: प्रेरकों और समन्वयकों ने संभागीय आंदोलन में दिखाया दम
Wed, Jul 18, 2018
प्रवेश गोयल
अम्बिकापुर/सूरजपुर- छत्तीसगढ़ साक्षरता प्रेरक एवं समन्वयक संघ की संभागीय इकाई ने बुधवार को संभाग मुख्यालय अम्बिकापुर में छः सूत्रीय मांगां को लेकर धरना प्रदर्षन किया और रैली निकालकर देष के मानव संसाधन विकास मंत्री एवं प्रदेष के मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन कमिष्नर सरगुजा को सौपा है।
इस संबंध में संघ के संभागीय अध्यक्ष उमाषंकर शुक्ला एवं संभागीय संयोजक सुनील कुमार ने बताया कि साक्षर भारत कार्यक्रम के तहत पूरे प्रदेष में कार्यरत प्रेरकों एवं समन्वयकों को काम से निकाल देने के बाद बेरोजगार हो गये है, उन्होंने छः सूत्रीय मांगों में साक्षर भारत कार्यक्रम को पुनः शुरू कर, हटाये गये प्रेरकों एवं समन्वयकों को यथावत रखने, समानजनक मानदेय प्रदान करने, हटाये गये कर्मचारियों को किसी भी विभाग में बीना शर्त समायोजित करने, घोषणा पत्र के अनुरूप प्रेरकों को षिक्षाकर्मी बनाने के अलावा योजना के बंद होने के बाद जांजगीर जिले के प्रेरक धनीराम खूंटे के द्वारा आत्महत्या कर लेने पर उनके परिवार के एक सदस्य को नौकरी प्रदान करने जैसी मांगों को शामिल करते हुए उक्त आषय का ज्ञापन कमिष्नर को सौंपा गया। अम्बिकापुर के डाईट मैदान में आमसभा और धरना प्रदर्षन के बाद काली पट्टी लगाकर प्रेरकों एवं समन्वयकों ने रैली भी निकाली जिसमें बड़ी संख्या में संघ के सदस्य व पदाधिकारी शामिल हुए। इस आंदोलन में संभागीय अध्यक्ष उमाषंकर शुक्ला, सुनील कुमार, वासुदेव चक्रधारी, मोहनलाल, सुधा सिंधु वैद्य, जयप्रकाश, शिवदयाल साहू, अब्दुल रहमान, गौतम यादव, संदीप कश्यप, विनोद राजवाडे़, विकाश तिवारी, मुकेश प्रजापति, दिव्या तांजे, सरिता सोनी, राजेश यादव, बसंती राजवाड़े, राजू महंत, रेखा कुशवाहा, किरण कुषवाहा, रामप्रसाद, लक्ष्मीनारायण तिवारी, दिलसाय, बघोलनराम समेत अन्य शामिल हुए।
इंका नेत्री पहुंची समर्थन में
कांग्रेस की इंका नेत्री एवं राजीव कांग्रेस संगठन की जिला महिला महामंत्री शषि सिंह ने अम्बिकापुर पहुंचकर प्रेरक एवं समन्वयकों के इस आंदोलन को समर्थन दिया। उन्हांने धरना स्थल पर पहुंचकर सभा को संबोधित भी किया और रैली में शामिल होकर यह संदेष दिया कि कांग्रेस के सरकार में आने पर प्रेरकों एवं समन्वयों के मांग पर सकारात्मक पहल किया जायेगा।
: शाबास क्रांति.. जान जोखिम में डाल बहन को दे दिया जीवनदान
Wed, Jul 18, 2018
प्रवेश गोयल
अंबिकापुर- सरगुजा जिले के उदयपुर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम मोहनपुर में गज आतंक के बीच 7 वर्षीय बालिका कांति पैकरा ने अपनी साहस का लोहा मनवाया है। बालिका ने अपनी जान की परवाह किए बिना ही अपनी 3 साल की बहन को हाथियों से बचा लिया। हाथियों से बचकर भागने के दौरान छोटी बहन घर में छूट गई थी।
इसी दौरान कांति साहस का परिचय देते हुए हाथियों के पास गुजरी और घर में घुसकर बहन को सुरक्षित निकाल लाई। जिस साहस से उसने अपनी बहन की जान बचाई, इसकी सराहना सभी कर रहे हैं। बुधवार को गांव में पहुंचे लखनपुर थाना प्रभारी ने कांति का नाम 15 अगस्त को बहादुरी पुरस्कार की सूची में भेजने की बात कही है। मंगलवार की रात हाथी वन परिक्षेत्र लखनपुर के ग्राम मांजा से होते हुए उदयपुर वन परिक्षेत्र के ग्राम मोहनपुर धौरापारा पहुंचे औऱ घरों को तोडऩा शुरु कर दिया। हाथियों ने खोराराम कंवर के घर के सामने का हिस्सा तोड़ते हुए पीछे दरवाजे को तोड़कर बाड़ी में प्रवेश किया और मक्का और अन्य फसल को बर्बाद करने लगे। हाथियों को देख खोरा राम का परिवार घर के दूसरे रास्ते से बाहर निकलने लगा। हड़बड़ी में परिवार लोग खुद तो निकल गए लेकिन 3 साल की बालिका को बाहर लाना भूल गए। इसी बीच खोरा राम की 7 वर्षीय नातिन कांति अद्म्य साहस का परिचय देते हुए हाथियों के बगल से गुजरी और अपनी ३ वर्षीय बहन को सकुशल घर से निकाल लाई।
