राष्ट्रीय बालिका दिवस : दुष्कर्म की शिकार 15 वर्षीय छात्रा ने लड़के को दिया जन्म...
Rajesh Soni
Sat, Jan 24, 2026
सूरजपुर. समाज और प्रशासन दोनों को सोचने पर मजबूर कर देने वाली ये कहानी सूरजपुर के बसदेई क्षेत्र की है. यहां कक्षा 9वी में पढ़ने वाली 15 साल की छात्रा ने एक लड़के को जन्म दिया है. दुष्कर्म पीड़िता के घर गांव के ही 3 बच्चों के पिता मोहम्मद आजम का आना-जाना था. छात्रा का परिवार बेहद गरीब तबके से है माता पिता दूसरे शहर जाकर भीख मांगकर जीविकापार्जन करते है और वही रुक भी जाते थे.पिता अपाहिज है. माता पिता की गैरमौजूदगी का फायदा उठाकर मोहम्मद आजम ने दुष्कर्म किया था. सबसे पहले नवंबर 2025 छात्रा के स्कूल के शिक्षकों को पता चला कि वह 6 माह की गर्भवती है. और परिजनों को बताया था। गांव में पंचायत बैठी जिसके बाद परिजनों ने की शिकायत पर बसदेई पुलिस अपराध दर्ज कर आरोपी मोहम्मद आजम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.
लड़के को दिया जन्म....
दुष्कर्म पीड़िता छात्रा ने जिला हॉस्पिटल में बच्चे को जन्म दिया है कम उम्र और समय से पहले बच्चे का जन्म डॉक्टरों के लिए चुनौती थी लेकिन डॉक्टरों ने पूरी सावधानी से सुरक्षित प्रसव कराया जच्चा बच्चा दोनों ठीक है. जिला अस्पताल के सिविल सर्जन अजय मरकाम ने बताया कि बच्चा कम वजन का है और वह समय से पहले पैदा हो गया. फिलहाल जच्चा-बच्चा स्वस्थ है. बच्चे का कम वजन रहने पर विशेष देखभाल के लिए रखा गया था. अब बेहतर स्थिति होने पर महिला बाल विकास की टीम ने अपनी कस्टडी में लेकर उचित जगह ले गई है जहाँ पर जच्चा बच्चा का बेहतर पालन पोषण हो सके.
क्या होगा जच्चा बच्चा के भविष्य...
जच्चा बच्चा के भविष्य क्या होगा कैसा होगा, जिस बच्ची की अभी खुद की पढ़ने लिखने और खेलने की उम्र थी उसी उम्र में उसे एक बच्चा पालने की जिम्मेदारी आ जाने से यह सवाल खड़ा हो गया है कि दोनो के भविष्य का क्या होगा। इधर आरोपी का परिवार भी अनेक तरह के हथकंडे अपना कर पीड़ित परिवार पर दबाव बनाये हुए है। जिससे कानूनी लाभ ले सके।
आज राष्ट्रीय बालिका दिवस" के अवसर पर जिले के विभिन्न स्कूल कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमे तमाम तरह राज्य शासन की ओर से संचालित योजनाओं और उनके संवैधानिक अधिकारों के प्रति संवेदनशील बनाना तथा न्याय तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए निःशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी देना था। अनेकानेक न्यायधीश कार्यक्रम में शरीक हुए। क्या इस दुष्कर्म की शिकार बालिका का भविष्य बेहतर हो पायेगा..? इस दिशा में कोई पहल हो पायेगा। जो सबसे बड़ा सवाल है..?
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