ब्रेकिंग

5 साल से लिव इन रिलेशन में रहने वाली युवती की रक्तरंजित शव मिला...

जंगल किनारे सुनसान जगह पर बोरे में बंद मिला नवजात, रोने की आवाज पर ग्रामीणों ने देखा,पहुचाया अस्पताल...

तेज रफ्तार पिकअप उछलकर चलती कार पर जा गिरी, चालक कार में फसा रहा...

मनरेगा बचाओ संग्राम का हुआ आगाज,कांग्रेस ने किया चक्का जाम

उमेश्वरपुर समिति प्रबंधक के खिलाफ अपराध दर्ज, 1 करोड़ 80 लाख रुपए से अधिक का धान गायब...

सूचना

धान की अफरा-तफरी का मामला : उमेश्वरपुर समिति प्रबंधक के खिलाफ अपराध दर्ज, 1 करोड़ 80 लाख रुपए से अधिक का धान गायब...

Rajesh Soni

Fri, Jan 30, 2026

सूरजपुर. जिले के उमेश्वरपुर सहकारी समिति में 1 करोड़ 80 लाख 68 हजार 345 रुपए से अधिक का धान गबन के मामले में अपराध दर्ज किया गया है। जिला प्रशासन के द्वारा की गई भौतिक सत्यापन के दौरान करोड़ों रुपए का धान और बारदाना गायब मिलने के बाद कई दिनों तक चले जांच के बाद आखिरकार प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उमेश्वरपुर सहकारी समिति के प्रबंधक ठाकुर सिंह मरावी के खिलाफ उमेश्वरपुर चौकी में अपराध दर्ज करा दिया है। गौरतलब है कि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित शाखा प्रेमनगर के प्रबंधक ओम दत्त दुबे की लिखित शिकायत के आधार पर उमेश्वरपुर सहायक समिति प्रबंधक ठाकुर सिंह मरावी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 316 5 और 318 4 के तहत अपराध दर्ज की गई है। धान की अफरा तफरी का मामला 9 जनवरी 2026 को किए गए औचक निरीक्षण और भौतिक सत्यापन से जुड़ा है जब उपायुक्त सहकारिता, उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं और जिला विपणन अधिकारी की संयुक्त टीम ने समिति के भंडारण का जांच किया गया था जिसमें धान की मात्रा 7036 क्विंटल कम पाई गई वहीं 17591 नग बारदाना भी गायब मिला था। जांच रिपोर्ट के मुताबिक गायब धान की कीमत 1 करोड़ 66 लाख 69 हजार 231 रुपए जबकि बारदाने की कीमत 13 लाख 99 हजार 114 रुपए आंकी गई थी। जांच टीम के अनुसार कुल 1 करोड़ 80 लाख 68 हजार 345 रुपए से अधिक का धान गबन होना पाया गया। इतना बड़ा धान घोटाला उजागर होने के बाद कई दिनों की जांच के बाद आखिरकार बुधवार की शाम को उमेश्वरपुर पुलिस चौकी में अपराध दर्ज करा दी गई। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर वे कौन किसान हैं जिनके नाम पर करोड़ों रुपए का धान चढ़ा दिया गया और भुगतान किसके किसके खाते में गया या फिर वास्तविक किसानों के खातों का दुरुपयोग हुआ या कहीं फर्जी किसानों के नाम पर कागजी खरीदी दिखाकर करोड़ों रुपए का आहरण कर लिया गया। क्या जांच होगी या हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी शॉर्टेज भरपाई की प्रक्रिया लाकर किसानों के आड़ में करोड़ों रुपए गबन करने वाले ऐसे समिति प्रबंधकों को छोड़ दिया जाएगा।

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें