: ईडी की कार्यवाही,कवासी लखमा समेत 4 जगहों पर छापा....
Sat, Dec 28, 2024
सुकमा. छत्तीसगढ़ में ED सक्रिय नजर आ रही है. छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में ED की टीम ने की बड़ी छापामार कार्रवाई की है. ED की टीम सुकमा जिले में रेड कर रही है. सुकमा जिला मुख्यालय में चार ठिकानों पर ED का छापा जारी है. पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, नगर पालिका अध्यक्ष राजू साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश कवासी, ठेकेदार RSSB के घर ईडी का छापा पड़ा है|
: उप स्वास्थ्य केंद्र का हाल बेहाल, जनता है बेहाल...
Sat, Dec 28, 2024
राजनांदगाव. डोंगरगाव विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत- करमतरा के उप स्वास्थ्य केंद्र मे असिस्टेंट मेडिकल ऑफिसर पांच वर्षों से रात मे कभी नहीं जाती अस्पताल आया और नर्स डिलवरी केस को करती है हेंडल वही मुख्यलाय मे नहीं रहती डॉक्टर चलाती है अपनी मनमानी जिसके चलते ग्रामीण है और स्टाफ परेशान है| गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार स्वास्थ्य को लेकर नये- नये योजना ला रही है सरकार गाँव गरीब को स्वास्थ्य सुविधा सुनिचित करने हर हर संभव कोशिश कर रहा है वही गाँव मे उप स्वास्थ्य सुविधा के लिए उस डॉक्टर पर मरीज निर्भर रहते है पर राजनांदगाँव जिले के डोंगरगाँव विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत मे उप स्वास्थ्य केंद्र है जिसमे मरीजों को प्राथमिक उपचार मिल सके लेकिन सरकार की छवि को किस तरह धूंधला किया जा रहा है| ग्राम करमतरा मे पिछले 5 वर्षों से असिस्टेंट मेडिकल ऑफिसर तैनात है दिन मे अपनी ड्यूटी तो करती है पर रात मे कभी भी डिलीवरी मरीज आ जाती है तो फोन पर मरीज का हाल चाल पुंछ कर नर्स और आया को निर्देश कर देती है कि उन्हें मेडिकल कॉलेज रिफर कर दो पर अपना खुद नहीं आती है, वही नर्स और आया डिलीवरी केस को 5 वर्षो से बिना डॉक्टर के डिलवरी केस को हेंडल कर रही है वही अपनी मनमानी दिखाते असिस्टेंट मेडिकल ऑफिसर पूरे स्टाफ नर्स और आया को धमका कर रखी है जिसके करण कोई कुछ नहीं बोल पा रहे है वही दो दिन पहले सुखरी ग्राम से एक प्रसव के मामला आया था पर असिस्टेंट मेडिकल ऑफिसर उसी समय अपना काम से स्वास्थ्य केन्द्र आई और मरीज को देखे बिना ही चली गई । उसके बाद मरीज परिजनों के साथ अपने घर चले गये। और फिर रात दर्द जब अधिक हुआ तो रात मे मरीज अस्पताल पहुंची पर डॉक्टर नहीं थी नर्स, आया और चौकीदार ही अस्पताल मे थे, जब मिडिया की टीम पहुंची तो सारा मामला खुलकर सामने आया की अस्पताल मे पिछले 5 वर्षों से रात मे डिलवरी मरीज आने पर डॉक्टर नहीं नर्स ओर आया ही डिलवरी मरीज को निपटाते है वही एक खास बात यह भी है की डॉक्टर मेडम राजनांदगाँव के पेण्ड्री मे रहती है और जहाँ अस्पताल करमतरा मे है लगभग इसकी दूरी 15 किलोमीटर होगीं। वही सारे नर्स स्टाप रहती है पर असिस्टेंट मेडिकल ऑफिसर नहीं रहती, कुछ देर में सरपंच भी ग्रामीणों के साथ मरीज का हालचाल पता करने स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचे| वही ग्राम-पंचायत करमतरा की महिला सरपंच रोमश्वरी साहू ने पूरे मामले का संज्ञान मे आते ही कलेक्टर महोदय मुख्य चिकित्सा अधिकारी को इस पर जांच कर तत्काल कार्यवाही करने की बात कही है|
: बस्तर संभाग से राजधानी लौटी राइड फ़ॉर पीस बुलेट रैली...
Fri, Oct 25, 2024
सौरभ द्विवेदी
रायपुर. राजधानी रायपुर से 20 अक्टूबर को निकली राइड फ़ॉर पीस रैली देर शाम बाइक रैली नारायणपुर से वापिस रायपुर पहुची। डायोसिस ऑफ छत्तीसगढ़ द्वारा 06 दिवसीय शांति संदेश यात्रा बस्तर संभाग के सातों जिलों में निकाली गई।बस्तर के अनेक स्थानों पर रैली में शामिल सदस्यों द्वारा नुक्कड़ नाटक के माध्यम से विभिन्न सामाजिक बुराइयों से संबंधित जागरूकता का संदेश दिया गया । जिसमें स्थानीय शासन-प्रशासन का सहयोग राइड फ़ॉर पीस के सदस्यों को प्राप्त हुआ।बस्तर संभाग के लिए निकली राइड फ़ॉर पीस में राइडर्स तथा सपोर्ट टीम सहित करीब 100 से अधिक लोग शामिल रहे।इस दौरान नारायणपुर बस स्टैंड में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नशा मुक्ति का संदेश देते हुए नुक्कड़ नाटक किया गया। नशे को ना, जिंदगी को हां , स्लोगन के साथ संगीतमय प्रस्तुति रेव. शमशेर सैम्यूल के निर्देशन में किया गया जिसका समापन सामूहिक गान से हुआ जिसमें उपस्थित सभी नागरिकों ने एक स्वर में "हम होंगे कामयाब - हम होंगे कामयाब" गाया , साथ में स्वच्छता, पर्यावरण रक्षा, नशा उन्मूलन, एकता व शांति का संकल्प लिया। रैली के संयोजक नितिन लॉरेंस ने राइड फ़ॉर पीस में सहयोग के लिए बस्तर संभाग के समस्त जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया तथा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को विशेष धन्यवाद और आभार व्यक्त किया जिनके दिशा-निर्देश पर बस्तर संभाग के अधिकारियों के द्वारा रैली को सभी जगह सुरक्षा और सहयोग प्राप्त हुआ। उल्लेखनीय है कि सर्व धर्म, सर्व समाज के गणमान्य जनों के सहयोग व सहभागिता से रविवार 20 अक्तूबर को बुलेट रैली राजधानी रायपुर से शुरू होकर, कोंडागांव, जगदलपुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर होते हुए 25 अक्टूबर की सुबह नारायणपुर से निकलकर फरसगांव, कांकेर होते वापिस रायपुर में आकर समाप्त हुई। रैली में हर उम्र वर्ग के प्रतिभागियों के साथ महिलाएं व युवतियां भी शामिल रही। बस्तर संभाग के अपनी इस यात्रा को अभूतपूर्व व अविस्मरणीय बताते हुए कुछ प्रतिभागियों ने कहा कि कुछ जगह के अलावा सभी जगह की सड़कें बढ़िया थी, बस्तर की हरियाली देखने लायक है। जिसका आनंद बाइक की यात्रा से ही लिया जा सकता है। कई स्थानों पर ठहर कर नजर भर कर देखते रहने का मन कर रहा था, सचमुच हमारा बस्तर बहुत सुन्दर है, यहां के लोग भी बहुत सहयोगी हैं, इसमें कोई दो मत नही है।