: अम्बिकावाणी के संस्थापक श्री किशन असावा का निधन
Thu, Jan 17, 2019
अंबिकापुर-अम्बिकावाणी के संस्थापक संपादक एवं वरिष्ठ पत्रकार श्री किशन असावा का 83 वर्ष की आयु में आज 17 जनवरी, गुरूवार को दोपहर 2ः30 बजे नमनाकला अम्बिकापुर स्थित निवास में निधन हो गया। स्वर्गीय असावा जी सरगुजा जिले में लंबे समय तक दैनिक नवभारत के ब्यूरो चीफ रहे। इसके पश्चात उन्होंने लगभग 30 वर्ष पहले सरगुजा जिले के प्रथम बहुरंगी दैनिक अम्बिकावाणी का प्रकाशन प्रारंभ किया। श्री असावा राज्य स्तरीय अधिमान्यता पत्रकार रहे हैं। उनके निधन से पत्रकारिता जगत को गहरी क्षति पहुंची है। वे अपने पीछे पुत्र वधू मंगला आसावा तथा पौत्री नैना असावा एवं नेहा असावा को छोड़ गये हैं। उनका अंतिम संस्कार 18 जनवरी, शुक्रवार को दोपहर बाद मुक्तिधाम शंकर घाट में किया जाएगा|
वरिष्ठ पत्रकार श्री किसन असावा को अंबिकापुर सहित सूरजपुर जिले के पत्रकारों द्वारा श्रद्धांजलि
अम्बिकावाणी के संस्थापक संपादक एवं वरिष्ठ पत्रकार श्री किशन असावा के निधन पर संभागीय जनसंपर्क कार्यालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि देते हुये उनकी आत्मा की शांति तथा शोक-संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुये इस अपूर्णीय क्षति को सहने की शक्ति प्रदान करने हेतु ईश्वर से प्रार्थना की गई। स्वर्गीय असावा का जनसंपर्क कार्यालय के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से सदैव मधुर संबंध रहे। इस अवसर पर संयुक्त संचालक श्री संतोष सिंह, श्री शिवशंकर जायसवाल, श्री राजेन्द्र प्रसाद शुक्ला, श्री सुखदेव पैकरा, श्री अबधनारायण सिंह, श्री विजय प्रताप राजवाड़े, श्री संत कुमार नायक, श्री मंगेश्वर कुमार उपस्थित थे।
अम्बिकावाणी के संस्थापक संपादक एवं वरिष्ठ पत्रकार श्री किशन असावा के निधन पर सूरजपुर जिले के पत्रकारों ने श्रद्धांजलि देते हुये उनकी आत्मा की शांति तथा शोक-संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुये इस अपूर्णीय क्षति को सहने की शक्ति प्रदान करने हेतु ईश्वर से प्रार्थना की गई।
इस दोरान उपेन्द्र दुबे, चंचलेश श्रीवास्तव, अजय लाल, संतोष सोनी, अजय सोनी,राजेश सोनी,ओपी तिवारी,वरुण राय,पप्पू जायसवाल,रमेश साहू सहित बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे|
: लगातार तीन दिनों से क्षेत्र में न्यूनतम तापमान के कारण क्षेत्र में जबरदस्त ठंड का प्रकोप बढ गया है
Thu, Jan 3, 2019
सूरजपुर.. लगातार तीन दिनों से क्षेत्र में न्यूनतम तापमान के कारण क्षेत्र में जबरदस्त ठंड का प्रकोप बढ गया है। जिससे शहरी क्षेत्र के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में इंड का कहर जारी है। बताया जाता है कि पिछलें तीन दिनो के भीतर शहर में 4.9 डिग्री सेल्सियस तक तापमान लुढक गया है। जिसके काारण रात्रिकालीन क्या दिन को भी क्षेत्र में शीतलहर का प्रकोप बढ गया है। दिसबंर के पहले सप्ताह से प्रारंभ हुआ न्यूनतम पारा में गिरावट का क्रम पेंथई तूफान की सक्रियता के कारण थम गया था। जिसमें दैनिक न्यूनतम तापमान एक पखवाड़ा में 9 डिग्री सेल्सियस तक गिरने के बाद लगातार उपर की चढने लगा था। लेकिन दिसबंर के दूसरें सप्ताह में पारा के नीचे गिरनें से ठंड का प्रकोप और बढ गया है।
शहरी क्षेत्र के अलावा ग्रामीण अंचलो में कड़ाके की ठंड
ठंड का प्रकोप शहरी क्षेत्र के अलावा ग्रामीण क्षेत्र में कड़ाके की ठंड का कहर जारी है। बताया जाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में दिन को शीत लहर के साथ-साथ शाम ढलते ही ग्रामीण अलाव का सहारा लेकर घरो पर ही दूबक जा रहें है।
नए वर्ष के आगाज होते ही सजनें लगे वनभोज स्थल
