: विकास का केन्द्र बिंदु कहे जाने वाले पंचायत भवन हुआ जर्जर…कागजों पर ही होती है बैठक….
Admin
Wed, Sep 22, 2021
पप्पु जायसवाल
बिहारपुर. गाँवों और ग्रामीणों की दशा सुधारने के लिए सरकार हर ग्राम पंचायत में ऐसे भवनों का निर्माण करवाती है, जहां ग्रामीण और पंचायत प्रतिनिधि गाँवों की समस्या और विकास के मुद्दों पर सभा का आयोजन कर उसके निवारण की रूपरेखा बनवाई जाती है. मगर जिले में ऐसे भी ग्राम पंचायत भवन है जो जर्जर हो गए हैं. जिले के दुर अंचल बिहारपुर चादनी क्षेत्र के महुली का पंचायत भवन जर्जर हो गया है कुछ महिनो पहले पंचायत भवन का रंगरोगन कर इसे बाहर से चमका दिया गया था लेकिन अंदर का हाल बहुत ही खराब है छतो की सीमेंट टुट कर गिर गई है प्लाटर जगह जगह से उखड गई है छतो सहित दिवारो में दरारें हो गई है लिहाजा पंचायत भवन का हाल देखते हुये पंचायत प्रतिनिधि इसे बंद ही रखते है और किसी तरह की कोई बैठक नही किया जा रहा है. अत्यंत जर्जर जोखिम बना पंचायत भवन की परिस्थिति देखते हुये पंचायत प्रतिनिधि लाचार बेबस है जबकि कई बार नया पंचायत भवन बनाने के लिये आवेदन भी दिये, ना तो नया पंचायत भवन की स्वीकृति हुई ना ही इस ओर किसी तरह पहल किया गया. गांव के ग्रामीण बताते है प्रत्येक साल जर्जर पंचायत भवन रिपेरिंग के नाम से पैसे का आहरण किया जा रहा है. अपने हाल की दुदर्शा बया करता पंचायत भवन आज अपने खुद के विकास की बाट जो रहा है.
ग्रामीण बताते हैं हाल
ग्रामीण अशोक जायसवाल बताते हैं बहुत पहले गाँव मे होने वाली बैठकें इसी भवन में आयोजित की जाती थी, अब भवन जर्जर हो गया है अब तो कोई इसकी ओर देखने वाला नहीं है दीवार कई जगह टूट चुकी, छतो के प्लास्टर उखड गये है इस समय पंचायत भवन की दशा बहुत खराब हो गई है. सडको हाल खराब है दो तीन फीट गडढे हो गये है यहां पर बैठक के नाम पर सिर्फ मजाक होता है सिर्फ कागजों पर ही बैठक होती है.
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