थित थे।
बैठक में डाॅ0 अनधा चैधरी ने बताया कि डब्लू.एच.ओ. दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र के दस अन्य सदस्य देशों के साथ, 2020 तक खसरे को खत्म करने और रूबेला,जन्मजात रूबेला सिंड्रोम (सी.आर.एस.) को नियंत्रित करने को संकल्पबद्ध हैं। इस दिशा में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार ने पूरे देश मेें चरणबद्ध तरीके से खसरा-रूबेला (एस.आर.) अभियान चलाकर 9 माह 15 वर्ष से कम आयु समूह के बच्चों के टीकाकरण का निर्णय लिया है। इसी क्रम में जिले में उक्त अभियान का आयोजन अगस्त माह से प्रारंभ किया जा रहा है।
खसरा-रूबेला(एस.आर.) अभियान देश में खसरा और रूबेला/ सीआरएस के कारण बीमारी और मौंतों को कम करने के वैश्विक प्रयासों का एक हिस्सा है। खसरा टीकाकरण पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर में कमी के लिए योगदान है और रूबेला वैक्सीन के साथ संयुक्त रूप से देने से यह रूबेला को नियंत्रित करने और सी.आर.एस. को रोकने में मदद करेगा। इस अभियान के दौरान 9 माह से 15 वर्ष से कम आयु के सभी बच्चों को खसरा-रूबेला (एम.आर.) का एक टीका दिया जाएगा। इस अभियान के बाद एम.आर. टीका नियमित प्रतिरक्षण का एक हिस्सा बन जाएगा, जो खसरे के टीके की जगह होगा। (वर्तमान में खसरे का पहला टीका बच्चे के 9-12 माह में और दूसरा टीका 16-24 माह में दिया जाता है।) कार्यक्रम का उद्देश्य मिजल्स एवं रूबेला के लिए शरीर में प्रतिरक्षा का निर्माण तथा नियमित टीकाकरण में छुटे हुए बच्चों को टीकाकृत करना हैं उक्त अभियान में स्कूल, शिक्षक, प्रधान पाठक की भूमिका अह्म है तथा इस अभियान को सफल बनाने में शिक्षा विभाग के साथ-साथ समस्त विभागों की सहभागिता की उपेक्षा हैं, जिससे उक्त अभियान को सफल बनाया जा सके।
इस वृहद अभियान की सफलता संबंधित विभगों के समन्वय पर ही संभव है। इस अभियान में मुख्य रूप से शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पंचायती एवं ग्रामीण विकास विभाग का सहयोग अपेक्षित होगा तथा इसके साथ ही अभियान के सफल संचालन हेतु सहयोगी संस्थाएं तथा विश्व स्वास्थ्य संगठन, यूनिसेफ, यू.एन.डी.पी. का तकनीकी सहयोग जिला स्तरीय गतिविधियों को संपादित करने हेतु रहेगा।
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