: तीन सिर वाले नवजात को देखने उमड़ रही भीड़
Fri, Jul 6, 2018
प्रवेश गोयल
कवर्धा
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अभी तक 3 सिर वाले बच्चों की तस्वीर और कहानी सोशल मीडिया या यू-ट्यूब चैनल पर देखा है । इस बार छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिससे पूरे देश दुनिया को चौंका दिया है । रायपुर के एक अस्पताल में कवर्धा जिले की एक गर्भवती महिला ने 3 सिर 4 हाथ और 4 पैर वाले नवजात शिशु को जन्म दिया । जन्म के दौरान बच्चे की मौत हो गयी थी. यह खबर फैलते देर नहीं लगी और लोग इसे ब्रम्हा का अवतार मानकर देखने के लिए जुट गए. अस्पताल में मौजूद आम लोगों के अलावा नर्स और डॉक्टर भी इस बच्चे को देखने दौड़ पड़े.
बताया जाता है कि कवर्धा की रहने वाली धनैया बाई पति गणेश साहू ने 7 महीने में ही इस बच्चे को जन्म दिया । मिली जानकारी के मुताबिक महिला को उसके गर्भ में में बच्चे की हलचल करने की स्थिति मालूम नहीं हो पा रहा था । लिहाजा महिला और उसके पति दोनों जिले के स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और वहां डॉक्टर से अपना चेकअप करवाया । उसके बाद जिला चिकित्सालय में सोनोग्राफी करवाया जहां से महिला को इलाज के लिए रायपुर अस्पताल में रेफर कर दिया गया । रायपुर के अस्पताल में महिला की नार्मल डिलीवरी हुई । इस दौरान महिला ने 3 सिर वाले मृत बच्चे को जन्म दिया । बच्चे की मौत की खबर सुनते ही महिला और उसके परिवार वाले सदमे में है । बताया जाता है कि महिला शादी के 6 साल बाद अपने पहले बच्चे को जन्म देने वाली थी लेकिन उसने 3 सिर वाले मृत बच्चे को जन्म दिया । इस बात की चर्चा कवर्धा जिले से लेकर पूरे छत्तीसगढ़ में है ।
पहले बच्चे की खुशियां मनाने वाले थे दम्पति
बच्चे के माता-पिता की माने तो वह अपने पहले बच्चे को लेकर काफी खुश थे क्योंकि उन्हें लगभग 6 साल बाद यह खुशी मिली थी । परिवार के यह दंपत्ति इतने खुश थे कि बच्चा जन्म देने की जानकारी आस पड़ोस से लेकर पूरे रिश्तेदारों में दे दी थी और बच्चे के जन्म से पहले उसकी आने की खुशियां मना रहे थे लेकिन यह खुशी अचानक मातम में बदल गई ।
: नंबर प्लेट पर न्यायाधीश लिखकर वाहन में करते थे गांजा की तस्करी, 100 किलो गांजा के साथ कार जप्त
Fri, Jul 6, 2018
प्रवेश गोयल
बालोद
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गुरुवार की रात लगभग 11.30 बजे दुर्ग रेंज के पुलिस महानिरीक्षक जी.पी. सिंह को मुखबीर से सूचना प्राप्त हुई की एक व्हाइट कलर की कार जिसका नम्बर सीजी 04 केएफ 7333 जिसमे बस्तर की तरफ से गांजा लेकर परिवहन किया जा रहा है जिसकी सूचना पुलिस महानिरीक्षक न्यू बालोद पुलिस अधीक्षक आई के एलेसेला को दी और निर्देशित किया। जिस पर पुलिस अधीक्षक बालोद द्वारा जिले के समस्त थाना चौकी प्रभारियों को नाकेबंदी कर चेकिंग करने के निर्देश दिए।
मरकाटोला थाना गुरुर क्षेत्र में नाकेबंदी के दौरान सूचना मिली कि एक वाइट कलर की कार सीजी 04 केएफ 7333 मरकाटोला घाट के पास रोका गया। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची तो कार सवार 2 व्यक्ति कार को छोड़कर जंगल की ओर भाग गए। वहां चेक करने पर 11 बंडल पैकेट गांजा मिला जो लगभग 100 किलो होने का अनुमान लगाया जा रहा है। जिसकी कीमत 8 लाख रुपये है।
गाड़ी के अंदर न्यायधीश के नाम की नंबर प्लेट
पुलिस द्वारा पकड़ी गई गाड़ी में 2 अन्य नम्बर प्लेट भी मिले है जिसमे 1 नम्बर प्लेट में न्यायाधीश लिखा हुआ है। जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि तस्कर पुलिस को धोखा देने के लिए गाड़ी में नंबर प्लेट बदल कर तस्करी करते थे। नंबर प्लेट अलग राज्य का होने से यह भी सहके है कि ये राज्य बदलते ही गाड़ी का नंबर प्लेट बदल देते होंगे, जिससे उस राज्य की पुलिस रोके नही। इससे अंतराज्यीय गिरोह होने का भी अनुमान है। पुलिस द्वारा प्रकरण में लगातार विस्तृत विवेचना की जा रही है एवं आरोपियों की पतासाजी की जा रही है
: आज भी बैलों की जगह हल में जोती जाती हैं बेटियां
Fri, Jul 6, 2018
प्रवेश गोयल
रायपुर- यह तस्वीर नहीं, बल्कि बस्तर का वह चेहरा है, जहां आज भी ऐसे बहुत से गरीब किसान हैं, जिनके पास खेतों की जोताई के लिए ना बैल हैं, ना ही जरूरी संसाधन। ऐसे में कोंडागांव जिला मुख्यालय से उमरकोट मार्ग पर 30 किमी दूर स्थित मालगांव के बुजुर्ग आदिवासी किसान की बेटियां बैलों की जगह खुद जुतकर महिला सशक्तिकरण का उदाहरण पेश कर रही हैं।
यही वजह है कि बस्तर के आदिवासी परिवारों की अर्थव्यवस्था की धुरी माने जाने वाली नारी के विवाह के दौरान वर पक्ष धनराशि देता है, जिसे मानवशास्त्री वधुमूल्य कहते हैं।