: गर्मियों में करें पशुओं की उचित देखभाल
Wed, Apr 9, 2025
सौरभ द्विवेदी
सूरजपुर.
छत्तीसगढ़ राज्य में भीषण गर्मी की स्थिति में प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच तापमान 370 (डिग्री सेल्सियस) से अधिक निस्तर बना रहता है। इस दौरान पशुओं पर सामग्री रखकर या सवारी हेतु उपयोग करने से अथवा पशुओं को टांगे, बैलगाडी, भैसागाडी, उटगाडी, खच्चर टटटू गाड़ी एवं गधे पर वजन ढोने के उपयोग करने से पशु बीमार हो सकते है अथवा उनकी मृत्यु हो सकती है। पशुओं के प्रति कुरता का निवारण परिवहन एवं कृषि पशुओं पर क्रूरता का निवारण नियम 1965 के नियम 6(3) के अनुसार जिन क्षेत्रों में तापमान 370 से अधिक रहता है। उन क्षेत्रों में दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच ऐसे पशुओं का उपयोग प्रतिबंधित किया गया है। पशुपालकों के लिए पशुओं को गर्मी/लू से बचाव के लिए दिशानिर्देश है। पशु गृह में हवा का मुक्त आवागमन सुनिश्चित कर पशुओं की सीधी धूप से बचाने के लिए पशु शाला के मुख्य द्वार पर खस (खसखस) या जूट की बोरियों के पर्दे लगाना चाहिए। पशुओं को गर्मी से बचाने के लिए पशु शाला में पंखे, कूलर और स्प्रिंकलर सिस्टम लगाये जा सकते है। यह दुधारू पशुओं के लिए उपयुक्त है। पर्याप्त स्वच्छ पेयजल हमेशा उपलब्ध होना बाहिए। पीने के पानी को छाव में रखना चाहिए। पानी और पानी के कुड़ों को हमेशा साफ रखे। पानी के कुडो को नियमित रूप से चूने से सफाई करनी चाहिए। पशुओं को कार्बोहाइड्रेट युक्त भोजन जैसे आटा, रोटी, चावल आदि न खिलाए। संतुलित आहार के लिए अनाज और चारा का अनुपात 40: 60 रखें। गर्मियों के दौरान उगाई जाने वाली ज्वार में जहरीले पदार्थ हो सकते है। जो जानवरों के लिए हानिकारक को सकते है। इसलिए वर्षा के अभाव में ज्वार की फसल को पशुओं को खिलाने से पहले 2-3 बार सिंचाई कर दें। पशुओं के बरसात के मौसमी बीमारियों की रोकथाम हेतु गर्मी में एच.एस, एफ.एम. डी. बी.क्यू आदि के टीके लगवाने चाहिए। पशु गृह के खुले क्षेत्र के आसपास छायादार पेड़ लगाए, जो तापमान को कम करने में सहायक होते है। ग्राम पंचायतो, नगरीय निकायों को अपने क्षेत्र के गौशाला, कांजी हाउस, गौठानों में चारे की पर्याप्त उपलब्धता तथा पशुओं हेतु पेयजल की उपलब्धता स्थानीय निकाय से समन्वय बनाकर सुनिश्चित करना चाहिए। गौशालाओं, पशु चिकित्सा संस्थानों में जीवन रक्षक औषधि का भण्डारण सुनिश्चित हों। पशुओं में लू लगने पर पशु चिकित्सक से परामर्श ले।
: दुकानदारों को लेना होगा एक व दो रुपये का सिक्का, नहीं तो होगी कार्यवाही...
Wed, Apr 9, 2025
सौरभ द्विवेदी
सूरजपुर.
जिले में 01 और 02 रुपए के छोटे मूल्य के सिक्कों के दुकानदारों और व्यापारियों द्वारा न लेने की शिकायत पर कलेक्टर एस. जयवर्धन ने आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि एक और दो रुपये के सिक्कों को प्रचलन से बाहर मानकर लेने से इंकार करने की लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। इस सम्बन्ध में आदेश जारी करते हुए उन्होंने कहा है कि जिले का कोई भी दुकानदार या व्यापारी जब तक ये सिक्के आधिकारिक रूप से प्रचलन से बाहर नहीं हो जाते, तब तक उन्हें ग्राहकों से स्वीकार करें अन्यथा, संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। सूरजपुर जिले के दुकानदारों / व्यापारियों द्वारा छोटे भारतीय मुद्रा यथा 01 रूपये, 02 रूपये के सिक्के को चलन से बाहर मानकर लेने से इंकार किया जा रहा है। इस सम्बन्ध में निरंतर मौखिक एवं दूरभाष पर शिकायत प्राप्त हो रही थी। गौरतलब है कि भारतीय रिजर्व बैंक सिक्के का अनुमोदन कर प्रचलन के लिये बैंकों में भेजती है। इसके बाद बैंकों से ही सिक्के बाजार में चलन के लिए आता है। किसी व्यापारी द्वारा मनमानी ढंग से सिक्कों को लेने से इंकार किया जाना राजद्रोह की श्रेणी में आता है। इसके लिए भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धारा 124-ए वर्तमान में संशोधित भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 152 के तहत् 03 साल से लेकर आजीवन कारावास तक के दण्ड से दण्डित किये जाने का प्रावधान है। अतएव सूरजपुर जिले का कोई भी दुकानदार/व्यापारी जब तक रुपये 01 एवं 02 के सिक्के प्रचलन से बाहर नहीं हो जाते हैं, उनके द्वारा ग्रहण किया जावे। अन्यथा मुद्रा ग्रहण नहीं करने की स्थिति में वैधानिक कार्यवाही की जा सकती है।
: सहकारी सोसायटियों के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू,किया सूचना प्रकाशित...
Wed, Apr 9, 2025
सौरभ द्विवेदी
सूरजपुर.
छत्तीसगढ़ शासन सहकारिता विभाग द्वारा प्रदेश की प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसाइटियों को पुनर्गठित करने के लिये पुनर्गठन योजना जिला सूरजपुर छत्तीसगढ़ की प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसाइटियों को पुर्नगठित करने के लिए योजना 2025 जारी की गई है। जिसके प्रति जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित अंबिकापुर सहित सूरजपुर जिले की सहकारी बैंक शाखाओं, समस्त आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों तथा कार्यालय-उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं सूरजपुर के सूचना पटल पर अवलोकन हेतु प्रकाशित किया गया है। पुनर्गठन संबंधी प्रस्ताव पर प्रभावित एवं परिणामी सोसायटी के सदस्य, सोसायटियों एवं बैंक शाखा तथा अन्य किसी भी व्यक्ति द्वारा आपत्तियाँ सूचना प्रकाशन से 15 दिवस (09 अप्रैल से 23 अप्रैल) के भीतर जिले के उप पंजीयक, सहकारी संस्थाएं सूरजपुर के समक्ष लिखित में 03 प्रतियों में प्रस्तुत कर सकेंगे। निर्धारित समयावधि के पश्चात प्राप्त होने वाले आवेदन/अभ्यावेदन / दावा आपत्ति पर कोई भी विचार नहीं किया जायेगा।