: बसदेई में हरेली त्यौहार के साथ-साथ होगी छत्तीसगढ़िया ओलंपिक की शुरुआत...
Sun, Jul 16, 2023
सूरजपुर.
छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खो-खो, कबड्डी, फुगड़ी, पिट्टूल जैसे अन्य खेलो को प्रोत्साहित करने खेल को लेकर स्थानीय प्रतिभाओं को निखारनें, खेलों के प्रति जागरूकता लाने, खिलाड़ियों को मंच प्रदान करने और खेल भावना का विकास करने के उद्देश्य से पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक 2023-24 का आयोजन 17 जुलाई को हरेली तिहार से किया जा रहा है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बताया कि छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक में आयु वर्ग को तीन वर्गों में रखा गया है। इसमें प्रथम वर्ग 18 वर्ष की आयु तक के प्रतिभागी होंगे। दूसरा वर्ग 18 से 40 वर्ष की आयु सीमा तक और तीसरे वर्ग में 40 वर्ष से अधिक उम्र के प्रतिभागी शामिल होंगे। सभी वर्गों में अनेक प्रकार के खेलों का समावेश किया गया है, जो पारंपरिक रूप से ग्रामीण इलाकों में खेला जाता है। उन्होंने बताया कि शासन की मंशा अनुसार ग्रामीण प्रतिभाओं एवं खेलों को बढ़ावा देने इसका आयोजन जिला स्तर पर हो रहा है। सावन महीने के अमावस्या में हरेली का त्यौहार मनाया जाता है। हरेली मुख्यतः खेती-किसानी से जुड़ा पर्व है और यह छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्वाे में से एक है। इस त्यौहार के पहले तक किसान अपनी फसलों की बोआई या रोपाई कर लेते हैं और इस दिन कृषि संबंधी सभी यंत्रों नागर, गैंती, कुदाली, फावड़ा समेत कृषि के काम आने वाले सभी तरह के औजारों की साफ-सफाई कर उन्हें एक स्थान पर रखकर उसकी पूजा-अर्चना करते हैं। छत्तीसगढ़ की संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए इस वर्ष भी हरेली तिहार को व्यापक रूप से हर्षाेल्लास के साथ मनाया जाएगा। इसी दिन छत्तीसगढ़िया ओलंपिक की शुरुआत जिले में हो रही है जिसमे जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन ग्राम बसदेई में किया जाएगा। छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में सभी आयु वर्ग के प्रतिभागी भाग लेते हैं जिसमें महिला एवं पुरुष दोनों सम्मिलित हैं। गत वर्ष इन खेलों के आयोजनों में जिले के खिलाड़ियों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया था एवं खिलाड़ियों ने विभिन्न स्तर पर जीत भी हासिल की थी।
: 17 जुलाई से छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का भव्य शुभारंभ...
Sat, Jul 15, 2023
सूरजपुर. 17 जुलाई से छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का भव्य शुभारंभ होने जा रहा है। जिसमें 16 तरह के पारंपरिक खेलों को शामिल किया गया है। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन का पूरा प्रशासनिक अमला 17 जुलाई को आयोजित होने वाले छत्तीसगढ़िया ओलंपिक हरेली त्यौहार की तैयारी में लग गया है। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए कलेक्टर द्वारा प्रत्येक मीटिंग में कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिए बिंदुवार चर्चा की जाती है और आवश्यक दिशा निर्देश दिए जाते हैं। जिसके लिए उन्होंनें संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र स्तर पर राजीव गांधी युवा मितान क्लब, जोन, विकासखण्ड तथा नगरीय निकाय परिषद क्लस्टर स्तर और जिला स्तर पर छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक खेल के सफल आयोजन के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के 16 पारम्परिक खेलों गिल्ली-डंडा, पिट्टूल, संखली, लंगड़ी दौड़, कबड्डी, खो-खो, रस्साकसी, बांटी (कंचा), बिल्लस, फुगड़ी, गेंड़ी दौड़, भंवरा, 100 मीटर दौड़, लम्बी कूद, रस्सीकूद और कुश्ती का आयोजन किया जाएगा। इस खेल प्रतियोगिता