: तेंदूपत्ता नाम पर काट डाली हजारों हरे भरे पेड़...
Admin
Sat, Jun 3, 2023
बिहारपुर. चांदनी बिहारपुर क्षेत्र के नेशनल पार्क में तेंदूपत्ता नाम पर ग्रामीणों काट डाली हजारों हरे भरे पेड़. तेंदूपत्ते के लिए अभी भी सीमावर्ती क्षेत्र के ग्रामीण तेंदु के पेड़ों को काट रहे . जंगलों में जगह-जगह पेड़ों के ठूंठ नजर आ रही है.छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश सीमा से लगे बिहारपुर, अन्तिकापुर कोल्हुआ महुली खोहीर रामगढ़ उमझर रसोकी बैजनपाठ लुल कछवारी जूडवनिया मोहरसोप चोगा करौटी बिहारपुर क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गावों में ग्रामीण तेंदूपत्ते का संग्रहण करते हैं. इस बार जंगल में आग लगने से तेंदू के छोटे पेड़ तो जलकर खाख हो गए तो वही ग्रामीणों ने गुरूघासी दास नेशनल पार्क के प्रतिबंधित जंगल में लगे विशालकाय तेंदू के हरेभरे पेड़ को काट कर भारी मात्रा में में तेंदूपता एकत्र की है. जिससे जंगल में जगह-जगह पेड़ों के ठूंठ नजर आ रहे है. गौरतलब है कि क्षेत्र के जंगलों में तेंदूपत्ता का विपुल उत्पादन होता है लेकिन अप्रैल एवं मई के प्रारंभ में कई बार बेमौसम बारिश होने के कारण तेंदूपत्ता की गुणवत्ता खराब हो गई. छोटे-छोटे पौधों के पत्ते दानायुक्त एवं छोटे होने के कारण अनुपयोगी हो गए हैं लिहाजा ग्रामीण पत्तों के लिए जंगलों में स्थित तेंदू के हरे-भरे पेड़ों की बलि चढ़ा रहे हैं। ग्रामीण पूर्व में भी तेंदू के पेड़ों के पत्ते तोड़ते थे। ग्रामीण पत्तों के लिए पेड़ों की डालियां भी काटते थे लेकिन इस बार जंगल के छोटे पौधों से गुणवत्तायुक्त पत्ते उपलब्ध नहीं होने के कारण ग्रामीण धड़ल्ले से तेंदू के विशाल पेड़ों काट डाले यहाँ तक कि गुरूघासी दास नेशनल पार्क के प्रतिबंधित जंगल तक को नहीं छोड़ा है तथा पार्क के हजारों हरे पेड़ों को काट डाला है। वन विभाग रामगढ़, रसोकी बैजनपाठ लुल कछवारी जूडवनिया मोहरसोप चोगा करौटी उमझर सहित आसपास के वनों में पेड़ों की ठूंठ नजर आ रहे है। सर्वाधिक पेड़ों कछवारी जंगल में कटे हैं। बिहारपुर रेंजर मेवालाल पटेल से बात करने की कोशिश की गई तो उनका मोबाइल बंद होने से बात नहीं हो पाई.

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