: स्वा0 संयोजक संघ की हड़ताल से ठप हुआ टीकाकरण कार्य, कई स्वास्थ्य केन्द्र भी रहे बंद
Tue, Jul 17, 2018
प्रवेश गोयल
रायपुर/सूरजपुर- छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ के द्वारा वेतन विसंगति दूर करने की मांग को लेकर मंगलवार को रायपुर में किये गये एक दिवसीय सांकेतिक आंदोलन के कारण जिले में ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में मंगलवार को आयोजित होने वाला टीकाकरण कार्यक्रम पूरी तरह से ठप रहा। न तो शिशु संरक्षण के तहत टीकाकरण हो पाया और न ही गर्भवती माताओं की एचआईबी व अन्य जांच हो पाई। संघ के द्वारा यह दावा किया जा रहा है कि पूरे प्रदेष के उपस्वास्थ्य केन्द्र हड़ताल के कारण बंद रहे।
छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष संदीप गुप्ता ने बताया कि एक दिवसीय आंदोलन के तहत प्रदेष के लगभग 12 हजार कर्मचारी रायपुर में शामिल हुए थे, इस वजह से सूरजपुर जिले समेत प्रदेष भर में टीकाकरण का कार्य नहीं हो पाया, उपस्वास्थ्य केन्द्र भी बंद रहे। यदि उनकी मांग न मानी गई तो अगस्त माह में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जायेगी। जिसकी वजह से एमआर अभियान भी नहीं हो पायेगा।
: ट्रेलर पलटा 4 की हुई मौत
Tue, Jul 17, 2018
पप्पू जायसवाल
जांजगीर-चाम्पा डभरा क्षेत्र के घोघरी गांव में तेज रफ्तार ट्रेलर पलटने से 4 लोगों की मौत हो गई, हलाकि हादसे के बाद ड्राइवर और हेल्पर फरार हो गया है, पत्थर से भरा ट्रेलर डभरा की ओर जा रहा था, तभी ट्रेलर पलट गया. इस दौरान सड़क किनारे मवेशी लेकर जा रहे 2 लोगों को साथ बाइक सवार 2 लोगों को ट्रेलर की चपेट में आ गए मृतको में एक डभरा के रहने वाले बताए जा रहे हैं,
मृतक का नाम नुरुला अंसारी,
असलम, अकरम तीनो बिहार निवासी हैं इनका सारंगढ में गैरेज हैं घोघरी मस्जिद गए हुए थे!
: छत्तीसगढ़ में 34 हाथी मरे बिजली करेंट से..हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस
Tue, Jul 17, 2018
राजेश सोनी
रायपुर-छत्तीसगढ़ में बिजली करेंट से हाथियों के मरने के मुद्दे पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायधीश अजय कुमार त्रिपाठी तथा न्यायमूर्ति प्रितिंकर दिवाकर की युगल पीठ ने जनहित याचिका स्वीकार करते हुए सचिव वन विभागए प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) मैनेजिंग डायरेक्टरए छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कंपनी, तथा डायेक्टर प्रोजेक्ट ऐलीफेन्ट पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ट्रांसमिशन कंपनी तथा ऊर्जा विभाग को नोटिस जारी कर 4 सप्ताह में जवाब देने को कहा है।
रायपुर निवासी नितिन सिंघवी द्वारा दायर जनहित याचिका (05/2018) याचिका में बताया गया है कि छत्तीसगढ़ में 2005 से मार्च 2017 तक 103 हाथियों की मौतें हुई जिसमें से 34 मौते बिजली करेंट से हुई है। इन 34 मौतों में कुछ मौते हाथियों के क्षेत्र में विद्युत लाइन अत्यंत नीचे होने के कारण व कुछ मौतें ग्रामीणों द्वारा तारों में विद्युत प्रवाह करने के कारण हुई है। धरमजयगढ़ वन मंडल के नारंगी वन क्षेत्र में अत्यंत नीचे होकर गुजर रही 11000 वोल्टेज हाईटेंशन लाईन को ठीक करने के लिये वन विभाग 2012 से छग राज्य विद्युत वितरण कंपनी को पत्र लिख रहा है, वहां पर पानी पीने के लिये तालाब की मेड़ पर चढ़ रहे हाथी के सिर का हाईटेंशन लाइन छू जाने से मौत हो गई थी। वन विभाग 2012 से लगातार सरगुजा क्षेत्र में विद्युत लाइनों को ऊंचा करने और केबलिंग की मांग कर रहा है। 23 जनवरी 2015 को राज्य वन्यजीव बोर्ड की बैठक में भी हाथियों की करेंट से मौतों पर चर्चा हो चुकी है।
याचिका में मांग की गई है कि हाथियों को बिजली करेंट से बचाने के लिये हाथी रहवासी वनों में विद्युत लाइनों को हाथी क्षेत्रों के लिये निर्धारित मानक दूरी तक ऊंचा करने हेतु निर्देशित किया जावें ताकि हाथियों द्वारा सूड़ उठाने पर भी विद्युत लाईन से न टकरा पाये ना ही ग्रामीणों द्वारा तार बिछाकर विद्युत प्रवाह करने से हाथियों की मौतें हो सकें