: पंचायत स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता का फाइनल मैच में नुनेरा की टीम रही विजेता...
Wed, Jan 31, 2024
सौरव द्विवेदी
उदयपुर. ग्राम पंचायत रामनगर में 13 जनवरी से पंचायत स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में लखनपुर, उदयपुर एवं प्रेमनगर ब्लॉक से कुल 24 टीमों ने भाग लिया। सभी टीमों ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया, जिसमें नुनेरा और फूलचुही की टीम ने अपने विपक्षी टीमों को मात देते हुए फाइनल में अपनी जगह बना पायी। फुटबॉल प्रतियोगिता का फाइनल मैच ग्राम नुनेरा और फूलचुही के बीच मंगलवार को खेला गया, जिसमें दोनों टीमों के बीच शानदार खेल का प्रदर्शन किया गया और पहले 20 मिनट तक दोनों टीम बिना किसी बढ़त के बराबरी पर रही, मैच के आख़री समय पर नुनेरा की टीम ने लगभग 10 मिनट शेष रहते 1-0 की बढ़त बना ली, जिसे फूलचुही की टीम समय पूरा होते तक बराबरी नहीं कर सका, जिससे नुनेरा टीम 1-0 से विजेता रहा। विजेता होने वाली टीम को 15000 के साथ शील्ड, उपविजेता टीम को 10000 व शील्ड मुख्य अतिथियों के हाथों दिया गया। पंचायत स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता में मुख्य अतिथि आदि बाबा (जिला पंचायत उपाध्यक्ष), सिद्धार्थ बाबा, राजनाथ सिंह(जिला पंचायत सदस्य), विशिष्ट अतिथि सुमिरन सिंह( पूर्व जनपद सदस्य), दिलीप सिंह, कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती ललिता रोहित सिंह टेकाम सरपंच ग्राम पंचायत रामनगर के द्वारा संपन्न किया गया। जिसमें राजेश सिंह (सुरक्षा अधिकारी), सुखनन्दन सिंह, मोतीराम पंच , असंत लाल पंच , चरन सिंह, बुधलाल पंच , श्रीमती सरिता सिंह पंच, सनियारो पंच, संफू सिंह पंच, मुकेश कुमार, नंदा राम (सरपंच ग्राम पंचायत पुटा), अमृत लाल यादव (उपसरपंच पुटा), अवधेश राम, धर्मपाल, फेकूराम, लब्दूराम, अकत सिंह, कमल सिंह, देवनंद सिंह, सखा राम, कृष्णा, रामभरोष, तपेश्वर, लोकनाथ, संदीप, दीपक, अनिल, धनेश्वर, रमजीत, पवन पावले, शामलाल, माझीराम, धनसाय, मुनेश्वर, कबूतर, जगसिंह, कमल सिंह, सुरेंद्र, चंद्रभान, बृजमोहन, कलेश्वर, महेश, कपिल, राजू, अजय, इंद्रजीत, रविचंद सिंह, चमरू राम, जय सिंह, खेल साय एवं सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
: कलयुग में राम नाम ही जीवन का आधार है–स्वामी परमात्मानंद...
