: माँ महामाया सहकारी शक्कर कारखाने का निरीक्षण करने पहुचे कलेक्टर...
Fri, Nov 8, 2024
सौरभ द्विवेदी
सूरजपुर.
कलेक्टर एस.जयवर्धन ग्राम केरता माँ महामाया सहकारी शक्कर कारखाना निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। जहां उन्होंने गन्ना खरीदी और शक्कर उत्पादन के संबंध में उपस्थित संबंधित अधिकारी से जानकारी प्राप्त की। विगत पेराई सत्र 23-24 के सम्बंध में भी जानकारी ली। जिसमें संबंधित द्वारा बताया गया कि सूरजपुर, अंबिकापुर एवं बलरामपुर के तीनों जिलों के 16 विकासखंड के 9358.509 हेक्टेयर गन्ना रकबा से कुल 2,62,814.624 मीट्रिक टन गन्ना पेराई किया गया है। कलेक्टर ने पूरे कारखाने का बारीकी से अवलोकन किया व कार्यप्रणाली से अवगत हुए। उन्होंने कारखाने में लगे 06 मेगावाट पावर टरबाइन का निरीक्षण भी किया।उन्होंने क्षेत्र के गन्ना उत्पादक कृषकों के जीवन स्तर में सुधार हो और उनकी आय में वृद्धि हो इसके लिए उपस्थित संबंधित अधिकारी को किसान बंधुओं गन्ने के उत्पादन के संबंध में जानकारियां उपलब्ध कराने की निर्देश दिए। जिससे कि वो अच्छी किस्म व उच्च गुणवत्ता वाले गन्ने के उत्पादन का उत्पादन कर अपने जीवन स्तर को सकारात्मक दिशा दे सकें।
: समाधान शिविर बंशीपुर में 133 आवेदन मिले...
Fri, Nov 8, 2024
सौरभ द्विवेदी
सूरजपुर.
जिले के ग्राम पंचायत बंशीपुर में आज समाधान शिविर का आयोजन किया गया था। जिसमें आसपास के क्षेत्रवासी अपनी समस्याओं और आवेदन के साथ शिविर स्थल पर पहुंचे थे। समाधान शिविर में 133 आवेदन प्राप्त हुए। शिविर में कलेक्टर एस.जयवर्धन भी उपस्थित थे। जहां उनके द्वारा एक एक आवेदन का बारीकी से अवलोकन कर संबंधित विभाग को निराकरण हेतु अग्रेषित किया गया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी आवेदनों पर त्वरित निराकरण के निर्देश दिये और समय-सीमा में समाधान कारक निराकरण करने की बात कही। शिविर में उन्होंने वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई योजना प्रधानमंत्री जन धन को लेकर चर्चा की और सकरात्मक पहलुओं से उपस्थित जनों को अवगत कराया। इसके साथ ही उन्होंने सभी उपस्थित जनों को अपने आधार कार्ड को अपडेट रखने की बात कही ताकि आसानी से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सभी को मिल सके। शिविर स्थल में जनपद अध्यक्ष जगत लाल अयाम, शरद चंद द्विवेदी, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती कमलेश नंदिनी साहू, एसडीएम श्रीमती ललिता भगत, जनपद सीईओ राधेश्याम मिर्ज़ा, अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारीगण उपस्थित थे।
: उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही लोक आस्था का महापर्व छठ संपन्न हुआ...
Fri, Nov 8, 2024
सौरभ द्विवेदी
सूरजपुर- लोक आस्था का
महापर्व छठ
संपन्न हुआ. शुक्रवार सुबह छठ पूजा का दूसरा और आखिरी अर्घ्य दिया गया. उदीयमान भगवान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही चार दिनों का छठ पर्व संपन्न हो गया. उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए लोगों की भीड़ रेणुका नदी के छठ घाट पर जुटी थी. छठ घाट पर रंग-बिरंगी लाइट और फूल मालाओं से सजे थे. सूर्य को अर्घ्य देने के बाद व्रती उपवास खोलें साथ ही प्रसाद ग्रहण किये.
आज सुबह तीन बजे के बाद से ही रेणुका नदी के छठ घाट पर व्रती जुटने लगे. भगवान भास्कर को अर्घ्य देने के लिए लोगों में काफी उत्साह देखा गया. भगवान सूर्य के उदय होने के पहले सभी जगहों पर व्रती सूप में फल नैवेद्य और पूजन सामग्री लेकर भगवान सूर्य की ओर मुंह करके खड़ी हो गईं. इस दौरान सभी ने भगवान सूर्य का ध्यान करते हुए सूप के किनारे गंगा जल और दूध से अर्घ्य दिया.
छठ पूजा पूरी दुनिया का इकलौता ऐसा पर्व है जिसमें उगते सूरज के साथ डूबते सूरज की भी वंदना की जाती है, जल अर्पित किया जाता है. प्रकृति की वंदना का पर्व छठ यूं तो भारत के पूर्वांचल इलाके में ही मनाया जाता था लेकिन ग्लोबल होती दुनिया और संस्कृतियों के संगम के दौर में छठ अब महापर्व बनकर सूरजपुर जिले में धूमधाम से मनाया जाता है. इस पर्व में धरती पर ऊर्जा का संचार करने वाले भगवान भास्कर की पूजा-अर्चना की जाती है.
इस पर्व की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें धार्मिक भेदभाव, ऊंच-नीच, जात-पात को भुलाकर लोग एक साथ जलाशयों में मनाते हैं. कार्तिक महीने की षष्ठी को होने वाली छठ पूजा भारत में सूर्योपासना के लिए प्रसिद्ध पर्व है. यह बदलते हुए मौसम और पर्यावरण के सर्वथा अनुकूल पर्व है. यह वही समय है जब सर्दी शुरू होती है और हमारे जीवन के लिए सूर्य की गर्मी का महत्व बढ़ जाता है.
आपको बता दें कि हर साल दिपावली के छठे दिन यानी कार्तिक शुक्ल की षष्ठी को छठ पर्व मनाया जाता है. छठी मइया की पूजा की शुरुआत चतुर्थी को नहाए-खाय से होती है. इसके अगले दिन खरना या लोहंडा (इसमें प्रसाद में गन्ने के रस से बनी खीर दी जाती है). षष्ठी शाम और सप्तमी सुबह को सूर्य देव को अर्घ्य देकर छठ पूजा की समाप्ति की जाती है. सूर्य देव को अर्घ्य देने के लिए सूरजपुर जिले के विभिन्न क्षेत्र के सभी घाटों पर छठ व्रतियों की भीड़ उमड़ी. जहां श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-पाठ कर छठ का महापर्व मनाया.