हाथियों ने घर के साथ-साथ एक भैंस को भी कुचला
गांव के ही सुखराम कंवर भैंस बांधकर रखा था जिसे हाथियों ने कुचलकर घायल कर दिया। गंझू राम के घर का दरवाजा तोड़कर घर मे रखे सामान को तहस-नहस कर दिया। इसी तरह पिंटू विश्वकर्मा के परछी को तोड़ दिया तथा पानी से बचने के लिए घर मे लगाए गए प्लास्टिक को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।
हाथियों द्वारा पहुंचे गये क्षति का आंकलन कर रहा है वन विभाग
प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे भाजपा मंडल अध्यक्ष राधेश्याम सिंह ने सम्बंधित विभागीय लोगों से चर्चा कर तत्काल मुआवजा दिलाने हेतु आवश्यक पहल करने की बात कही। वहीं वन विभाग की टीम ग्रामीणों को हुई क्षति का आंकलन कर रही है। इसी के अनुसार मुआवजा वितरित किया जाएगा।
अधिकारियों ने किया बहादुर क्रांति को शलाम, कहा पुरस्कार के लिए रिकमेंड करेंगे नाम
हाथी प्रभावित ग्राम का दौरा करने पहुंचे थाना प्रभारी लखनपुर एसके केरकेट्टा ने चर्चा के दौरान बताया कि हाथियों के बीच अपनी बहन को सकुशल वापस निकालकर लाने वाली बिटिया कांति के साहस को सलाम है। हर वर्ष 15 अगस्त को अद्म्य साहस के लिए दिए जाने वाले बहादुरी पुरस्कार के लिए बालिका कांति पैकरा का नाम प्रस्तावित कर उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा।
: किस नेता ने कहा- हवा में सरकार बनायेगी भाजपा
Tue, Jul 17, 2018
प्रवेश गोयल
सूरजपुर- कांग्रेस के आदिवासी नेता और सीतापुर विधायक अमरजीत भगत ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश का कोई भी वर्ग भाजपा सरकार के कार्यों से खुष नहीं है, कर्मचारी वर्ग नित्य हड़ताल कर रहा है, किसान और मजदूरों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है, व्यापारी परेशान है, समाज का हर तबका किसी न किसी रूप में सरकार से खफा है। ऐसे में भाजपा की सरकार कैसे बन सकती है। उन्होंने पूरे आत्मविष्वास से कहा कि कांग्रेस 46प्लस के लक्ष्य को साधकर सरकार बनायेगी इसमें कोई संदेह नहीं है। उन्हांने सूरजपुर में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए भाजपा पर भ्रष्टाचार करने और जनता को धोखा देने का आरोप लगाया और कहा कि पूरा प्रदेष का माहौल भाजपा के विरूद्ध है और कांग्रेस के पक्ष में है। प्रदेश की जनता कांग्रेस की ओर उम्मीद भरी निगाहों से देख रही है।
राम - लखन की जोड़ी पर पूरी टीम को भरोसा
आदिवासी प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष अमरजीत भगत ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेष बघेल और नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव के मध्य किसी भी प्रकार के मतभेद और दूरियों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि दोनों राम- लखन की तरह विश्वसनीय है, इस राम लखन की जोड़ी पर पूरी टीम को भरोसा है और इनके नेतृत्व में ही सरकार बनाने के लक्ष्य को बगैर किसी बाधा के पूर्ण करेंगे। भाजपा कितना भी प्रयास कर ले नेतृत्व और टीम में फूट नहीं डाल पायेगी।