: खाखी की दबंगी अपनों पर ही
Thu, Jun 21, 2018
राजेश सोनी
सूरजपुर-सूरजपुर जिले के पुलिस परिवार की महिलाओ को पुलिस के आला अधिकारियो के निर्देश पर आज सुबह से ही नजर बंद कर अघोषित कर्फ्यू लगा दिया गया है पुलिस के परिवार के महिलाओ का डरा धमका कर उनके आंदोलन को कुचल दिया गया,,दरअसल सूरजपुर जिले के पुलिस के आला अधिकारी अपने आकाओ को खुश करने के लिये पुलिस परिवार की महिलाओ का आंदोलन को छल बल पूर्वक
कुचला दिया गया,,पुलिस लाईन पर्री के साथ पुलिस कालोनी मे आज सुबह से पुलिस के जवान कालोनी को पुलिस की छावनी बना दिया,पुलिस परिवार की महिलाये कालोनी के ही शिव मंदिर मे एकत्र होकर भजन किर्तन करने लगे,तो वही पुलिस के आला अधिकारी पुलिस के जवानो के साथ मंदिर पहुचकर उन्हे डराते धमकाते हुये मदिर से बाहर निकाला,तो वही महिला कांग्रेसी की कार्यकर्ता जब पुलिस परिवार की महिलाओ से मिलने पहुचे तो पुलिस के आला अधिकारी उनके साथ दुर्यव्यव्हार कर अपमानित किया, इस पुरे घटनाकर्म मे एक ओर सरकार महिलाओ को आगे बढाने के लिये क्या कुछ नही कर रही है तो वही दुसरी ओर पुलिस के अधिकारी महिलाओ से दुर्यव्यव्हार प्रताडना करने देर नही करते बरहाल
आज की घटना से साफ जाहिर होता पुलिस के आला अधिकारी खुद पुलिस परिवार की महिलाओ के साथ ऐसा व्यव्हार करते है तो थाने आने वाली महिलाओ के साथ किस तरह का व्यव्हार करते होगे!
तो वही नगर निरीक्षक डीके सिंह ने मिडिया को कवरेज करने से रोका
अपने खास दबंगी से महसूर हुए नगर निरीक्षक डीके सिंह ने पुलिस परिवार की महिलाओ को धमकाते चमकते साफ नजर आये,उन्होंने महिला कांग्रेस की पूर्णिमा रजवाड़े के साथ अन्य महिलाओ के किया दुर्यव्यव्हार,लिहाजा कांग्रेस विंग की महिलाओ ने अपने साथ किये गये दुर्यव्यव्हार की शिकायत करने की बात कही!
तो वही नगर निरीक्षक डीके सिंह ने महिलाओ के साथ दुर्यव्यव्हार करने की बात से किया इंकार उन्होंने ने एसा कुछ होने से किया इंकार..
: आन्दोलनकारी पुलिस परिवार को धमकाने का दौर शुरू
Wed, Jun 20, 2018
राजेश सोनी
सूरजपुर- राज्य के विभिन्न जिलों की तरह सूरजपुर मे भी पुलिस परिजनो के द्वारा किए जा रहे प्रदर्षन से पुलिस के आला अधिकारियों के भी हाथ पांव फुलने लगे हॆं। जिला मुख्यालय स्थित पुलिस लाईन एवं पुलिस कालोनी मे निवासरत पुलिस परिवार की महिलाओ को उनके पति पर कार्रवाई करने की धमकी देकर डराने धमकाने का खेल शुरू कर दिया गया है, मंगलवार को परिजनों के प्रदर्षन मे शामिल महिलाओ को चिन्हाकित कर उनके पति की एक दिन मे चार-चार बार एसपी कार्यालय मे पेशी कराई जा रही है !
