ज्ञापन : ब्रांडेड शोरूमों के भ्रामक प्रचार के खिलाफ सराफा व्यापारियों ने सौंपा ज्ञापन, 'समान नीति' और सख्त नियमों की मांग
Rajesh Soni
Thu, Aug 20, 2026
सूरजपुर। स्थानीय एवं पुश्तैनी सराफा व्यापारियों के अस्तित्व, प्रतिष्ठा और स्वर्ण कारीगरों के हितों की सुरक्षा को लेकर सूरजपुर एवं बिलासपुर जिला सराफा एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री के नाम का एक विस्तृत ज्ञापन जिला प्रशासन को दिया है। व्यापारियों ने बड़े ब्रांडेड ज्वेलरी शोरूमों द्वारा चलाए जा रहे भ्रामक विज्ञापनों, अनुचित दावों और अपारदर्शी नीतियों पर रोक लगाने के लिए देशव्यापी सख्त कानूनी व्यवस्था बनाने की मांग की है।
एसोसिएशन के अनुसार, बड़े ब्रांड्स द्वारा "सस्ता सोना" और "Zero Making Charge" जैसे भ्रामक प्रचार से ग्राहकों को गुमराह किया जा रहा है, जिसका सीधा प्रतिकूल प्रभाव पीढ़ियों से कार्यरत स्थानीय व्यापारियों और लाखों कारीगरों पर पड़ रहा है। हाल ही में बिलासपुर में 22 कैरेट HUID युक्त आभूषण को एक बड़े ब्रांडेड शोरूम द्वारा गलत तरीके से 20 कैरेट बताने जैसी घटनाओं का हवाला देते हुए निष्पक्ष जांच प्रणाली की जरूरत बताई गई।
प्रमुख मांगें..
सख्त निगरानी व स्वतंत्र जांच: सोने की शुद्धता की पुष्टि के लिए दो सरकारी अधिकृत लैब से जांच का अधिकार और BIS द्वारा टेस्टिंग मशीनों व HUID की नियमित कैलिब्रेशन जांच।
भ्रामक विज्ञापनों पर रोक: CCPA द्वारा बड़े ब्रांड्स के दावों की जांच तथा "सस्ता सोना" जैसे भ्रामक प्रचार पर प्रभावी प्रतिबंध।
एक देश, एक भाव और सरल बिलिंग: देश भर में सोने की दैनिक संदर्भ दर (Same Rate Gold) का सार्वजनिक निर्धारण और सभी प्रतिष्ठानों के लिए एक समान, पारदर्शी बिलिंग व्यवस्था।
कारीगर कल्याण बोर्ड: पारंपरिक कला के संरक्षण हेतु "स्वर्णकार कल्याण बोर्ड" का गठन और "Made by Indian Karigar" को बढ़ावा।
कानूनी व वित्तीय सुधार: BNS धारा 317/IPC 411 का सरलीकरण ताकि निर्दोष व्यापारी प्रताड़ित न हों, साथ ही गैर-राष्ट्रीयकृत वित्तीय संस्थानों द्वारा बिना पुख्ता सत्यापन के गोल्ड लोन देने की प्रक्रिया पर रोक।
व्यापारियों ने स्पष्ट किया कि वे वैध प्रतिस्पर्धा के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि निष्पक्ष व्यापार, ग्राहक हित और 'आत्मनिर्भर भारत' के तहत स्थानीय रोजगार की रक्षा के लिए समान नीतिगत प्रावधान चाहते हैं।
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