: अमवार डैम पूर्ण होने के कारण लेकिन अभी तक नहीं मिल सका लोगों को मुआवजा ।।विभाग की लापरवाही उजागर।।
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Wed, Jul 7, 2021बैजनाथ केशरी
रामानुजगंज --------- एक और उत्तर प्रदेश में बन रहा 22 अरब लागत का बांध पूर्णता की ओर अग्रसर है वहीं दूसरी ओर बांध के डूब से प्रभावित छत्तीसगढ़ के ग्राम झारा के डूब प्रभावित लोग मुआवजा के लिए अभी भी दर-दर भटकने को मजबूर है उनकी स्थिति यह है कि सैकड़ों बार अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं परंतु उन्हें सिर्फ आश्वासन मिल रहा है। अभी डूब प्रभावित लोग पथराई आंखों से मुआवजा के इंतजार में है। आज ग्राम पंचायत झारा के सरपंच मनतू पंडों के नेतृत्व में डूब प्रभावित कलेक्टर को ज्ञापन सौंप जल्द मुआवजा दिलाए जाने की मांग की गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सीमा से करीब 6 किलोमीटर दूरी पर उत्तर प्रदेश के ग्राम अमवार में 22 अरब लागत से बांध का निर्माण हो रहा है बांध का निर्माण को लेकर उत्तर प्रदेश से लेकर छत्तीसगढ़ तक विरोध की आग फैली थी कई दिनों तक आंदोलन भी चला था वही डूब प्रभावितों को मुआवजा देने के लिए दोनों प्रदेशों में सर्वे हुए उत्तर प्रदेश में तो मुआवजा की राशि करीब करीब सभी लोगों को बांट दी गई है वहीं छत्तीसगढ़ में उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा 70 करोड़ मुआवजा बांटने के लिए एवं विस्थापितों के पुनर्वास के लिए दिए थे परंतु अब तक मुआवजा की राशि डूब प्रभावितों को नहीं मिल सकी है अभी डूब प्रभावित अधिकारियों के चक्कर काटने के लिए मजबूर है। ग्राम पंचायत धारा के सरपंच मंजू पंडो ने बताया कि हम लोग कई बार अधिकारियों को मुआवजा दिलाए जाने के लिए ज्ञापन सौंप चुके हैं परंतु हर बार हमें सिर्फ आश्वासन मिलता है कि आपका मुआवजा जल्दी मिल जाएगा अब धीरे-धीरे हम लोग आश भी छोड़ रहे हैं।
तत्कालिक कलेक्टर ने एक माह में भुगतान कर दिए जाने की कही थी बात...... करीब 3 वर्ष पूर्व जिले के तत्कालीन कलेक्टर हीरालाल नायक उत्तर प्रदेश में बन रहे अमवार डैम को देखने गए थे जिसके बाद त्रिशूली में सभा हुई थी जहां उन्होंने एक माह में के अंदर मुआवजा भुगतान डूब प्रभावितों का कर दिए जाने की बात कही थी।
अमवार डैम में 1984 में काम कर चुके राम केश्वर को भी है मुआवजे का इंतजार........ ग्राम पंचायत झारा के राम केश्वर 1984 में अमवार डेम काम किए थे काम करने के दौरान उनका बाएं हाथ का अंगूठा कट गया था अब उनका भी डूब में घर एवं जमीन पड़ रहा है उन्हें भी है मुआवजा का इंतजार।
मुआवजा का मांग करने 60 किलोमीटर से आना पड़ता है....... रामचंद्रपुर विकासखंड के दूरस्थ गांव झारा की दूरी रामानुजगंज से 60 किलोमीटर है ऐसे में वहां से डूब प्रभावितों को बार-बार मुआवजा की मांग करने एसडीएम कार्यालय आना पड़ता है जिससे उन्हें काफी परेशानी होती है।
इस संबंध में अपर कलेक्टर श्याम सिंह पैकरा ने कहा कि आवेदन प्राप्त हुआ है मुआवजा का वितरण क्यों नहीं हो पा रहा है इसे पता करवाता हूं एवं मुआवजा जल्द मिल सके जिसके लिए प्रयास होगा।
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