: गर्मी में पशुओं के रखरखाओ के लिए पशुपालको को दिए गए सुझाव...
Thu, May 9, 2024
सौरभ द्विवेदी
सूरजपुर. छत्तीसगढ़ राज्य में भीषण गर्मी की स्थिति में प्रतिदिन दोपहर 12:00 बजे से 3:00 बजे के बीच तापमान 37.C (डिग्री सेल्सियस) से अधिक निरंतर बना रहता है। इस दौरान पशुओं पर सामग्री रखकर या सवारी हेतु उपयोग करने से अथवा पशुओं को टांगे/बैलगाड़ी / भैसागाड़ी/ऊटगाड़ी/खच्चर/ट्टटू गाड़ी एवं गधे पर वनज ढोने के उपयोग करने से पशु बीमार हो सकते है अथवा उनकी मृत्यु हो सकती है। पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण "परिवहन एवं कृषि पशुओं पर क्रूरता का निवारण नियम 1965" के नियम 6(3) (छायाप्रति संलग्न) के अनुसार जिन क्षेत्रों में तापमान 37.C से अधिक रहता है, उन क्षेत्रों में दोपहर 12:00 बजे से 3:00 बजे के बीच ऐसे पशुओं का उपयोग प्रतिबंधित किया गया है। पशुपालको के लिए पशुओं को गर्मी/लू से बचाव के लिए दिए गए दिशानिर्देश| पशु गृह में हवा का मुक्त आवागमन सुनिश्चित कर पशुओं की सीधी धूप से बचाने के लिए पशुशाला के मुख्य द्वार पर खस (खसखस) या जूट की बोरियों के परदे लगाना चाहिए। पशुओं को गर्मी से बचाने के लिए पशुशाला में पंखे, कूलर और स्प्रिंकलर सिस्टम लगाये जा सकते है। यह दुधारू पशुओं के लिए उपयुक्त है। पर्याप्त स्वच्छ पेयजल हमेशा उपलब्ध होना चाहिए। पीने के पानी को छाव में रखना चाहिए। पानी और पानी के कुड़ो को हमेशा साफ रखें। पानी के कुड़ो को नियमित रूप से चूने से सफाई करनी चाहिए। पशुओं को कार्बोहाईड्रेट युक्त भोजन जैसे आटा, रोटी, चावल आदि न खिलाए। संतुलित आहार के लिए अनाज और चारा का अनुपात 40:60 रखें। गर्मियों के दौरान उगाई जाने वाली ज्वार में जहरीले पदार्थ हो सकते है, जो जानवरो के लिए हानिकारक को सकते है। इसलिए वर्षा के अभाव में ज्वार की फसल को पशुओं को खिलाने से पहले 2-3 बार सिंचाई कर दें। पशुओं के बरसात के मौसमी बीमारियों की रोकथाम हेतु गर्मी में एच.एस., एफ.एम.डी. बी.क्यू. आदि के टीके लगवाने चाहिए। पशुगृह के खुले क्षेत्र के आसपास छायादार पेड़ लगाये, जो तापमान को कम करने में सहायक होते है। ग्राम पंचायतों/नगरीय निकायों को अपने क्षेत्र के गौशाला / कांजीहाउस / गौठानों में चारे की पर्याप्त उपलब्धता तथा पशुओं हेतु पेयजल की उपलब्धता स्थानीय निकाय से समन्वय बनाकर सुनिश्चित करना चाहिए। गौशालाओं / पशु चिकित्सा संस्थानों में जीवन रक्षक औषधी का भण्डारण सुनिश्चित हों। • पशुओं में लू लगने पर पशु चिकित्सक से परामर्श लें।
: अक्षय तृतीया में बाल विवाह रोकने जिला प्रशासन अलर्ट...
Thu, May 9, 2024
सौरभ द्विवेदी
सूरजपुर. अक्षय तृतीया को बिना मुहुर्त के विवाह करने की परंपरा को देखते हुए जिला कलेक्टर रोहित व्यास ने महिला एवं बाल विकास विभाग सहित सभी मैदानी प्रशासनिक तन्त्र को बाल विवाह नही होने देने हेतु सख्त निर्देश दिये हैं। जिसके लिए उड़न दस्ता टीम को अक्षय तृतीया के दिन होने वाले विवाहो की जांच करने और बाल विवाह होने की स्थिति मे तत्काल रोकने को कहा है, पूर्व में कलेक्टर द्वारा राम नवमी और अक्षय तृतीया हेतु विशेष उड़न दस्ता का गठन विकासखण्ड वार किया गया है, जिसमें समस्त तहसीलदार/नायब तहसीलदार, समस्त परियोजना अधिकारी संयोजक, थाना प्रभारी / चौकी प्रभारी, जिला बाल संरक्षण ईकाई के अधिकारी कर्मचारी, चाईल्ड लाईन के सदस्य, समस्त पर्यवेक्षक क्षेत्र के सरपंच/सचिव एवं क्षेत्र के आंगनबाडी कार्यकर्ता को सदस्य बनाया गया है।जिला बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जायसवाल ने बताया कि पिछले रामनवमी के आस पास के मुहुर्त में जिले में 42 बाल विवाह रोक दिये गये हैं। इसके अतिरिक्त 4 बाल विवाह हो जाने के कारण । प्रकरण में अपराध पंजी बद्ध कर दिया गया है और 3 प्रकरण में अपराध पंजीबद्ध करने हेतु सम्बन्धित थानों में प्रतिवेदन दे दिया गया है, बहुत जल्द उक्त तीनों प्रकरण में भी अपराध पंजीबद्ध हो जायेगा। जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने बताया कि पूर्व मे रोके गये बाल विवाहों का फॉलो अप लिया जायेगा और जो भी बाल विवाह सम्पन्न होने की जानकारी मिलेगी सभी में बाल विवाह प्रतिरोध अधिनियम के अन्तर्गत अपराध पंजीबद्ध किया जायेगा। बाल विवाह प्रतिशोध अधिनियम 2006 के अनुसार यदि कोई बाल विवाह करता है, अनुमति देता है, सहयोग करता है, या सम्मलित होता है तो सभी के उपर अपराध पंजीबद्ध होगा और सभी के उपर अधिनियम के अनुसार कार्यवाही की जायेगी। उन्होने जिले वासियो से, समाज प्रमुखो से अपील किया है कि जिले को बाल विवाह मुक्त जिला बनाने में प्रशासन का सहयोग करें।
: आकाशीय बिजली की चपेट में आने से पति की मौत पत्नी घायल...
Wed, May 8, 2024
सौरभ द्विवेदी
सूरजपुर. जिले में मौसम का मिजाज बिगड़ने से इसका खासा असर देखने को मिला। तेज आंधी बारिश के साथ आसमानी कहर का प्रकोप से एक दंपति पर पड़ा जिससे पति की मौके पर ही मौत हो गई तो वही पत्नी गंभीर रूप से झुलस गई है जिसका इलाज किया जा रहा है। घटना जिले ओड़गी ब्लाक के मसनकी ग्राम की है जहाँ निवासी राम नरेश 30 वर्ष पत्नी सीता सहित समीप के जंगल मे जलाऊ लकड़ी गए हुए थे इसी दौरान तेज आंधी बारिश के साथ आकाशीय बिजली तड़कने लगी। दोनों किसी तरह नदी पार घर पहुचाते तभी उनके उनपर आसमानी टूट पड़ा जिससे पति राम नरेश की मौत हो गई तो वही पत्नी झुलस कर गंभीर रूप से घायल हो गई । जिसे अस्पताल लाया गया जहा पर उपचार जारी है।