: बहरादेव हाथी का उत्पात...कई घर तोड़े,फसल किये बर्बाद...ग्रामीण कर रहे रतजगा...
Admin
Tue, Dec 19, 2023
बिहारपुर. जिले के दूरस्थ पहाड़ी व वनांचल क्षेत्र चांदनी- बिहारपुर क्षेत्र में जंगली हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है। आये दिन हाथी रिहायशी क्षेत्रों में पहुंच रहे हैं और ग्रामीणों के घरों को ढहाने के साथ घरों में रखे अनाजों को भी खाकर चट कर दे रहे हैं। इसके साथ ही हाथी किसानों के खड़ी फसलों को भी क्षति पहुंचा रहे हैं। क्षेत्र में बीते रात्रि एक बार फिर से बहरादेव हाथी क्षेत्र में लगातार विचरण करने के साथ ग्रामीणों के घरों को ढहा रहा है वहीं फसलों को भी खा व रौंदकर चौपट कर दे रहा है। जिससे ग्रामीणों में दहशत व भय का वातावरण बना हुआ है। कड़ाके की ठंडी के मौसम में ग्रामीण जंगली हाथी के कारण रतजगा करने के लिए भी मजबूर हो रहे हैं। उल्लेखनीय है कि बहादेव हाथी क्षेत्र के मोहरसोप, कछिया, नवडीहा में बीते रात्रि ही जंगली हाथी बस्ती की ओर रूख करता है और मकानों को तोड़ घरों में रखे अनाजों को खाकर चट करने के साथ बाड़ी व खेतों में लगे सरसों, अरहर सहित अन्य फसलों को भी खा व रौंदकर नुकसान पहुंचा रहा है। जिससे किसानों को आर्थिक रूप से भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि हाथी प्रभावित क्षेत्र ग्राम मोहरसोप,कछिया, नवाडीह वन क्षेत्र से लगा हुआ गाँव है। जहां पिछले 5 वर्षों से लगातार हाथियों का आना-जाना लगा हुआ है। हाथी यहां कभी भी आ धमकते हैं और उनके घरों को तोड़ने के साथ फसलों को भी क्षति पहुंचाते हैं। जिससे उन्हें आये दिन जान व माल का खतरा बना रहता है। गौरतलब है कि बीते रात्रि बहरादेव हाथी ग्राम पंचायत कछिया में फुलकुंवर सिंह पती अनरूद्ध वही दुसरा ग्राम पंचायत मोहरसोप के श्याम कार्तिक यादव पिता लक्षमन यादव ग्रामीण के घर को तोड़कर उन्हें बेघर कर दिया एवं घर में रखें अनाज को खाकर चैट कर दिया है। यह वही बहरादेव हाथी है जो बीते वर्ष दो बार पुलिस चौकी मोहरसोप में भी धावा बोल पुलिस की नींद हराम कर दिया था। शाम होते ही हाथी गांव की ओर पहुंचता है और आतंक मचाना शुरू कर देता है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि ग्राम पंचायत मोहरसोप में गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान का मैदानी अमला पूरी तरह से उदासीन है और हाथियों को रिहायशी क्षेत्र से दूर भगाने के लिए कोई पहल नहीं किया जा रहा है। उनका यह भी कहना है कि वे क्षेत्र में हाथी आने पर इसकी सूचना तत्काल गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान के मैदानी अमले को देते हैं, लेकिन इस ओर वे कोई कारगर पहल नहीं करते हैं। बहरहाल ग्रामीणों ने आतंक का पर्याय बने बहरादेव हाथी को पकड़कर रेस्क्यू सेंटर भेजने की गुहार लगाई है।

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