: खेत मे मिली युवक की खून से सनी लाश
Fri, Jun 22, 2018
पेंड्रा-गौरेला के सारबहरा इलाके में खून से लथपथ शव मिलने से सनसनी फैल गई जब सारबहरा बाईपास से लगे एक खेत मे युवक की खून से सनी लाश मिली।आसपास के लोगो ने घटना की जानकारी गौरेला पुलिस को देने पर गौरेला पुलिस की टीम मौके पर पहुच गई मृतक की शिनाख्त खोडरी गांव में रहने वाले सुनील तिवारी जो निजी फाइनेस कंपनी में काम करने युवक के रूप में हुई है।फिलहाल पुलिस मामले में हत्या का अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।दरअसल आज सुबह कुछ लोगो ने गौरेला के सारबहरा बाईपास के किनारे खेत मे एक खून से सनी लाश देखी जिसके बाद घटना की जानकारी गौरेला पुलिस को दी जिसके बाद गौरेला पुलिस मौके पर पहुचकर मामले की जांच में जुट गई है। खून सनी शव प्रथम दृष्टया मामला हत्या का ही लगता है मौके पर शराब की बोटल और डिस्पोजल भी मिले है मृतक खोडरी गांव का रहने वाला सुनील तिवारी है और गौरेला में चोला मंडलम फाइनेस कंपनी में कार्यरत था और कल रात काफी समय तक घर नही पहुचने के चलते घर वालो ने मामले की जानकारी गौरेला पुलिस को दी थी।तो वही घटनास्थल से मृतक का मोबाइल भी मिला है जिसे तोड़ दिया यया है।फिलहाल गौरेला पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
: केबिनेट मंत्री, विधायक प्रेमप्रकाश पाण्डेय ने अधिकारियों ली बैठक
Wed, Jun 20, 2018
शमरोज खान
भिलाई नगर- छत्तीसगढ़ शासन के केबिनेट मंत्री व भिलाई विधायक प्रेमप्रकाश पाण्डेय ने अधिकारियों की बैठक लेकर विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने पीडब्ल्यूडी विभाग के अंतर्गत किये जा रहे कार्यों की जानकारी अधिकारियों से लेते हुए जल्द कार्य करने के निर्देश दिये। इसके अतिरिक्त सौभाग्य योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को दिये जाने वाले बिजली कनेक्शन के कार्य प्रगति की जानकारी ली। श्री पाण्डेय ने आज जिला प्रशासन, पीडब्ल्यूडी विभाग एवं बीएसपी अधिकारियों की बैठक आज दुर्ग सर्किट हाउस में ली। इस दौरान उन्होंने शहर में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए समीक्षा की। उन्होंने नेहरू नगर में बन रहे अण्डरब्रिज एवं ओव्हरब्रिज की कार्य प्रगति की जानकारी लेते हुए पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों को इसका कार्य जल्दी पूर्ण करने के निर्देश दिये। इस दौरान अधिकारियों द्वारा उन्हें कार्य में आ रही तकनीकी खामियों की जानकारी दी गई। इसके अलावा हुडको क्षेत्र में विभाग द्वारा सड़क एवं नाली निर्माण कार्य की भी जानकारी अधिकारियों से ली एवं कार्य प्रगति को जाना व अधिकारियों की निर्देश दिये कि यह सभी कार्य निर्धारित समय में पूर्ण हो जाएं ताकि लोगों को इसका लाभ जल्दी मिलने लगे। इसके अलावा हुडको में बनने वाले इंडोर स्टेडियम के संबंध में भी अधिकारियों से चर्चा की। बैठक में एसडीएम संजय अग्रवाल सहित पीडब्ल्यूडी एवं बीएसपी प्रशासन के अधिकारी मौजूद थे।
रिटेंशन स्कीम में जल्द मिलेगी राहत...
रिटेंशन स्कीम के तहत बीएसपी आवासों में निवासरत सेवानिवृत्त कार्मिकों को जल्द ही भारी भरकम किराये से राहत मिलने वाली है। इस संबंध में आज श्री पाण्डेय को जानकारी देते हुए बीएसपी अधिकारियों ने बताया कि इस आशय की फाइल सेल प्रबंधन को भेजी जा चुकी है जिसे जल्द ही मंजूरी मिलते ही आदेश लागू कर दिया जाएगा। ज्ञात हो कि रिटेंशन स्कीम के तहत बीएसपी आवासों में निवासरत पूर्व कार्मिकों से तय अवधि पश्चात आवास सरेंडर नहीं किये जाने पर प्रबंधन द्वारा निर्धारित दांडिक किराया लिया जाता था। जिसे प्रबंधन ने पूर्व में 64 गुना कर दिया था। इस संबंध में मंत्री श्री पाण्डेय ने बीएसपी प्रबंधन के अधिकारियों से चर्चा कर इसे कम करने के निर्देश दिये थे।
: पुलिस कर्मियों के परिवार का धरना प्रदर्शन
Wed, Jun 20, 2018
राजेश सोनी
दुर्ग- छत्तीसगढ़ पुलिस में कार्यरत पुलिस कर्मियों के परिवार के सदस्यों द्वारा विभिन्न मांगों को लेकर दुर्ग कलेक्टोरेट के सामने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया किया गया । प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में पुलिस परिवार की महिलाएं,माताएं,बहने शामिल हुई । बता दें कि पुलिस के परिजनों की मांग है कि पुलिस विभाग में अन्य विभागों की तरह समान्य सुविधाएं दी जाएं। जैसे साप्तहिक अवकाश, ड्यूटी तय समयावधि जैसे अन्य सुविधाएं देने की मांग की जा रही है। प्रदेश में यह अपनी तरह का पहला आंदोलन होगा, जिसमें पुलिस के लिए उनके परिजनों द्वारा किया जाएगा। आपको बता दे मंगलवार को धरना प्रदर्शन को जहाँ वकील, पत्रकारों,व राजनीतिक दलों ने समर्थन दिया वही आज भिलाई के सुपेला चौक पर हिन्दू युवा छात्र मंच के कार्यकर्ताओं ने पुलिस परिवार को अपना समर्थन दिया।
ये है मांग---
1.पौष्टिक आहार भत्ता: सौ रूपए के स्थान पर 3 हजार रूपए प्रतिमाह किया जाए। सौ रूपए में प्रतिमाह पौष्टिक आहार संभव नहीं है।
2. मेडिकल भत्ता: दो सौ रूपए के स्थान पर 2 हजार रूपए दिया जाए। डॉक्टर की फीस और दवाईयां महंगी हो जाने के कारण सिर्फ दो सौ रूपए में स्वयं व परिवार का इलाज करा पाना संभव नहीं है। अन्य विभागों की तरह राज्य के तृतीय वर्ग पुलिस कर्मचारियों के परिवार को मुफ्त इलाज की व्यवस्था कराई जानी चाहिए।
3. मोबाइल भत्ता: प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी को 5 सौ रूपए मोबाइल भत्ता प्रदान किया जाए।
4. वर्दी धुलाई भत्ता: 60 रूपए के स्थान पर 5 सौ रूपए वर्दी धुलाई भत्ता दिया जाए।
5. साइकिल भत्ता: साइकिल भत्ता को समाप्त कर मोटर साइकिल पेट्रोल भत्ता न्यूनतम 3 हजार रूपए प्रतिमाह दिया जाए।
6. कीट पेटी भत्ता: कीट पेटी सामग्री (मध्यप्रदेश की तरह छत्तीसगढ़ में भी बंद किया जाए), उसके एवज में कीट भत्ता प्रतिवर्ष उत्तरप्रदेश, बिहार और मध्यप्रदेश की तरह 10 हजार रूपए न्यूनतम पदक्रमानुसार प्रदान किया जाए।
7. राशन मनी भत्ता: राज्य के समस्त कर्मचारियों और अधिकारियों को राशन मनी अर्धसैनिक बल की तरह 3050 रूपए प्रतिमाह प्रदान किया जाए। वर्तमान में सिर्फ नक्सल प्रभावित क्षेत्र में तैनात कर्मचारियों को ही 650 रूपए मिलता है।
8. आवास भत्ता: सभी कर्मचारियां को टू बीएचके शासकीय आवास मिलना चाहिए। न मिलने की स्थिति में पदानुसार प्रचलित दर पर 6 हजार रूपए मकान किराया भत्ता प्रदान किया जाए।
9. यात्रा भत्ता: पुलिस कर्मचारियों को व्हीआईपी ड्यूटी, लाइन आर्डर, मुल्जिम पेशी, डाक ड्यूटी व अन्य शासकीय कार्य पर एक स्थान से दूसरे स्थान जाने के लिए सातवें वेतनमान के अनुसार यात्रा भत्ता दिया जाए। शासकीय ड्यूटी के दौरान लॉजिंग, बोर्डिंग की सुविधा दी जाए।
10. वेतन: छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग कर्मचारियों के ग्रेड पे में अंतर है। कार्य के आधार पर पुलिस आरक्षकों का ग्रेड पे भी 28 सौ रूपए होना चाहिए।
11. प्रमोशन: योग्य व वरिष्ठ आरक्षकों को विभागीय पदोन्नति परीक्षा के माध्यम से उपनिरीक्षक स्तर के अधिकारी पद पर पदोन्नत किया जाना चाहिए।
12. साप्ताहिक अवकाश: सिविल कर्मचारियों की तरह पुलिस कर्मचारियों को भी शासकीय अवकाश का लाभ मिलना चाहिए।
13. नक्सली भत्ता: जिस तरह मुख्यमंत्री सुरक्षा, राज्यपाल सुरक्षा में लगे जवानों को 50 प्रतिशत सुरक्षा भत्ता मिलता है, उसी तरह 50 प्रतिशत नक्सली भत्ता नक्सल क्षेत्र में तैनात आरक्षकों को मिलना चाहिए।
14. ड्यूटी: प्रत्येक पुलिस कर्मचारी का ड्यूटी समय 8 घंटे का हो और तीन पालियों में ड्यूटी होनी चाहिए। निर्धारित समय से ज्यादा कार्य लेने पर दोगुने दर पर नगदीकरण होना चाहिए।
15. सुरक्षा: आम्र्स बुलेट पु्रफ जैकेट एवं सज्जो सामान को अति आधुनिकिकरण के साथ दिया जाना चाहिए।
16. शहादत: ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर कर्मचारियों को शहीद का दर्जा दिया जाना चाहिए। शहीद के परिवार को संपूर्ण व्यवस्था प्रदान किया जाना चाहिए। शहीद परिवार के आश्रित को मध्यप्रदेश की तरह एक करोड़ रूपए बीमा राशि दिया जाना चाहिए।