: शिक्षाकर्मी संविलियन.. हर मुश्किल हुई आसान, नियुक्ति दिवस से गिनी जायेगी वरिष्ठता
Fri, Jul 13, 2018
प्रवेश गोयल
रायपुर- संविलियन के नियमो का इंतजार कर रहे शिक्षाकर्मियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य सरकार ने साफ कर दिया है कि निम्न से उच्च पद पर कार्यरत शिक्षक हेतु सेवाकाल गणना निम्न पद पर कार्यभार ग्रहण के दिनांक से की जायेगी। वहीं एनओसी के आवेदन कार्यालय में लंबित हैं, उन्हें एनओसी प्रदान किया जाना मानकर सेवाकाल की गणना निम्न पद पर कार्यभार ग्रहण के दिनांक से की जायेगी।
जारी गाईड लाइन के तहत जिन शिक्षाकर्मियों ने एनओसी प्राप्त करने के बाद ग्रामीण निकाय से नगरीय निकाय या नगरीय निकाय से ग्रामीण निकायों में निम्न से उच्च पद पर नियुक्त हुए हैं, उनके लिए सेवाकाल की गणना उच्च पद पर कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से की जायेगी।
शिक्षक पंचायत संवर्ग के कर्माचारियों के ट्रांसफर आपसी सहमति से अब शिक्षा विभाग द्वारा किया जायेगा। स्कूलों में पदस्थ अतिशेष शिक्षक के समायोजन का जिम्मा भी भविष्य में शिक्षा विभाग के पास ही होगा। वेतन वृद्धि देकर ही सातवाँ वेतनमान का निर्धारण किया जायेगा ये भी राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है। समस्त लम्बित एरियर्स और वेतन भुगतान के मामलों का भी निराकरण किया जाएगा’
वहीं 8 वर्ष वाले समस्त अप्रशिक्षित शिक्षाकर्मियों का भी संविलियन किया जायेगा। अप्रशिक्षित शिक्षक पंचायत नगरीय निकाय संवर्ग को वेतन वृद्धि का लाभ प्रदान किया जायेगा। जो हाईकोर्ट में लंबित याचिका में पारित निर्णय के अधीन होगा। सीनियरिटी का निर्धारण जीएडी के निर्देश पर किया जायेगास्थानांतरण और पदोन्नति प्राप्त शिक्षाकर्मियों का प्रथम नियुक्ति से ही गणना करके संविलियन किया जाएगा। वहीं जिन शिक्षाकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच चल रही है, उनकी जांच अब शिक्षा विभाग के अधिकारी करेंगे, हालांकि फिलहाल इसका असर संविलियन पर नहीं होगा।
: यह जानकर आपके भी उड़ जाएंगे होश कि कॆसे गायब हो गई पुलिया, प्रशासन जुटा तलाश में
Mon, Jul 9, 2018
प्रवेश गोयल
गरियाबंद- जिले के एक गांव में एक ऐसी बात सामने आई है, जिस पर यकीन कर पाना मुश्किल है। होगा भी कैसे घटना ही ऐसी है, मामले को जानकर शायद ही कोई यकीन करे। दरअसल जिले के एक गांव से
पुलिया गायब
हो गयी है और यह बात सोलह आने सच है।
गौर करने वाली बात यह है कि प्रशासन ने गायब हुए पुलिया को ढुंढना भी शुरू कर दिया है। पुलिस गायब होने से एक ओर जहां गामीणों के होश उड़ गए हैं तो वहीं दूसरी ओर ठेकेदार और
प्रशासन
के
अधिकारियों
की नींद उड़ गई है।मामला प्रदेश के गरियाबंद जिले के भतराबहली गॉव का है, जहां सन् 2015-16 में
मनरेगा
के तहत 9 लाख की लागत से सीसी रोड और पुलिया का निर्माण कराया गया था। इस निर्माण कार्य का काम सरकार ने एक एजेंसी के ठेकेदार को दिया गया था। यहां तक तो मामला ठीक है, लेकिन इस मामले में मोड़ तब आया जब 29 जून को गॉव में ग्रामसभा की बैठक हुई, जिसमें 2015-16 के कार्यों का आॅडिट किया गया। आॅडिटर ने खुलासा करते हुए बताया कि चेतन सोरी के घर से डोंगरीपारा तक सीसी रोड और एक पुलिया निर्माण किया गया था। इन कार्यों में मटेरियल के नाम पर भी 1 लाख 85 हजार की राशि आहरण की गई है। ये बात सुनकर गांव वालों के होश उड़ गए और उन्होंने आॅडिटर से कहा कि सीसी रोड तो दिखता है, लेकिन हमने तो आज तक पुलिया कहीं देखा ही नहीं। गांव के सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक भी पुलिया निर्माण नहीं होने की बात कह रहे हैंं। ग्रामीणों ने इस मामले की जांच करवाने की मांग की है।