: छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए जल्द शुरू होगा, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) का प्रशिक्षण...
Mon, Feb 20, 2023
सूरजपुर. छत्तीसगढ़ में शिक्षा क्षेत्र में बढ़ते निवेश के बावजूद, लोगो में बीच तकनीकी ज्ञान और पारस्परिक कौशल के बीच एक अंतर बना हुआ है। यह व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन दोनों में चुनौतियों का कारण बन सकता है, क्योंकि किसी भी क्षेत्र में सफलता के लिए प्रभावी ढंग से संवाद करने और दूसरों के साथ काम करने की क्षमता आवश्यक है। यह समस्या विशेष रूप से भारत के टियर 2 और टियर 3 शहरों में पाई गयी है, जहां उचित प्रशिक्षण की कमी और कौशल अंतराल के परिणामस्वरूप युवाओं की एक पीढ़ी में प्रमुख सॉफ्ट स्किल्स की कमी है। ये कहना है, छत्तीसगढ़ के आईटी इंजीनियर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विशेषज्ञ समीर रंजन।विश्व के 100 प्रमुख आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) विशेषज्ञों में शुमार, रंजन के मनाना है कि, हम दुनिया के सबसे अच्छे प्रौद्योगिकीविद् हो सकते हैं, लेकिन अगर हम पश्चिम की विचारधाराओं का सम्मान नहीं करते हैं और उनके प्रति केवल आलोचनात्मक रवैय्या अपनाते हैं, तो हम वैश्विक स्तर के कई अवसरों से वंचित रह जायेंगे और इसका उपाय है,' मायामाया कार्ययोजना' जो समाधान स्वरूप, लोगों को यह पता लगाने में मदद करते हैं कि वे कौन हैं और उनकी वास्तविक ताकत क्या है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की तीव्र प्रगति ने इस मुद्दे को और जटिल बना दिया है, और व्यक्तियों को कार्यबल में प्रासंगिक बने रहने के लिए अपस्किल करने की आवश्यकता है, जो कि मजबूत पारस्परिक कौशल के बिना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
इस तकनीकी कमी को दूर करने के अपने अद्यतन प्रयास में, समीर रंजन, छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए एक तत्वीरित एक योजना पे कार्य कर रहे हैं, जिसके तहत न केवल युवाओं को, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के कार्यप्रणाली को समग्र रूप में समझने में मदद मिलेगी बल्कि, इस बारे में प्रशिक्षण उन्हें, नए दिशा के रोजगार पाने में भी उचित मदद करेगी।
रंजन,भारत ने दुनिया के लिए वैश्विक सॉफ्टवेयर विकास केंद्र बनने की सच्ची क्षमता दिखाई है। दुनिया के किसी भी अन्य देश की तुलना में, भारत के पास अगले 10-15 वर्षों के लिए बहुत तेजी से पदों को भरने के लिए बड़ी आबादी में प्रतिभाशाली इंजीनियर, कार्यक्रम प्रबंधक हैं। भारत के लिए इसका मतलब यह है कि बाजार में मांग और आपूर्ति में भारी अंतर होने जा रहा है, जहां मांग इतनी अधिक होगी कि हम प्रतिभा की आपूर्ति नहीं कर पाएंगे। मगर इससे बड़ी समस्या यह होगी कि- इन वैश्विक क्षमता केंद्रों (जीसीसी) के लिए सही कौशल का पता कैसे लगाया जाए।
जीसीसी को एक ऐसा आख्यान खोजना होगा जहां वे न केवल तकनीक बेच रहे हों बल्कि अपनी फर्म के मानवीय पहलू को पेश कर रहे हों। मानवीय पहलुओं में उनके कर्मचारियों के व्यक्तित्व के साथ-साथ उनके कौशल भी शामिल होंगे। यदि सामूहिक रूप से एक फर्म के औसत मूल्य अनुबंध करने वाली कंपनी की अपेक्षाओं से मेल खाते हैं तभी वह फर्म उस कंपनी के साथ काम करने में सक्षम होगी। याद रखें कि पिछली बार आपने विदेशी फर्मों के साथ सौदा कब खोया था, 10 में से 8 बार कारण यह नहीं होगा की आपके पास तकनीकी कौशल की कमी है, बल्कि इसका आधार संगठन के कल्चर से मेल न खाना होगा। और कल्चर का मेल खाना कर्मचारियों की सामूहिक योग्यता (व्यक्तित्व मैट्रिक्स) पर आधारित होता है। जीसीसी के रूप में आवश्यक है की आप अपनी कंपनी संस्कृति और परियोजना के प्रति अपना दृष्टिकोण निर्धारित करें, जिससे आपको अनुबंध पाने में आसानी हो।
रंजन कहते हैं, की वो और उनकी टीम इस वर्ष छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में ये प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगी और वो प्रयास करेंगे कि, जिन युवाओँ ने इसका प्रशिक्षण लिए है, उन्हें नियोक्ताओं के साथ काम करने का भी अवसर मिले ताकि वो और दक्ष हो सकें।
