: नौतापा की तेज गर्मी से बचने के लिए बरतें सावधानी,स्वास्थ्य विभाग ने जारी किए निर्देश...
Wed, May 29, 2024
सौरभ द्विवेदी
सूरजपुर.
नौतापा की तेज गर्मी को देखते हुए हीट वेव या लू से बचाव एवं स्वस्थ रहने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। गर्मी में तापमान में वृद्धि के कारण लू लगने की आशंका रहती है, जो कि शरीर के लिए खतरनाक एवं जानलेवा हो सकता है। लू के कारण शरीर में नमक व पानी की कमी और पसीने लगातार निकलने से शरीर में गर्मी बढ़ जाती है। सिर में भारीपन और दर्द, तेज बुखार के साथ मुंह का सूखना, चक्कर और उल्टी आना, कमजोरी और शरीर में दर्द, शरीर का तापमान अधिक होने पर भी पसीना नहीं निकलना, अधिक प्यास लगना और पेशाब कम आना, भूख कम लगना आदि लक्षण दिखाई देने लगते हैं।स्वास्थ्य विभाग के निर्देश के अनुसार लू से बचाव के लिए धूप में कम से कम निकलें। यदि बहुत आवश्यक हो तो सिर व कानों को कपड़े से अच्छी तरह बांधकर ही बाहर निकलें। लू से बचने के लिए ज्यादा से ज्यादा मात्रा में पानी पिएं और नरम, मुलायम और सूती कपड़े पहने। लू के लक्षण होने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्रों में चिकित्सक की सलाह लें।
: विभागीय परीक्षा 05 से 13 अगस्त तक...
Fri, May 24, 2024
सौरभ द्विवेदी
सूरजपुर.
विभागीय परीक्षा 05 अगस्त से 13 अगस्त तक की तिथि का निर्धारण किया गया है। जिसमें डिप्टी कलेक्टर, जिला कार्यालय प्रमुख के साथ-साथ विभिन्न संबंधित विभाग के अधिकारी व कर्मचारी सम्मिलित हो सकते है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजातियों के उम्मीदवारों को उत्तीर्ण होने के लिए 10 प्रतिशत अंकों तक छूट दिये जाने का प्रावधान है। तत्संबंध में ऐसे परीक्षार्थी अपना जाति प्रमाण पत्र भी आवेदन के साथ उपलब्ध करायेंगे। परीक्षा में बैठने के इच्छुक अधिकारी व कर्मचारी की सूची 20 जून 2024 तक जिला कार्यालय स्थापना शाखा में उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें ताकि संकलित सूची आयुक्त सरगुजा संभाग अंबिकापुर प्रेषित किया जा सकें।
: बाल विवाह को रोकने प्रशासन का करें सहयोग...
Fri, May 24, 2024
सौरभ द्विवेदी
सूरजपुर.
बाल विवाह एक सामाजिक बुराई है। इसकी रोकथाम के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा, तभी समाज इस बीमारी से मुक्त हो सकेगा। बाल विवाह रोकने के लिए सभी विभागों के साथ-साथ आमजन को सजगता से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना होगा। इसके लिए वार्ड स्तर पर टीमें गठित करनी चाहिए। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 को एक नवम्बर 2007 से लागू किया गया। इसमें बाल विवाह करना या करवाना संज्ञेय और गैर जमानती अपराध है। जो माता-पिता अपने पुत्र पुत्रियों का बाल विवाह करवाते है तो उन्हें 2 वर्ष का कारावास व 1 लाख रुपयों का दंड देने का प्रावधान है। बाल विवाह कानूनी जुर्म और अपराध है। लड़का और लड़की की सही उम्र होने के बाद ही शादी करें अगर कोई भी व्यक्ति बाल विवाह में सहयोग करते हैं या प्रोत्साहन देता है तो उसे कठोर से कठोर सजा दी जा सकती है। बाल विवाह से परिवार में बहुत सारी हानियां भी होती है, जिसमें कम उम्र में बच्ची का मां बनना, शारीरिक और मानसिक विकास का न होना, छोटी-छोटी बातों पर घर में लड़ाई-झगड़े होना आदि परेशानियों का सामना करना पड़ता है।