दिसबंर के महीनें के अंतिम सप्ताह में शीत लहर के चलतें लगातार बढते ठंड़ का असर वर्ष के अंत में महसूस करने को मिल रहा है। वर्ष के अंत व नये साल के प्रारंभिक सप्ताह पर लोग नये वर्ष का पर्व कडाकें की ठंड में मनानें के फिराक पर है। वही जिलें के अंतर्गत कुमेली घाट, विन्धयांचल, झन्का, रकसगन्डा, बांक जैसे स्थानों में वनभोज का लुफ्त उठानें में पिछे नही है। कड़ाके की ठंड पड़ने के बाद भी लोग क्षेत्र से दूरस्थ स्थल पर वनभोज का आंनद लेने में पिछे नही है। बिहारपुर के पर्यटन स्थल रकसगंडा जलप्रपात पुराने साल की विदाई व नए साल के आगमन में भारी संख्या में पिकनिक एवं घूमने के लिए आना शुरू हो जाता है वही सरगुजा संभाग में शीतलहर शुरू होते ही दूर-दूर से सैलानी अभी दिन पर दिन बढ़ते नजर आ रहा है यहाँ उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, बिहार, झारखंड व छत्तीसगढ़ सहित दूर-दूर से पहुंच रहे हैं सैलानी जिले के दुर अंचल क्षेत्र चांदनी बिहारपुर के छत्तीसगढ़ के खूबसूरत पर्यटक स्थल रकसगंडा जलप्रपात में दिसंबर से फरवरी तक भारी संख्या में पिकनिक के लिए पहुंच रहे हैं सैलानी झरना की खूबसूरत नजारा देखने के लिए हर वर्ष की तुलना में इस वर्ष भारी संख्या में मिल रहा है वह दूर दूर से आए सैलानी खूबसूरत झरना में स्नान सर पिकनिक इंजॉय भी करते हैं वहीं 14 जनवरी मकर संक्रांति में भी यहाँ मेले का आयोजन होता है जिसे भारी संख्या में यहां कार्यक्रम होता है।साल की विदाई नए साल के स्वागत में पिकनिक का दौर शुरू हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी पुराने साल के विदाई और नए साल के स्वागत को लेकर तैयारियां जोरों पर है गत दिवस आंवला नवमी धूमधाम के साथ मनाया जा रहा जा रहा है इसके साथ ही पिकनिक मनाने का दौर भी शुरू हो गया जैसे-जैसे ठंड बढ़ती जा रही है वैसे लोगों का रुख पिकनिक मनाने के लिए ज्यादा दिखाई देने लगा है अब धीरे-धीरे पिकनिक मनाने का जोर बढ़ने लगा है दिसंबर माह के अंतिम दिनों में ज्यादातर लोग पिकनिक मनाने के लिए सब परिवार और दोस्तों के साथ पहुंचते हैं साल के अंतिम माह दिसंबर की समाप्ति जैसे जैसे होती है वैसे वैसे लोगों के बीच पिकनिक स्थलों में सबसे ज्यादा उम्र लगती है नए साल के पहले दिन सबसे अधिक संख्या में लोग पिकनिक मनाने के लिए विभिन्न स्थानों पर पहुंचते हैं जिसकी शुरुआत हो गई है जिले में पिकनिक मनाने के लिए वैसे तो कई स्थल में जहां प्रति लोगों की भर्ती है लेकिन जिले में सबसे ज्यादा पिकनिक मनाने के लिए 1 जिले का प्रसिद्ध स्थल इसके बाद से कुछ दूरी पर स्थित जलप्रपात इसके अलावा भी विभिन्न क्षेत्रों का आनंद लेने के लिए प्रकृति के मनोरम दृश्यों का नजारा लिया जा सकता है।
: कलयुगी माँ ने छोड़ा..सखी वन स्टाफ सेंटर ने दिया सहारा..
Tue, Dec 25, 2018
राजेश सोनी
सूरजपुर-जिला मुख्यालय स्थित सखी वन स्टाप परिसर के पालना केंद्र के झूले में आज एक नवजात शिशु मिला,आज सुबह नवजात शिशु की रोने की आवाज पर सखी वन स्टाप स्टाफ ने नवजात को तत्काल जिला चिकित्साल ले जाकर स्वस्थ्य उपचार किया गया संभावना जताई जा रही की नवजात शिशु को किसी मां ने अनचाहे बच्चे को पैदा होते ही पालना केंद्र में छोड़ दिया होगा!
मंगलवार की सुबह सखी
वन स्टाप सेंटर सूरजपुर परिसर के पालना केंद्र के झूले में किसी ने अपने
जन्मजात बच्चे को डाल दिया था। जब बच्चे की रोने की आवाज आई तब स्टाफ
ने देखा नवजात झूले पर पड़ा हुआ है। जिसकी सूचना वरिष्ठ
अधिकारियो को देने पर नवजात शिशु को तत्काल जिला चिकित्सालय लाकर का स्वस्थ्य
परिक्षण कराया, नवजात
शिशु को बेहतर उपचार मिलने पर सखी वन स्टाफ ने बाल संरक्षक विभाग के मार्गदर्शन पर
नवजात शिशु के बेहतर देखरेख लालन पालन के लिए मातृछाया भेज दिया गया है तो वही
नवजात शिशु के मिलने की सुचना पर जिला चिकित्सालय में नवजात को देखने की भीड़ लगी
रही,सूत्रों के मुताबिक नवजात शिशु का जन्म आज का ही है जन्म के बाद ही लोकलाज के
डर से कलयुगी माँ ने नवजात को शिशु को सखी वन स्टाफ सेंटर स्थित परिसर के शिशु पालन
केंद्र के झुला में डालकर रफूचक्कर हो गई होगी, बरहाल सखी वन स्टाफ सेंटर में आज
नवजात शिशु की किलकारियों से गुलजार रहा साथ ही नवजात शिशु को बहुत सारा प्यार स्नेह
मिला!