झूलते तारों' से बिजली विभाग ने बांटी मौत की सौगात : खेत में घास काट रही महिला का पंजा कटकर अलग, विभाग बोला—'नियम देखेंगे'
Subhas Gupta
Tue, Oct 20, 2026
सूरजपुर। बिजली विभाग की 'मुस्तैदी' और 'गंभीरता' का एक और जीवंत नमूना सूरजपुर के रामानुजनगर में देखने को मिला है। यहाँ विभाग ने 11 हजार केवी की हाईटेंशन लाइन को जमीन से महज़ 5-6 फीट की ऊंचाई पर इसलिए झूला रखा है, ताकि आम जनता को करंट छूने के लिए ज्यादा मशक्कत न करनी पड़े। सोमवार को ग्राम पिवरी निवासी 28 वर्षीय शांति एक्का ने जैसे ही सिर पर घास की गठरी लादकर घर का रुख किया, हवा में मौत बनकर लहरा रहे तार उसका दाहिने हाथ का पंजा काट कर अलग हो गया और वे जिंदगी व मौत के बीच झूलने लगीं।
हादसा इतना वीभत्स था कि करंट लगते ही महिला वहीं गिर पड़ीं। आनन-फानन में उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर रेफर किया गया, जहाँ वे फिलहाल गंभीर हालत में आईसीयू की चौखट पर हैं।
ग्रामीण चीख-चीख कर कह रहे हैं कि खेत में 11 केवी का तार इंसानों के कद के बराबर लटक रहा है, जो किसी भी राहगीर के लिए खुला फंदा है। लेकिन जब तक कोई हाथ न कटे या कोई जान न जाए, तब तक फाइलों से बाहर झांकना विभाग के प्रोटोकॉल में शायद आता ही नहीं।
हादसे के बाद विभाग की घिसी-पिटी औपचारिकता भी सामने आ गई। हमेशा की तरह आला अधिकारी अस्पताल दौड़े और असिस्टेंट इंजीनियर (AE) आशीष लकड़ा ने वही सरकारी रटा-रटाया बयान थमा दिया—"नियमानुसार इलाज और आर्थिक मदद की व्यवस्था की जाएगी।"
साहब का यह 'नियमानुसार' आश्वासन सुनकर लोग हैरान हैं कि क्या विभाग के नियमों में यह भी दर्ज है कि पहले तार को इंसानों के गले तक लटकने दिया जाए, फिर किसी का अंग कटने का इंतज़ार हो, और अंत में चंद रुपयों के मुआवजे की पर्ची काटकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली जाए? महिला का एक हाथ हमेशा के लिए छिन चुका है, और विभाग अब फाइलों में 'नियम' तलाश रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन