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विधायक जी का जन्मदिन : फाइलें छोड़, विधायक जी की भक्ति में 'सुर' मिलाने लगे अधिकारी!"

Rajesh Soni

Sat, May 9, 2026

'मर्यादा की विदाई'

​सूरजपुर। अकसर आपने सुना होगा कि सरकारी अधिकारी जनता की सेवा के लिए होते हैं, लेकिन सूरजपुर में तो गंगा ही उल्टी बह गई! मौका था 'मुख्यमंत्री कन्या विवाह' का, जहाँ गरीब बेटियों के घर बसने थे, लेकिन हमारे जिले के आला अधिकारियों ने इसे 'विधायक जी का हैप्पी बर्थडे' बना डाला।

मंच सज़ा था बेटियों की विदाई के लिए, पर वहाँ तो प्रेमनगर विधायक भूलन सिंह जी के जन्मदिन का 'महासंग्राम' छिड़ गया। जनता देख रही थी कि कैसे सरकारी मर्यादा का गला घोंटकर तहसीलदार साहब, इंजीनियर साहब और शिक्षा विभाग के दिग्गज लाइन लगाकर खड़े थे।

​​सुरों का सैलाब: फाइलों पर पेन चलाने वाले हाथ माइक थामे गाना गा रहे थे। ऐसा लग रहा था जैसे कोई टैलेंट हंट चल रहा हो, बस फर्क ये था कि जज साहब खुद विधायक जी थे।

​चरण-वंदना का चमत्कार: कई अधिकारी महोदय तो जोश-ए-भक्ति में इतने बह गए कि मर्यादा को 'हवा' में उड़ाते हुए सीधे विधायक जी के चरणों में लेट गए। आशीर्वाद ऐसे लिया जा रहा था जैसे प्रमोशन की फाइल वहीं साइन होनी हो!

सरकारी मेला या पॉलिटिकल मेला? पुलिस विभाग भी पीछे नहीं रहा। सुरक्षा की जिम्मेदारी किनारे हुई और 'बर्थडे सेलिब्रेशन' की जिम्मेदारी सर आँखों पर।

बड़ा सवाल:

आम जनता दफ्तरों के चक्कर काटते-काटते थक जाती है, पर साहब मिलते नहीं। लेकिन अगर विधायक जी का जन्मदिन हो, तो पूरा महकमा एक ही मंच पर 'कोरस' गाता नजर आता है। वीडियो सोशल मीडिया पर क्या वायरल हुआ, अधिकारियों की 'भक्ति' के चर्चे अब हर नुक्कड़ पर हो रहे हैं।

​शायद अधिकारियों को लगा होगा कि कन्यादान से बड़ा 'विधायक दान' (वक्त का दान) है। अब देखना ये है कि इस 'सुरमयी' और 'भक्तिमय' कार्यक्रम के बाद शासन-प्रशासन इन 'गायक' अधिकारियों को कौन सा अवॉर्ड देता है—प्रशस्ति पत्र या कारण बताओ नोटिस?

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