में बच्चों से लेकर महिला एवं पुरूष वर्ग के प्रतिभागी भाग ले सकेंगे। इसमें प्रथम वर्ग 18 वर्ष की आयु तक, दूसरा 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग और तीसरा वर्ग 40 वर्ष से अधिक उम्र के लिए है। छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेलों के लिए 06 स्तर निर्धारित किये गये है। इसके अनुसार पहले ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्र स्तर पर राजीव गांधी युवा मितान क्लब स्तर पर 17 जुलाई से 22 जुलाई तक खेलों का आयोजन नाकआउट पद्धति से होगा। जोन स्तर पर 26 जुलाई से 31 जुलाई तक, विकासखण्ड-नगरीय स्तर पर 07 अगस्त से 21 अगस्त तक, संभाग स्तर पर 10 सितम्बर से 20 सितम्बर तक और राज्य स्तर पर 25 सितम्बर से 27 सितम्बर तक छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का आयोजन किया जाएगा। राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के आयोजन के उपरांत विजेता प्रतिभागी-दलों को राज्य स्तरीय छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक के अंतिम दिवस के अवसर पर पुरस्कार राशि का वितरण किया जाएगा, जिसमें विकासखण्ड-नगरीय निकाय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी-दलों को 1000 रूपए, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी-दलों को 750 रूपए, तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी-दलों को 500 रूपए, जिला स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी-दलों को 2000 रूपए, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी-दलों को 1500 रूपए, तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी-दलों को 1000 रूपए प्रदान किया जाएगा।
: विधिक साक्षरता शिविर तहत दी गई कानून की जानकारी...
Sat, Jul 15, 2023
सूरजपुर. गोविन्द नारायण जांगडे, जिला न्यायाधीश, अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में सुश्री रंजू राउतराय, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफ टी सी विशेष न्यायालय सूरजपुर एवं श्री असलम खान, व्यवहार न्यायाधीश वर्ग - 1 द्वारा ग्राम गिरवरगंज, ग्राम बेलटिकरी, आ.जा.क. शा.कन्या मा.हाई स्कूल नवापारा सूरजपुर व कन्या परिसर सूरजपुर में विधिक साक्षरता शिविर लगाकर उपस्थित ग्रामीणजन व छात्राओं को कानून के विभिन्न अधिनियमों की जानकारी दी जो देश के प्रत्येक नागरिक को जानना जरूरी है। शिविर में विशेष सत्र न्यायाधीश ने महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों से अवगत कराते हुए अपराधों से बचने व अपराधों के प्रति डटकर सामना करने हेतु महिलाओं का हौसला बढ़ाते हुए यह भी बताया, किसी भी अपराध को सहना अपराधी को बढ़ावा देना है। अपराधियों को अपराध करने से रोकना है तो जब भी कोई अपराधी अपराध करित करे तो उसकी शिकायत तत्काल नजदीकी पुलिस थाने में करें। जिससे अपराधियों को उसके किए की सजा मिल सके। शिविर में महिलाओं के कानूनी अधिकार, घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी विस्तार से बताई। वहीं न्यायाधीश श्री असलम खान ने मोटर यान अधिनियम के संबंध में जानकारी देते हुए कहा लोग महीने के 80 से 100 रुपए बचाने के लिए अपने गाड़ियों का इंश्योरेंस नही कराते हैं, और दस से पंद्रह सौ रूपये के बीच में दस से पंद्रह साल तक के लिए मिलने वाली वैध लायसेंस नही बनवाते है। जिसका खामियाजा गाड़ी से कोई दुर्घटना होने पर वाहन मालिक को लाखो का क्षतिपूर्ति भरने के साथ अपराधिक मामले का भी सामना करना पड़ता है। आगे उन्होंने मौलिक अधिकार व मौलिक कर्तव्य, नि:शुल्क विधिक सेवाएं और विधिक सेवा प्राधिकरण का गठन व कार्य के संबंध में जानकारी देते हुए शिक्षा का अधिकार अधिनियम व शिक्षा जीवन में क्या क्या बदलाव कर सकती है और जीवन में शिक्षा के महत्व पर चर्चा की।