: शेड विहीन प्लेटफार्म से यात्री हो रहे परेशान
Wed, Aug 1, 2018
शमरोज खान
कोरिया/मनेन्द्रगढ़-
नगर में स्थित रेलवे स्टेशन में मूलभूत सुविधाओं के अभाव के चलते वर्षाकाल में आवागमन करने वाले लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। अव्यवस्था का यह आलम लंबे समय से बना हुआ है। लेकिन पता नही क्यों दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर के अधिकारी इस ओर कोई ध्यान ही नही दे रहे हैं जिससे समस्यायें दिन ब दिन बढ़ती ही जा रहीं हैं।
नये प्लेटफार्म में समस्यायें पुरानी
वर्षो की मांग के बाद रेलवे द्वारा प्लेटफार्म क्र. २ का निर्माण कराया गया। लोगों ने सोचा था कि उक्त प्लेटफार्म सर्वसुविधा युक्त होगा। लेकिन सुविधा के नाम पर वहां कुछ भी दिखाई नही देने पर उन्हें बेहद निराशा हुई। रेलवे द्वारा लंबा चौड़ा प्लेटफार्म बना तो दिया गया लेकिन उसमें दो शेड लगाकर छोड़ दिया गया जिसके चलते लोगों को काफी दिक्कत हो रही है।
रेलपात में उतरते हैं यात्री
कुछ ऐसा ही आलम प्लेटफार्म क्र.१ में देखने को मिलता है जहां उत्तरोत्तर विकास की बात कहने वाले रेलवे अधिकारियों से क्षेत्र के लोगों ने कई बार प्लेटफार्म के विस्तार की मांग की लेकिन उनकी मांग नक्कारखाने में तूती ही साबित हुई। प्लेटफार्म का विस्तार न होने के कारण ५-६ बोगियों के यात्रियों को सीधे रेलपात के बीच उतरना पड़ता है। सबसे अधिक असुविधा बुजुर्गो और बच्चों को होती है। प्लेटफार्म विहीन क्षेत्र में उतरने के कारण लोग कई बार चोटिल भी हो चुके हैं लेकिन इसके बाद भी रेलवे के अधिकारी मौन साधे बैठे हैं। जब शेड ही नही हैं तो बैठक व्यवस्था की बात करना बेमानी है। प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में यात्री प्लेटफार्म पहुंचते हैं लेकिन उनके बैठने की कोई व्यवस्था नहीं है।
: रेलवे परिक्षेत्र में गाजर घास से बढी़ अव्यवस्था
Wed, Aug 1, 2018
शमरोज खान
कोरिया/मनेन्द्रगढ़-
मनेन्द्रगढ़ रेलवे परिक्षेत्र में इन दिनों व्याप्त गंद्गी के कारण कलोनी में रहने वाले लोगों का जीना मुहाल है। वार्ड में जहां एक ओर गाजर घास के कारण लोग तरह तरह की बीमारियों की चपेट में हैं वहीं बच्चों के लिये बनाया गया पार्क में भी पूरी तरह से गाजर घास लगी हुई है जिसके चलते बच्चें खेल भी नही पा रहे हैं। वहीं कलोनी में ऐसी कोई जगह नही बची जहां गाजर घास न लगी हो जिससे कलोनीवासियों का जन जीवन अस्त व्यस्त है। मनेन्द्रगढ़ के रेलवे परिक्षेत्र में बनी आवासीय कलोनियों में रहने वाले लोग इस दिनों गाजर घास के कारण बुरी तरह त्रस्त हैं। रेलवे परिक्षेत्र में मनेन्द्रगढ़ शहर का एकमात्र केन्द्रीय विद्यालय संचालित होता है लेकिन दुर्भाग्य का विषय है कि जिस मार्ग से होकर रेलवे एवं शहर के छात्र छात्राएं स्कूल के लिये जाते हैं उसमें चारों तरफ गाजर घास का कब्जा है। गाजर घास मुख्य मार्ग के आसपास इस कदर बढ़ चुकी है कि कलोनी में सड़क दिखाई ही नही देती। रेलवे परिक्षेत्र में ही विशालकाय खेल मैदान है जहां समय समय पर अखिल भारतीय स्तर के फुटबल एवं क्रिकेट प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं। वहीं इस खेल मैदान में प्रतिदिन खिलाड़ी आकर अपना अभ्यास करते हैं। दुर्भाग्य है कि जिस स्थान पर इतना विशालकाय खेल का मैदान है उसके चारों ओर गाजर घास लगी हुई है जिससे खिलाड़ियों को काफी असुविधा होती है। इस बारे में वार्ड के लोगों ने कई बार रेलवे के उच्चाधिकारियों का ध्यानाकर्षण कराया लेकिन कोई सार्थक पहल नही की जा रही।
: शावक के इलाज के लिए जब पहुंची डॉक्टरों की टीम उससे पहले हाथी उठा ले गये अपने शावक को
Mon, Jul 30, 2018
शमरोज खान
कोरिया/बैकुण्ठपुर-
बहरासी वनपरिक्षेत्र के बाहीडोल जंगल में हाथी का शावक बीमार पड़ गया था। उसके इलाज के लिए वन्य प्राणी विशषेज्ञ व वेटनरी डॉक्टर्स की टीम पहुंची थी। इसी बीच को हाथियों का दल शावक को लेकर भाग निकले। लोनर्स दल के चार हाथी बीमार शावक को धीरे-धीरे चलाते हुए धक्का मारकर करीब 5-6 किलोमीटर चले गए। मामले में विशेषज्ञों की टीम हाथी दल से करीब 300 मीटर दूर खड़े होकर शावक को अकेला छोडऩे का इंतजार कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार पांच सदस्यीय लोनर्स हाथियों का दल पिछले एक सप्ताह से केल्हारी-बहरासी वनपरिक्षेत्र में डटा था। इस दौरान बहरासी के बाहीडोल जंगल में शावक अचानक बीमार पड़ गया था और रविवार को दिनभर एक हाथी शावक को उठाने की कोशिश में लगा था। लेकिन शावक चलने-फिरने लायक नहीं था और जंगल में ही लेटा था।
शावक के बीमार पडऩे की सूचना मिलने के बाद बिलासपुर-अंबिकापुर से एक्सपर्ट टीम घटना स्थल पर पहुंची थी, लेकिन शावक को अकेला नहीं छोडऩे के कारण इलाज नहीं कर पाए। इसी बीच रविवार की रात करीब -9 बजे हाथी दल के अन्य सदस्य पहुंचे और शावक को धीरे-धीरे चलाकर व धक्का मारकर करीब 5-6 किलोमीटर दूर चले गए हैं। वर्तमान में हाथी का दल भगवानपुर चांगदेवी मंदिर के नजदीक पहुंच चुका है। स्थानीय वन अमला का कहना है कि सोमवार को शावक भी चलता-फिरता नजर आया है। हालांकि एक्सपर्ट टीम हाथी दल से करीब 300 मीटर दूर रहकर निगरानी कर रही है।
हवाई फायर-अतिरिक्त बल की अनुमति मांगी
मनेंद्रगढ़ वनमण्डल के बहरासी, कुवांरपुर सहित तीन वनपरिक्षेत्र की टीम पिछले तीन दिन से लगातार निगरानी कर रही है। सोमवार की सुबह एक्सपर्ट की टीम हाथी दल के पीछे-पीछे चलकर दल के नजदीक पहुंचने की कोशिश कर रही थी। इस दौरान एक्सपर्ट टीम ने दल के अन्य हाथी को भगाने हवाई फायर व सुरक्षा के लिहाज से अतिरिक्त बल की मांग की थी ताकि दल के अन्य हाथी को शावक से दूर भगाया जाए। वर्तमान में हाथी का दल चांगदेवी मंदिर के समीप जंगल में विचरण कर रहा है और शावक के स्वस्थ नजर आने की जानकारी मिली है।
डाक्टर्स की टीम ड्रोन कैमरा, सर्च लाइट लेकर हुई थी रवाना
मनेंद्रगढ़ वनमण्डल से वाइल्ड लाइफ विशेषज्ञ व वेटनरी की टीम रविवार शाम को ड्रोन कैमरा, सर्च लाइट, जनलेटर सहित अन्य सामग्री-किट लेकर बहरासी रवाना हुई थी। इस दौरान बहरासी में पहुंचकर शावक को अकेला छोडऩे का इंतजार कर रहे थे लेकिन हाथी का दल शावक को लेकर काफी दूर निकल गए थे। तीन वनपरिक्षेत्र की टीम, रेस्क्यू टीम तीसरे दिन लगातार निगरानी करने पीछे-पीछे चल रही है और हाथी दल की हरकत की बारीकियां जांच रही है। वहीं आस-पास के ग्रामीणों को हाथी दल से दूर रहने की समझाइश देने में जुटे हैं।