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कार्रवाई की मांग : स्टोन क्रेशर के अवैध संचालन का आरोप, कलेक्टर से शिकायत, केशवनगर का मामला

Rajesh Soni

Tue, Apr 7, 2026

सूरजपुर. जिले के ग्राम केशवनगर में संचालित स्टोन  क्रेशर के अवैध संचालन का आरोप लगाते हुए इसे तत्काल बंद कराए जाने की मांग का ज्ञापन स्थानीय लोगो ने कलेक्टर जनदर्शन में सौपा है। जिसमे आरोप यह भी लगाया गया है कि उक्त स्टोन क्रेशर जिला प्रशासन के साथ मिलीभगत कर, केवल भंडारण की अनुमति होने एवं उसकी अवधि समाप्त हो जाने के पश्चात भी निरंतर संचालित किया जा रहा है। यह मामला न केवल पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा हुआ है, बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता एवं जवाबदेही पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है। उक्त क्रेशर से प्रभावित लोग सोमवार को यहां जिला मुख्यालय में पहुंचे थे। जिन्होंने कलेक्टर को सौपे अपने ज्ञापन में बताया है कि सूरजपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम केशवनगर स्थित खसरा नं. 1417/2 रकबा 0.44 हे. में स्थित उक्त इकाई को  13 जुलाई 2021 को प्रदत्त अनुमति के अनुसार केवल स्टोन  भंडारण की अनुगति 15 मार्च .2021 से 14 मार्च.2026 तक की अवधि के लिए दी गई थी। आरोप है कि अनुमति की शर्तों का उल्लंघन करते हुए, इकाई द्वारा पत्थर क्रशिंग का कार्य किया जा रहा है, जो अवैध है। वर्तमान में उक्त भंडारण की अनुमति भी समाप्त हो चुकी है, जिससे इकाई का संचालन पूर्णतः अनधिकृत हो गया है। पर्यावरण के लिए हानिकारक संचालन के विरुद्ध प्रकरण कमल सिंह एवं अन्य बनाम छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल एवं अन्य के रूप में  सेंट्रल ज़ोन बेंच, भोपाल के समक्ष लंबित  है। अधिकरण ने  28 जनवरी.2026 को पारित आदेश में इस मामले को गंभीर पर्यावरणीय मुद्दों से संबंधित मानते हुए एक संयुक्त समिति का गठन किया है, जिसमेंजिला प्रशासन एवं छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। समिति को स्थल निरीक्षण कर तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। उक्त इकाई के संचालन से आसपास की कृषि भूमि पर क्रसिंग की डस्ट पड़ने से भूमि पथरिली हो  रही है, जिससे पैदावार में भी निरंतर कमी होती जा रही है जिस कारण कृषकों के सामने संकट भी गहराता जा रहा है। यही नहीं उक्त क्रेशर रेणुका नदी के अत्यंत समीप स्थित है, जो लगभग 18 ग्रामों के लिए पेयजल एवं सिंचाई का प्रमुख स्रोत है। ऐसे में इसके संचालन से वायु, ध्वनि एवं जल प्रदूषण के गंभीर दुष्प्रभाव उत्पन्न होने की आशंका है और  स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य एवं पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उक्त स्टोन क्रेशर को तत्काल बंद कराने की मांग की गई है वहीं संबंधित अधिकारियों के भूमिका की निष्पक्ष जांच एवं पर्यावरण संरक्षण के नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराए जाने का आग्रह किया गया है।