: विक्षिप्त महिला को भेजा सखी सेंटर..पटना थाना प्रभारी की पहल पर
Sun, Jul 29, 2018
शमरोज खान
बैकुण्ठपुर-वाकई कोरिया जिले में पुलिसिंग व्यवस्था काबिले तारीफ है। खासकर पूर्णिया जिले के पटना थाना में थाना प्रभारी आनंद सोनी कि मानवता और संवेदनशीलता की वजह से पूरी टीम काफी अच्छा कार्य कर रही है अभी हाल ही में एक मासूम बच्चे की मौत के बाद उसके परिवार जनों को आर्थिक मदद करने के बाद आज जैसे ही थाना प्रभारी आनंद सोनी को पता चला कि एक विक्षिप्त महिला लावारिस रूप से ग्राम मुरमा के आंगनबाड़ी केंद्र के पास घूम रही है और उन्होंने किसी अनहोनी की आशंका के साथ पुलिस गाड़ी भेज कर उस महिला को तत्काल रेस्क्यू कर बैकुंठपुर में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर में भेज दिया गया। जहाँ उस महिला को आश्रय दिया गया है। उल्लेखनीय है कि कोरिया जिले में महिला बाल विकास द्वारा संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर काफी अच्छा कार्य कर रहा है। यहां पीड़ित महिलाओं की काउंसलिंग कर उन्हें न्याय दिलाने की पहल की जाती है। इसके अलावा सखी सेंटर में महिलाओं को आश्रय देने की व्यवस्था है । जहां उनके रुकने, खाने, मेडिकल व विधिक सहायता सहित अनेक सुविधाएं दी जाती हैं।
: जनता के हित में काम करना सौभाग्य की बात- श्याम बिहारी
Sat, Jul 28, 2018
शमरोज खान
कोरिया/बैकुण्ठपुर-
मनेंद्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक, ग्रामीणों के सुख-दुख के साथी श्याम बिहारी जायसवाल की उपस्थिति में खड़गवां जनपद के ग्राम पंचायत कटकोना हाई स्कूल प्रांगण में 7 पंचायतों के हितग्राहियों को श्रम विभाग द्वारा सिलाई मशीन, सायकल, टूल किट समेत 21 ग्रामीणों को पट्टा का वितरण किया गया। वहीं ग्राम पंचायत कटकोना, जरौंधा, सकड़ा, पैनारी, धवलपुर, उधनापुर, कौडीमार के हितग्राहियों को 107 नग सिलाई मशीन और 358 टूल किट का वितरण किया गया।
इस दौरान विधायक श्याम बिहारी जायसवाल ने ग्रामीणजनों को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे बहुत खुशी होती है कि हमने एक ऐसी सरकार बनाये जो आम जनता के लिए काम करे और उस भाजपा की सरकार को बनाने में आप सभी ने अपना अमूल्य योगदान दिया है। छत्तीसगढ़ के मुखिया डॉ रमन सिंह व श्रम मंत्री भईयालाल राजवाडे ने श्रमिकों की चिंता करते हुए उनके परिवार के लोगों के लिए नित नई-नई योजना लागू कर प्रदेश के समस्त दूर-दराज के क्षेत्रों तक पहुंचाने का काम किया है। सिलाई मशीन जिन हितग्राहियों को मिल रहा है उन घरों में सिलाई का काम करके अपनी आजीविका चलाने के लिए बेहतर कार्य कर सकेंगी। यह बहुत ही हर्ष की बात है कि भाजपा सरकार ने गांव गरीब किसानों के जनकल्याण के क्षेत्र में निरंतर कार्य किया। जिसका परिणाम है कि खड़गवां का यह आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र अब उन्नति और प्रगति के मार्ग पर प्रशस्त हो चुका है। कटकोना में हाईस्कूल का निर्माण इस क्षेत्र के बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए किया गया जिसका लाभ यहां के बच्चों को मिल रहा है। जो पहले देवाडांड पढ़ाई करने के लिए जाया करते थे अब अपने गांव में ही हाई स्कूल खुलने से