मौत : 48 घंटे का दहला देने वाला सन्नाटा: तीन युवाओं की आत्महत्या से स्तब्ध वनांचल
Pappu Jayswal
Mon, Jul 20, 2026
चांदनी-बिहारपुर: सूरजपुर जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र में बीते 48 घंटों में घटी तीन दर्दनाक घटनाओं ने समूचे क्षेत्र को शोक और अविश्वास में डुबो दिया है। महज दो दिनों के भीतर तीन युवाओं द्वारा फांसी लगाकर जान देने के मामलों ने न केवल तीन परिवारों के चिराग बुझा दिए हैं, बल्कि स्थानीय निवासियों के बीच गहरी दहशत और चिंता पैदा कर दी है।
असमय काल के गाल में समाए तीन युवा
सामने आई जानकारी के अनुसार, ये तीनों घटनाएं मोहरसोप चौकी क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में हुईं:
नवविवाहिता: उमझर निवासी 18 वर्षीय गीता सिंह ने जान दे दी। उनका विवाह मात्र दो माह पूर्व ही हुआ था।
युवक: उमझर के ही रहने वाले 26 वर्षीय सूनिल पनिका का शव लाजीत गांव के पास एक पेड़ से लटका मिला।
छात्र: खोहीर ग्राम पंचायत निवासी 19 वर्षीय रंगबली सिंह, जो 12वीं कक्षा का छात्र था, ने भी फांसी लगाकर अपनी इहलीला समाप्त कर ली।
सामान्यता और संशय का घेरा
तीनों ही मामलों में चौंकाने वाला समानता यह रही कि सभी के शव पेड़ों पर फांसी के फंदे से लटके पाए गए। इस भयावह घटनाक्रम ने ग्रामीणों को झकझोर कर रख दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने कम समय अंतराल में युवाओं द्वारा इस तरह का चरम कदम उठाना अभूतपूर्व और स्तब्ध करने वाला है।
पुलिस की जांच और आधिकारिक पक्ष
मोहरसोप पुलिस चौकी प्रभारी कमलेश पाठक ने बताया कि पुलिस तीनों मामलों में मर्ग कायम कर गहन विवेचना कर रही है। उन्होंने कहा:
"प्राथमिक दृष्टि से, खोहीर निवासी छात्र रंगबली सिंह के मानसिक रूप से अस्वस्थ होने की बात सामने आई है। वहीं अन्य दो मामलों में कारणों की अभी तक पुष्टि नहीं हो सकी है। हम परिजनों और अन्य संबंधित व्यक्तियों के बयान दर्ज कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही मौतों के वास्तविक कारणों का खुलासा हो पाएगा।"
अंधेरे में डूबा क्षेत्र, पुलिस ने की अपील
उमझर, लाजीत और खोहीर गांव में इस समय मातम पसरा है। परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। क्षेत्र में इन घटनाओं के पीछे के कारणों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं और अटकलें गर्म हैं। इसे देखते हुए पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और जांच प्रक्रिया में सहयोग करें।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर ही इन मौतों की गुत्थी सुलझाई जाएगी। फिलहाल, पूरा इलाका एक गहरे अवसाद और खामोशी की चपेट में है।
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