: APR कलेक्टर के बिगड़े बोल... मर्यादा भूली...? गाली वीडियो हुआ वायरल...
Thu, May 26, 2022
राजेश सोनी
सरगुजा. कभी हरामखोर तो कभी चुतिया….तो कभी ओ लडकी नेतागिरी कर रही….अब यह शब्द अधिकारियों सहित प्रदेश के मुख्यमंत्री के प्रिय शब्द बन गये है. जो जितना ओहदेदार पद में है वह उतना बडा सुतियापा करने में लगे हुये है वैसे भी इन अधिकारियों को कुछ विशेष प्रकार की शिक्षा मिली है जो इस तरह के अप्रिय शब्द का इस्तेमाल करने में अपनी शान समझने लगे है. पहले एक प्रदेश का मुख्यमंत्री, फिर कोरिया जिले में चुतिया शब्द सुर्खियो में रहा अब सरगुजा में यह शब्द शोसल मिडिया में सुर्खिया बटोर रहा है. लोग तरह तरह के कमेंट भी कर रहे है. वायरल विडियो में सरगुजा जिले के महिला अपर कलेक्टर खूब वाहवाही बटोर रही है वे नर्मदापुर आत्मानंद विद्यालय के एडमिशन काउंसलिंग में पहुंची थीं. वहा पर उन्होने अपना उच्च शिक्षा संस्कार का परिचय देते प्रार्चाय को चुतिया तक कह डाली. जैसे ही मैडम का विडियो वायरल हुआ लोगो को समझते देर नही लगी आज कल के अधिकारियों में कौन सा नशा छाया हुआ है. यह उनकी गलती नहीं है इस समय जो दौर चल रहा है उसमें सभी के बोल बिगड़े हुए हैं. कई ऐसे बिगड़े बोल के उदाहरण आ चुके हैं जो यह बताते हैं कि किसी की भी जबान पर लगाम नहीं है, अपर कलेक्टर के बिगड़े बोल के बाद सभी को उन लोगों के भी बिगड़े बोल सुनाई देने लगे हैं जो खबरों की सुर्खियां बन चुके हैं, संभाग के कई जिलों के अधिकारी कर्मचारी के बिगड़े बोल की बातें सामने आ चुकी हैं कुछ महीने पहले कोरिया पुलिस अधीक्षक के कर्मचारियों के बिगड़े बोल के व्हाट्सएप चैट भी वायरल हुए थे जिस में भी आपत्तिजनक शब्द लिखी गई थी और उस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई. कार्यवाही का दंश एक पत्रकार को झेलना पड़ गया. आज वही चुतिया शब्द का एक बार फिर अपर कलेक्टर ने याद दिला दिया जिस पर वह घटना फिर से लोगों के जेहन में एक बार फिर घूमने लगी, शब्द वही थे जो आज अपर कलेक्टर ने दोहरा दिया, बस अंतर यह है कि इनका वीडियो वायरल हो गया और उनकी चैट वायरल हो गई थी. बधाई हो जिले के मुखिया को ऐसे अधिकारियो को जनता की सेवा में भेजे है जिनका नाम इज्जत प्रसिद्ध हो रहा है.
: जल जंगल जमीन को बचाने के लिए 80 दिनों से प्रदर्शन...
Fri, May 20, 2022
राजेश सोनी
सूरजपुर.परसा कोल ब्लॉक के विरोध में आज हजारो की संख्या में ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए नेशनल हाईवे 130 में चक्का जाम कर दिया… साथ ही रेलवे पटरी पर बैठकर राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड और केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ आक्रोश जाहिर की, इस दौरान छत्तीसगढ़ प्रदेश के साथ-साथ अन्य प्रदेश के लोग भी आदिवासी ग्रामीणों के साथ आंदोलन में शामिल हुए..दरअसल परसा कोल ब्लॉक क्षेत्र के साल्ही, हरिहरपुर, जनार्दन पुर, फतेहपुर में कोल ब्लॉक के लिए लाखों पेड़ की बलि दी जाएगी अभी तक 300 से अधिक पेड़ों को काट दिया है..ग्रामीणों के विरोध के बाद वन विभाग ने पेड़ो की कटाई पर रोक लगा दिया है..स्थानीय ग्रामीण जल जंगल जमीन को बचाने के लिए पिछले 80 दिनों से धरना प्रदर्शन करते आ रहे है.. जिसकी गूंज रायपुर से लेकर दिल्ली तक पहुंच गई है,, फिर भी किसी प्रकार से जंगल को कटने से बचाने का कोई प्रयास नहीं दिखने पर ग्रामीण अब उग्र हो रहे हैं.. बहरहाल साल्ही, हरिहरपुर, जनार्दन पुर, फतेहपुर के ग्रामीणों ने आज हजारों की संख्या में एकत्र होकर रैली निकाल एनएच 130 जाम कर दिया साथी रेलवे पटरी पर भी ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर अपना विरोध जताया है..
: यूरिया की कालाबाजारी...
Wed, May 18, 2022
सरगुजा. सरगुजा जिले में यूरिया की कालाबाजारी जोरों से फल फूल रहा है वही किसान औने पौने दाम पर यूरिया ख़रीदने पर मजबूर है आलम ये है कि निजी दुकानदार किसानों की मजबूरी का फायदा उठा 400 से लेकर 750 रुपए तक किसानों को यूरिया बेच रहे है वही प्रशासन इन निजी दुकानदारों को पर अंकुश नही लगा पा रहे है.मामला भारत माता चौक से दरिमा नाका के बीच के दुकान है जहाँ एक किसान को 400 रुपए प्रति बोरी के हिसाब से 800 रुपए में दो बोरी यूरिया बेचने की जानकारी सामने आई है जबकि शासन ने यूरिया की कीमत महज 266 रुपये 50 पैसे निर्धारित कर रखा है। इसके बाद भी निजी दुकानदार किसानों को अधिक कीमत पर यूरिया बेच रहे है लेकिन प्रशासन ऐसे दुकानदारों पर अंकुश लगाने में नाकाम साबित हो रही है बता दें कि खरीफ सीजन नजदीक है और अभी से ही किसान खेती बाड़ी की तैयारियों में व्यस्त हो गए है। विगत वर्षों की बात की जाए तो पर्याप्त मात्रा में यूरिया का आबंटन नहीं होने के कारण यूरिया की किल्लत किसानों सामना करना पड़ा था जिसको देखते हुए किसानों द्वारा अभी से ही यूरिया का भंडारण शुरू कर दिया गया है वही एसडीएम ने ऐसे दुकानदारों पर जल्द कार्यवाही करने की बात कही है .