भारत में बेरोजगारी अभी भी एक समस्या है, लेकिन मेरा विश्वास है की तेज़ी से हो रहे विकास से यह समस्या अतीत की बात हो जाएगी, हमे सिर्फ कौशल अंतराल खोजने के लिए तकनीकों को लागू करने की आवश्यकता हैं। हम ढेर सारी नौकरियां सृजित करेंगे लेकिन इस अंतर को पाटे बिना समस्या का हल नहीं हो सकता।
कुल मिलाकर, तकनीकी ज्ञान और पारस्परिक कौशल के बीच का अंतर एक महत्वपूर्ण मुद्दा है जिसे संबोधित करने की आवश्यकता है ताकि भारत में युवा पीढ़ी नेतृत्व की भूमिका निभाने और वैश्विक कार्यबल में योगदान करने के लिए तैयार हो सके।
एक गम्भीर मुस्कान के साथ वो कहते हैं, की अगर युवा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में प्रशिक्षित हो जाएंगे तो, उनके लिए नियोक्ता खुद अपने दरवाजे खोल देंगे।
वर्तमान में, अमेरिका में कार्यरत समीर रंजन, पिछले कुछ दिनों से भारत मे हैं, और इन्होंने, एन. आई.टी रायपुर, बैंगलोर के विश्वविद्यालय, बी.आई.टी भिलाई, और शंकराचार्य विद्यालय में, इस विषय पर व्याखन दे चुके हैं।
: जिला कांग्रेस कमेटी सूरजपुर की बैठक सम्पन्न...
Mon, Feb 20, 2023
सूरजपुर. कांग्रेस पार्टी के होने वाले तीन दिवसीय राष्ट्रीय महाधिवेशन (24,25,26 फ़रवरी) के तैयारियों एवं अधिवेशन में उपस्थित होने के संबंध में आज जिला कांग्रेस कमेटी की अति महत्वपूर्ण बैठक जिलाध्यक्ष भगवती राजवाड़े की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में मुख्य रूप से सविप्रा अध्यक्ष एवं प्रेमनगर विधायक आदरणीय खेलसाय सिंह जी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष नरेश राजवाड़े जी उपस्थित थे।
कांग्रेस के सभी वरिष्ठ पदाधिकारी गण,जिला कांग्रेस कमेटी के समस्त पदाधिकारीगण,ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षगण, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, सेवा दल, किसान कांग्रेस, इंटक, व्यापार प्रकोष्ठ, पिछड़ा वर्ग कांग्रेस,असंगठित कामगार कांग्रेस,अल्पसंख्यक कांग्रेस, आई टी सेल, अजा प्रकोष्ठ, अजजा प्रकोष्ठ सहित कांग्रेस के सभी प्रकोष्ठ के अध्यक्षगण, जिला पंचायत, जनपद पंचायत, नगरीय निकाय के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित कांग्रेस पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि महासभा के दिन 26 फरवरी को जिले लगभग 1000 पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता रायपुर जायेंगे। इस हेतु प्रत्येक ब्लाक में एक एक बस की व्यवस्था की जा रही है। तथा नगरीय क्षेत्रों के लिए अलग व्यवस्था की जा रही है जिसके लिये ब्लाक अध्यक्षों एवं निकाय के अध्यक्षों तथा वरिष्ठ पदाधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है जो कि अपने विधानसभा क्षेत्र के माननीय विधायक गण से समन्वय बना कर कार्यकर्ताओं के लिए ब्लॉकवार, नगरीय क्षेत्रवार व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। इस हेतु समन्वय समिति बनाई गई है। समन्वय समिति में - सूरजपुर ग्रामीण से धर्मेंद्र सिंह, जाकेश राजवाड़े, सूरजपुर शहर से संजय डोसी, राहुल अग्रवाल, परमेश्वर राजवाड़े, विश्रामपुर शहर से आशीष यादव, चंदन सिंह, प्रेमनगर से आलोक जगते, आलोक साहू, प्रेमनगर ग्रामीण ब्लॉक से सरिता सिंह, तुलसी यादव, पुष्पेंद्र सिंह, रामानुज नगर ब्लाक से प्रदीप साहू, चंद्र दत्त दुबे, ब्लाक ओड़गी से गौतम कुशवाहा, मन्देश गुर्जर, भैयाथान ब्लाक से रावेन्द्र प्रताप सिंह, नूर आलम, सलका ब्लाक से मुकेश अग्रवाल, सोनू पांडेय, मनिहारी लाल पैकरा, लटोरी ब्लाक से गोवर्धन सिंह, रोहन राजवाड़े, भटगांव शहर से सूरज गुप्ता, वीरेंद्र गुप्ता, सुखदेव राजवाड़े, जरही शहर से बीजू दासन, प्रेम राजवाड़े, प्रतापपुर ब्लाक से कुमार सिंहदेव, जगतलाल आयाम, प्रतापपुर शहर से कंचन सोनी, इम्तियाज जफर समन्वयक बनाये गये हैं।
: ज्वेलरी दुकान से उठाईगिरी करने के मामले में 1 आरोपी गिरफ्तार...
