: उद्यानिकी फसलों के लिए मौसम आधारित फसल बीमा,अंतिम तिथि 31 जुलाई...
Tue, Jul 16, 2024
सौरभ द्विवेदी
सूरजपुर.
राज्य में उद्यानिकी फसलों में पुर्नगठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना अंतर्गत मौसम खरीफ वर्ष 2024-25 के क्रियान्वयन हेतु छ.ग. शासन कृषि एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा अधिसूचना जारी कर दी गई है। जिसके अंतर्गत जिले में अधिसूचित फसलें टमाटर (बीमित राशि-120000, प्रीमियम राशि-6000), केला (बीमित राशि-85000, प्रीमियम राशि-4250), बैगन (बीमित राशि-77000 प्रीमियम राशि-3850), मिर्च (बीमित राशि-68000, प्रीमियम राशि-3400), अदरक (बीमित राशि-150000, प्रीमियम राशि-7500), पपीता (बीमित राशि-87000, प्रीमियम राशि-4350) एवं अमरूद (बीमित राशि-45000 प्रीमियम राशि-2250) है। योजना के क्रियान्वयन के लिए राजस्व निरीक्षक मण्डल को बीमा इकाई बनाया गया है एवं किसानों को बीमा हेतु कास्त के लिए निर्धारित ऋणमान (बीमित राशि) का 5 प्रतिशत प्रीमियम के रूप में देना होगा। इन सभी फसलों के जोखिम अवधि 1 मार्च 2024 से 31 दिसम्बर 2024 है। इस अवधि के दौरान किसी भी प्रकार के प्रतिकूल मौसम जैसे अधिक वर्षा, कम वर्षा, बेमौसम वर्षा, अधिक तापमान, कम तापमान, बीमारी अनुकूल मौसम, वायु गति से होने वाली फसलों की क्षति के नुकसान का आकलन स्वचलित मौसम केन्द्र द्वारा किया जावेगा।
स्थानीय आपदा ओलावृष्टि की स्थिति में कृषक इसकी सूचना सीधे बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर 1800-419-0344 पर या लिखित रूप से 72 घंटो के भीतर बीमा कंपनी संबंधित बैंक, स्थानीय उद्यानिकी विभाग/जिला अधिकारी को बीमित फसल के ब्यौरे, क्षति की मात्रा तथा क्षति का कारण सहित सूचित करेगा। सभी ऋणी एवं अऋणी कृषक जो भी उद्यानिकी फसलें ले रहे है, दिनांक 31 जुलाई 2024 तक लोकसेवा केन्द्र, बैंक शाखा, सहकारी समिति कंपनी के प्रतिनिधि के माध्यम से बीमा करा सकते है। ऋणी कृषक अपने सहकारी, ग्रामीण, वाणिज्यिक बैंक की शाखाओं से संपर्क कर नामांकन करा सकतें है एवं अऋणी कृषक नक्शा, खसरा एवं पासबुक की प्रति एवं क्षेत्र बुवाई प्रमाण पत्र या बुवाई के आशय का स्वघोषणा पत्र जो क्षेत्रीय राजस्व अधिकारी/ग्रा.उ.वी. अधिकारी द्वारा सत्यापित हो जमा कर नामांकन करा सकते है।
जिले में फसल बीमा योजना के क्रियान्वयन हेतु एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को अधिकृत किया गया हैं। इस संबंध में विस्तृत जानकारी सहायक संचालक उद्यान कार्यालय सूरजपुर या मैदानी क्षेत्रों में पदस्थ उद्यान विकास अधिकारियों से प्राप्त की जा सकती है
: 11 पटवारियों का हुआ तबादला...
Tue, Jul 16, 2024
सौरभ द्विवेदी
सूरजपुर.
जिले में प्रशासनिक कार्य व्यवस्था के तहत् 11 पटवारियों का स्थानांतरण किया गया है। कलेक्टर भू अभिलेख कार्यालय द्वारा जारी आदेशानुसार पटवारी सुश्री कुसमा सिंह को तहसील सूरजपुर से तहसील प्रतापपुर, सुश्री पूजा मिश्रा को तहसील प्रतापपुर से तहसील सूरजपुर, अमित सिन्हा को तहसील रामानुजनगर से तहसील लटोरी, मनीष श्रीवास्तव को तहसील लटोरी से ओड़गी, सुश्री कीर्ति शर्मा को तहसील भैयाथान से सूरजपुर , रिजवान अली को तहसील सूरजपुर से प्रेमनगर, रामाधार यादव को तहसील प्रतापपुर से भैयाथान, आदित्य नारायण द्विवेदी को तहसील भैयाथान से प्रतापपुर, सुरेन्द्र कुमार नेताम को तहसील प्रेमनगर से सूरजपुर, सुश्री रीता सिंह को तहसील भैयाथान से ओड़गी तथा भुपेन्द्र कुशवाहा को तहसील ओडगी से भैयाथान स्थानांतरित किया गया है।
: जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में एंटी स्नैक वेनम उपलब्ध...
Tue, Jul 16, 2024
सौरभ द्विवेदी
सूरजपुर.
बरसात के मौसम में होने वाली सर्पदंश के साथ मौसमी बीमारी में होने वाली सर्पदंश की घटनाओं में मरीजों को उपचार देने के लिए जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में पर्याप्त मात्रा में दवाईयों का भण्डारण किया गया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रमकोला में सर्प दंश के उपचार के लिए 30 वायल एंटी स्नैक वेनम और जिले में 4772 वायल एंटी स्नैक वेनम उपलब्ध है। जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारी प्रतापपुर के जांच प्रतिवेदन में स्पष्ट हुआ कि सर्पदंश पीड़ित ग्राम बोंगा निवासी धनेश्वर आयाम आ. हीरालाल आयाम को उनके परिजन दोपहर में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रमकोला में लेकर आये, जहां सर्पदंश से पीड़ित को 10 वायल एंटी स्नैक वेनम लगाया गया। उसके पश्चात् सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र प्रतापपुर हेतु रेफर किया गया है। रेफर के आधा घण्टा के बाद वाहन चालक अख्तर खान से फोन से संपर्क करने पर पता चला कि मरीज को उनके परिजन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र प्रतापपुर न ले जाकर गृह ग्राम बोंगा ले गये। वाहन चालक से पूछने पर बताया गया कि मरीज के परिजन के द्वारा मरीज का शरीर ठंडा हो गया बता कर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र प्रतापपुर ले जाने से मना किया गया।