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गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान के समीप जंगली जानवरों का आतंक, दिनदहाड़े बकरे का शिकार करने से ग्रामीणों में दहशत

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दहशत : गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान के समीप जंगली जानवरों का आतंक, दिनदहाड़े बकरे का शिकार करने से ग्रामीणों में दहशत

Rajesh Soni

Fri, Jul 10, 2026

सूरजपुर। जिले के चांदनी बिहारपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत कोल्हूआ में जंगली जानवरों की बढ़ती सक्रियता ने स्थानीय निवासियों की चिंता बढ़ा दी है। शनिवार को दिनदहाड़े घर के समीप चर रहे एक बकरे को जंगली जानवर द्वारा अपना शिकार बनाए जाने के बाद से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। पीड़ित पशुपालक संतोष पनिका ने बताया कि उनका बकरा घर के ठीक बगल में चर रहा था, तभी जंगल की ओर से आए एक जंगली जानवर ने अचानक हमला कर उसे दबोच लिया और घसीटते हुए घने जंगल के भीतर ले गया। घटना इतनी तीव्र थी कि परिजन कुछ समझ पाते, इससे पहले ही हमलावर जानवर ओझल हो चुका था। ग्रामीणों द्वारा की गई सघन खोजबीन के दौरान जंगल के किनारे बकरे का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि जंगली जानवर उसका अधिकांश हिस्सा खा चुका था।

​घटना की सूचना मिलने के बाद बिहारपुर के वन परिक्षेत्र अधिकारी (रेंजर) मेवा लाल पटेल ने बताया कि विभाग की टीम जल्द ही मौके पर पहुंचकर विस्तृत जांच करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि घटना का पंचनामा तैयार कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और विभाग द्वारा निर्धारित प्रावधानों के तहत पीड़ित पशुपालक को क्षतिपूर्ति राशि प्रदान की जाएगी, जिसके लिए ग्रामीणों को आवश्यक दस्तावेज कार्यालय में जमा करने होंगे। रेंजर के अनुसार, कोल्हूआ गांव की भौगोलिक स्थिति गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान के सघन वनों से सटी हुई है, जिसके कारण वन्यजीव अक्सर भोजन और पानी की तलाश में रिहायशी इलाकों की ओर रुख करते हैं और मवेशियों पर हमले की घटनाएं होती हैं।

​वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है। हालांकि, स्थानीय ग्रामीणों में बढ़ते भय के बीच प्रशासन से सुरक्षा की मांग तेज हो गई है। पूर्व में भी मवेशियों पर हमले की घटनाओं का जिक्र करते हुए ग्रामीणों ने मांग की है कि वन विभाग प्रभावित क्षेत्रों में नियमित गश्त बढ़ाए और वन्यजीवों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करे। ग्रामीणों का कहना है कि भविष्य में किसी बड़ी जनहानि या अनहोनी को रोकने के लिए गांवों के आसपास जंगली जानवरों के प्रवेश को रोकने हेतु तत्काल ठोस कदम उठाए जाने अत्यंत आवश्यक हैं।

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