Mon, Feb 20, 2023
*1 लाख 25 हजार रूपये कीमत के सोने के जेवरात किया गया बरामद।
सूरजपुर. रामानुजनगर में ज्वेलरी दुकान से उठाईगिरी करने के मामले में पुलिस ने 1 आरोपी गिरफ्तार कर 1 लाख 25 हजार रूपये कीमत के सोने के जेवरात किया गया बरामद किया है. पूरा मामला 25 जुलाई 2022 का है जब ज्वेलरी संचालक का पुत्र दुकान खोला ही था उसी दौरान 2 अज्ञात लोग मोटर सायकल से दुकान पहुंचे और लाॅकेट व चांदी का आभूषण दिखाने को बोले काफी देर के बाद दोनों वस्तु को खरीदे इसी बीच रितिक का ध्यान भटकाकर सोने का मंगलसूत्र 6 नग को चोरी कर अपने बैग में रखकर चले गए जिसकी जानकारी कुछ देर बाद होने पर पुलिस में शिकायत पर अपराध दर्ज किया गया था। इस घटना के एक माह बाद प्रेमनगर की ज्वेलरी दुकान में दो अज्ञात लोग आकर 50 ग्राम सोने का लाॅकेट चोरी कर ले जाने के पर शिकायत पर पुलिस ने धारा 379 के तहत मामला पंजीबद्ध किया था। मामले में रामानुजनगर व प्रेमनगर की संयुक्त पुलिस टीम के द्वारा दोनों ज्वेलर्स दुकान सहित कई सीसीटीव्ही फुटेज खंगाला गया जो दोनों ज्वेलर्स पर वारदात को अंजाम देने वाले 2 व्यक्ति वहीं थे। विवेचना के दौरान साइबर सेल की भी मदद ली गई इसी बीच मुखबीर से सूचना प्राप्त हुआ कि वारदात में बुढ़ार-शहडोल निवासी चोर के द्वारा अंजाम दिया गया है जिसके बाद पुलिस टीम ने दबिश देकर संदेही युसुफ अली जाफरे पिता फिरोज अली जाफरे उम्र 50 वर्ष निवासी बुढार, टिकरी टोला वार्ड क्र. 15, थाना बुढ़ार, जिला शहडोल को पकड़ा। पूछताछ पर उसने बताया कि अपने एक साथी के साथ मिलकर पहले रामानुजनगर फिर प्रेमनगर स्थित ज्वेलर्स दुकान से सोने के जेवरात को चोरी किए। पूछताछ पर आरोपी ने यह भी बताया कि चोरी से पहले ज्वेलर्स दुकान की रेकी करते थे और दुकान में सोने की जेवरात की खरीदी करने के दौरान दुकानदार का ध्यान भटकार जेवरात पर हाथ साफ करते थे। मामले में आरोपी के निशानदेही पर 1 नग मंगलसूत्र व 4 नग सोने का लाॅकेट कीमती करीब 1 लाख 25 हजार रूपये का बरामद कर आरोपी युसुफ अली जाफरे को गिरफ्तार किया गया। वहीं मामले में एक आरोपी फरार है जिसकी पतासाजी की जा रही है।