Wed, Jan 31, 2024
सौरव द्विवेदी
उदयपुर. अयोध्या में श्री राम चंद्र चंद्र के प्राण प्रतिष्ठा के बाद उदयपुर में चल रहे राम कथा में उदयपुरवासी बढ़ चढ़कर भाग ले रहे हैं ।कथा के द्वितीय दिवस स्वामी परमात्मानंद जी ने कहा कि कलयुग केवल नाम आधारा, सुमरी सुमरी नर उतरहीं पारा। राम नाम का इतना प्रभाव है की राम नाम लिखा पत्थर पानी में भी तैर गया। उन्होंने कहा संगत का असर जीवन में बहुत पड़ता है इसलिए जीवन में सत्संग जरूर करना चाहिए। स्वामी जी ने कथा के बीच में परिवार के महत्व को भी बताया उन्होंने कहा विदेशी षड्यंत्र हमारे देश में चल रहा है और वह हमारे परिवार व्यवस्था को तोड़ने का कुछ अगर चल रहे हैं एकल परिवार से रिश्ते समाप्त होते जा रहे हैं आने वाले भविष्य में लोग फूफा मामा मौसी चाचा सब रिश्तो को भूल जाएंगे, जीवन में हमारे जीवन में भी अंग्रेजी का प्रभाव आ गया है अंकल आंटी जिस रिश्ते का भाष भी नहीं होता है, आज के समय में टीवी में धारावाहिकों के माध्यम से भी परिवार को तोड़ने का कुछ चक्र चल रहा है यह षड्यंत्र है इसे हमें समझना चाहिए। राम कथा को मनोरंजन नहीं बल्कि मनोभांजन का साधन समझना चाहिए, राम नाम जपने से ही महामोह जैसा दुश्मन खत्म हो जाता है। आजकल राम विरोधियों द्वारा राम को अपमानित कर अपने आप को प्रचारित किया जा रहा है जो ठीक नहीं है राम भक्तों को राम की निंदा नहीं सुनाई चाहिए, शास्त्रों में कहा गया है कि यदि अपने इष्ट की निंदा कोई करें उसकी दिव्या काट लेना चाहिए और यदि नहीं काट पाए तो अपना कान बंद कर लेना चाहिए हम आज दूसरी दूसरी प्रक्रिया का ही पालन करते हैं। इतिहास हमें बताता है कि हमारा विज्ञान कितना उन्नत था, उसे समय शैलेश चिकित्सा इतनी ऊंची थी राजा दक्ष का सर धड से अलग कर दिया गया था जिसे आग्रह पर बकरे का सेल जोड़ दिया गया वैसा ही गणेश भगवान का सिर भी काट दिया गया था जिसे बाद में हाथी के सिर को जोड़ दिया गया। जायसवाल परिवार द्वारा आयोजित इस राम कथा में सभी आगंतुको को का सम्मान पुस्तक भेंट कर किया जा रहा है 73 वर्ष की आयु में स्वामी परमात्मानंद जी द्वारा ओजपुर कथा का वाचन किया जा रहा है जिसे सर्वत्र सराहा जा रहा है।
: लोकसभा निर्वाचन 2024 के लिये मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण...
Wed, Jan 31, 2024
सूरजपुर.
लोकसभा निर्वाचन 2024 के दृष्टिगत मास्टर ट्रेनर्स को जिला पंचायत के सभाकक्ष में प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर पी. सी. सोनी द्वारा मास्टर ट्रेनर की भूमिका, उनके कार्य एवं उत्तरदायित्व, मतदान प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया गया। मास्टर ट्रेनर को यह निर्देशित किया गया कि आप पीठासीन अधिकारी की हस्तपुस्तिका का गंभीरता पूर्वक अध्ययन कर मतदान दलों को कुशलतापूर्वक प्रशिक्षण दें। मतदान दलों द्वारा मतदान प्रक्रिया को सुव्यवस्थित सम्पन्न कराने में मास्टर ट्रेनर की अहम भूमिका होती है। वे जितने अच्छे ढंग से मतदान दलों को प्रशिक्षित करेंगे, उतनी ही अच्छे ढंग से स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान प्रक्रिया सम्पन्न होगी। सभी मास्टर ट्रेनर को पी.पी.टी. के माध्यम से ईव्हीएम एवं व्हीव्हीपैट की कार्यप्रणाली, मतदान मशीन में आने वाली त्रुटियां और उसका निवारण, मॉक पोल एवं वास्तविक मतदान के समय मशीनों का रिप्लेसमेंट नियम, पीठासीन अधिकारी और मतदान अधिकारी क्रमांक- 1, 2, 3 के कार्य को विस्तार से बताया गया। सभी मास्टर ट्रेनर से मतपत्र लेखा प्रारूप 17 - ग की प्रविष्टि कराकर व्यवहारिक ज्ञान दिया गया।