: बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था के मध्य मासूम ने तोड़ा दम तो थाना प्रभारी ने रहम दिल का परिचय देकर की परिजनों की मदद
Admin
Thu, Jul 26, 2018
शमरोज खान
कोरिया/बैकुण्ठपुर- कोरिया जिले मे स्वास्थ्य सुविधाओं का हाल बेहाल है। जिससे जिले के जिम्मेदार अधिकारी या जनप्रतिनिधि भी इस सच्चाई से इंकार नहीं कर सकते। जिले के पटना अस्पताल के ताजे मामले मे पटना स्वास्थय मे उपचार के दौरान 12 वर्षीय बालक की मृत्यु हो जाने के पश्चात सोशल मीडिया में तरह तरह की अफवाहें फैलने के बाद पुलिस प्रशासन ने मृत बालक का अंतिम संस्कार रुकवा कर शव का पोस्टमार्टम कराया है। हैरानी की बात तो यह है कि मृतक के परिजनों ने किसी भी प्रकार का कोई आरोप अस्पताल या चिकित्सक पर लापरवाही का नहीं लगाया है। पूरे मामले में सबसे अच्छी बात यह रही है कि थाना प्रभारी ने पीड़ित गरीब परिवार को नगद आर्थिक सहायता राशि भी प्रदान की है।
इस पूरे मामले में मिली जानकारी के अनुसार पटना थाना अंतर्गत टेमरी निवासी अखिलेश पिता शंभू उम्र 12 वर्ष की कई दिनों से तबीयत खराब रहने की वजह से उसके परिजन बुधवार की रात्रि उपचार के लिए पटना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इस संबंध में जब चिकित्सकों से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि जब बच्चा घर में बीमार था तब उसके परिजनों ने उसे ऐसी दवाई दी जो बच्चे के लिए प्रतिबंधित रही । बच्चे की मौत के बाद उसके परिजन उसे अपने घर ले गए और अंतिम संस्कार की तैयारी करने लगे। इसी बीच सोशल मीडिया में कुछ लोग चिकित्सकों पर लापरवाही व गलत दवा देकर इलाज करने का आरोप लगने लगे। जिस की जानकारी मिलने पर थाना प्रभारी आनंद सोनी फौरन मृतक के घर पहुंचे और उन्होंने उसका अंतिम संस्कार रुकवा दिया। इसके बाद पुलिस गाड़ी में ही बच्चे के शव को लेकर बैकुंठपुर जिला चिकित्सालय लाया गया और उसका पोस्टमार्टम कराया गया। जब थाना प्रभारी आनंद सोनी मृतक के घर पहुंचे और उन्होंने उसकी गरीबी हालत देखी तो उनका दिल पसीज गया और उन्होंने नगद राशि देकर उसके अंतिम संस्कार के लिए सहायता भी प्रदान कर दी। उल्लेखनीय थाना प्रभारी आनंद सोनी अपनी सहृदयता के लिए जाने जाते हैं।
इस पूरे मामले में मिली जानकारी के अनुसार पटना थाना अंतर्गत टेमरी निवासी अखिलेश पिता शंभू उम्र 12 वर्ष की कई दिनों से तबीयत खराब रहने की वजह से उसके परिजन बुधवार की रात्रि उपचार के लिए पटना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इस संबंध में जब चिकित्सकों से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि जब बच्चा घर में बीमार था तब उसके परिजनों ने उसे ऐसी दवाई दी जो बच्चे के लिए प्रतिबंधित रही । बच्चे की मौत के बाद उसके परिजन उसे अपने घर ले गए और अंतिम संस्कार की तैयारी करने लगे। इसी बीच सोशल मीडिया में कुछ लोग चिकित्सकों पर लापरवाही व गलत दवा देकर इलाज करने का आरोप लगने लगे। जिस की जानकारी मिलने पर थाना प्रभारी आनंद सोनी फौरन मृतक के घर पहुंचे और उन्होंने उसका अंतिम संस्कार रुकवा दिया। इसके बाद पुलिस गाड़ी में ही बच्चे के शव को लेकर बैकुंठपुर जिला चिकित्सालय लाया गया और उसका पोस्टमार्टम कराया गया। जब थाना प्रभारी आनंद सोनी मृतक के घर पहुंचे और उन्होंने उसकी गरीबी हालत देखी तो उनका दिल पसीज गया और उन्होंने नगद राशि देकर उसके अंतिम संस्कार के लिए सहायता भी प्रदान कर दी। उल्लेखनीय थाना प्रभारी आनंद सोनी अपनी सहृदयता के लिए जाने जाते हैं।विज्ञापन
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