प्राप्त सूचना के अनुसार पुलिस परिजनो के आंदोलन से जिले के पुलिस अधिकारियो की भी नींद उड़ गयी है। हेड क्वार्टर के सख्त आदेश के बाद बीती रात देर तक टीआई से लेकर उच्चअधिकारियो की बैठक चली, आंदोलनकारी रत महिलाओ के द्वारा किए जा रहे आंदोलन को कुचलने के लिये किसी भी स्तर पर जाकर कारवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। आज पुलिस लाईन ऒर पुलिस कालोनी में अलग तरह का नजारा देखने को मिला, आर आई के साथ डीएसपी के द्वारा पुलिस कालोनी मे पहुचकर पुलिस के परिजनों को धमकाया डराया जा रहा था साथ ही उनके विरु़द्ध कारवाई करने की बात भी सामने आ रही है, तो वही देर रात तक पुलिस लाईन मे निवास कर रहे पुलिस के परिजनो को भी पुलिस के अधिकारी पुलिसिया अंदाज मे समझाया जा रहा है।
गौरतलब है कि छग शासन के गृह मंत्री रामसेवक पैकरा का गृह जिला है, गृहमंत्री का गृह जिला होने पर यहाँ पर पुलिस अधिकारी आंदोलन मे जाने वाले परिवार की महिलाओ के नाम की सुचि बनाकर उनके पति को नाहक परेशान किया जा रहा है, पुलिस परिवार के इस आंदोलन की चिंगारी कही अब शोला में ना बदल जाये, इसके लिए आला अधिकारी परेशान है। महिलाओं के रुख से जब यह हाल है तो पुलिस के जवानों के द्वारा जब खुद आंदोलन में आगे आकर मोर्चा खोल दिया जाएगा तो फिर सरकार क्या करेगी यह देखने लायक होगा।
पुलिस अधिक्षक ने कहा धमकी नहीं समझाइस दे रहे
देवलोक से चर्चा करते हुये जिले के पुलिस कप्तान गिरजा शंकर जायसवाल ने कहा कि धमकी देने का आरोप पूरी तरह से निराधार है पुलिस परिवार व्यवस्था का अंग है उन्हें समझाइश दी जा रही है आंदोलन का यह तरीका ठीक नहीं है।
हाल ही में कांग्रेस की राजनीति में उतरी युवा नेत्री शशि सिह ने देवलोक से चर्चा करते हुये कहा कि आला अधिकारियों द्वारा महिलाओ के अधिकारों का हनन किया जा रहा हॆ, जो पुरी तरह से गलत है मै इसका विरोध करती हुं!
: काली पट्टी लगाकर किया प्रदर्शन मांगों का ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा
Wed, Jun 20, 2018
नौसाद अहमद
सूरजपुर-सूरजपुर छत्तीसगढ़ साक्षरता प्रेरक संघ ने अपनी कई मांगों को लेकर रैली निकाल कलेक्टर को ज्ञापन सौंप कर प्रेरक संघ ने रंगमंच मैदान में एकत्रित होकर अपनी मांगों को लेकर धरना दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की,प्रेरको का साफ़ तौर पर कहना है कि जिस तरह साछर भारत कार्यक्रम में हमने दो हजार रुपए महीने में ही दस साल से भी ज्यादा सेवा दी है प्रेरक संघ के संभागीय अध्यक्ष उमाशंकर शुक्ला ने बताया कि हमने जागरुक करने का भी प्रयास किया साथ ही साथ कई सरकारी योजनाओं के कार्यों में हमसे सहयोग लिया गया है चाहे स्वच्छ भारत मिशन हो प्रधान मंत्री जनधन योजना हो या शिक्षकों की अनुपस्थिति में हमने बच्चों को भी स्कूलों में शिक्षा दिया है फिर ऐसी क्या स्थिति निर्मित हो गई की 31 मार्च 2018 को साक्षर भारत कार्यक्रम को बंद कर दिया गया और हम सत्रह हजार प्रेरकों को बेरोजगार कर दिया गया अगर सरकार हमारी मांगों को नई मानती और हमें फिर से काम पर नही रखती है तो हम सरकार के खिलाफ आर पार की लड़ाई लड़ेंगे और पूरे विधानसभा में अपना उम्मीदवार खड़ा कर सरकार को हराने का काम करेंगे