आसानी से अध्ययन कर पा रहे है। वहीं दूसरी ओर देवाडांड खड़गवां जाने के लिए मुख्य मार्ग पर बुधरा नदी पर रपटा पुल होने के कारण दशकों से यहां के लोगों को पुल पर पानी आने से आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। अब उस रपटा पुल के बगल में नया उच्चस्तरीय पुल साढ़े 3 करोड़ की लागत से बन रहा है। यह सभी कार्य विपक्षियों को कभी नजर नहीं आते जबकि यह आम जनसुविधा के लिए सबसे जरूरी कार्य है। सायकल वितरण समारोह कर्यक्रम में भाजपा मंडल अध्यक्ष धनंजय पाण्डेय, श्रम पदाधिकारी पायल शर्मा, सरपंच पैनारी प्रभा सिंह, पवन सिंह नेटी, प्रेमनारायण सिंह, हीरा सिंह, भाजयुमो मंडल अध्यक्ष लालबहादुर सिंह, मंत्री रामलाल साहू, मुकेश कुमार, संदीप प्रजापति, सुशांत डाकुआ, अर्जुन सिंह, राजेश्वर साहू, पटवारी सालिंद यादव समेत बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
: इकलौते नगर निगम के लोग भय व दहशत के साय मे जीनें को मजबूर
Sat, Jul 28, 2018
शमरोज खान
कोरिया/बैकुण्ठपुर.
जिले के चिरमिरी नगर निगम क्षेत्र में रहने वाले लोग भय और दहशत के साये में जीने को मजबूर हैं। यहां भूमिगत खदानों से निकलने वाली जहरीली गैस लोगों को कई प्रकार की बीमारियां दे रही हैं तो वहीं कई स्थानों पर कोयले की सीम में लगी आग से लोग दहशत में हैं कि कब पूरी चिरमिरी मलबे के ढेर में तब्दील हो जायें। एसईसीएल द्वारा संचालित खदानों में लगी आग को बुझाने के लिये कोई ठोस पहल नही की जा रही है। जिससे यहां के रहवासियों में काफी गुस्सा है। इन सबके अलावा यहां के लोगों को विस्थापन का भय भी हमेशा बना रहता है।
नगर निगम चिरमिरी क्षेत्र में लगभग ७० हजार से अधिक की आबादी निवास करती है वहां बीते कई दशकों से कोयले का उत्खनन किया जा रहा है। जिन भूमिगत खदानों में कोयले का उत्खन्न कर लिया जाता है नियमानुसार उन खदानों में मिट्टी फिलिंग कर उसे बंद करने की जिम्मेदारी एसईसीएल प्रबंधन की होती है। इस मामले में कागजी खानापूर्ति तो कर ली जाती है लेकिन खदानों को बंद करने का कोई ठोस उपाय नही किया जाता। जिसके चलते इन खदानों में पड़े कोयले में आग लगने से पूरे क्षेत्र का वातावरण प्रदूषित हो रहा है वहीं कौन सी खदान कब बैठ जायें कुछ कहा नही जा सकता।
इन बंद पड़ी खदानों से निकलने वाली जहरीली गैस से अब तक कई लोगों व मवेशियों की मौत हो चुकी है। लेकिन इसके बावजूद भी एसईसीएल प्रबंधन और जिले के आलाधिकारी मौन साधे हुये हैं जिससे हादसे की आशंका हमेशा बनी रहती है। इस बारे में चिरमिरी क्षेत्र के आरटीआई कार्यकर्त्ता राजकुमार मिश्रा ने सूचना के अधिकार के तहत् जानकारी निकालकर एसईसीएल प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर तक दर्ज करा दी, लेकिन उसके बावजूद भी कोई ठोस कार्यवाही नही हुई।
यहां के लोगों का कहना है कि एक ओर जहां इन खदानों में लगी आग को रोकने कोई ठोस उपाय नही किये जा रहे हैं वही खदानों में होने वाली ब्लॉस्टिंग से बड़ी बड़ी दरारें पड़ चुकी हैं। यहां के लोग हमेशा दहशत के साये में जीने को मजबूर हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि जब कभी ये खदानें बैंठेंगी और बड़ा हादसा होगा तो उसकी जवाब देही आखिर किसकी होगी।