भीड़ जुटाने के लिए मासूमों इस्तेमाल? : ABVP की रैली में तपती धूप में झोंके गए स्कूली बच्चे, NSUI ने खोला मोर्चा,DEO के निलंबन पर अड़ा संगठन
Subhas Gupta
Tue, Oct 6, 2026
सूरजपुर। छात्र राजनीति की आड़ में सत्ता और संगठन का यह कैसा घिनौना खेल है जहां अपनी रैलियों में भीड़ दिखाने के लिए मासूम, नाबालिग स्कूली बच्चों को तपती धूप में ढाल बना दिया गया? सूरजपुर में 5 अक्टूबर को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) द्वारा निकाली गई रैली अब गंभीर सवालों के घेरे में है। स्कूल-कॉलेजों के मासूम बच्चों को जबरन सड़कों पर ले जाने के इस संगीन मामले पर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने खुला मोर्चा खोलते हुए सीधे जिला प्रशासन की नीयत पर सवाल दाग दिए हैं। NSUI जिलाध्यक्ष आकाश साहू के नेतृत्व में उग्र तेवरों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को 3 पन्नों का 9 सूत्रीय तीखा ज्ञापन सौंपते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को तत्काल सस्पेंड करने की सीधी मांग ठोक दी है।
कानून की धज्जियां, NCPCR के नियमों को ठेंगा
NSUI ने कड़े शब्दों में आरोप लगाया कि तपती दोपहरी में नाबालिग छात्र-छात्राओं को रैली में उतारना राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के स्पष्ट दिशा-निर्देशों का खुला और बेशर्म उल्लंघन है। संगठन ने तीखे सवाल दागे:
स्कूलों और कॉलेजों के प्राचार्यों को नौनिहालों को रैली में भेजने का तुगलकी फरमान किस आका के इशारे पर मिला?
क्या बच्चों को धूप में झोंकने से पहले उनके अभिभावकों से लिखित सहमति लेने की जहमत उठाई गई थी?
क्या संस्थाओं में बच्चों पर नंबर काटने या कार्रवाई का अप्रत्यक्ष दबाव बनाकर भीड़ बटोरी गई?
चिलचिलाती धूप में सड़कों पर चल रहे बच्चों के लिए न पीने का पानी था, न मेडिकल एड और न सुरक्षा—अगर किसी बच्चे की जान पर बन आती, तो इसका जिम्मेदार कौन होता?
7 दिन का अल्टीमेटम: या तो कार्रवाई, या उग्र संग्राम!
NSUI ने प्रशासन को दो-टूक चेतावनी दी है कि शिक्षा के मंदिर को राजनीतिक अखाड़ा बनाने की यह साजिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि 7 दिनों के भीतर उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच समिति गठित कर लापरवाह DEO और दोषी अधिकारियों पर सख्त गाज नहीं गिरी, तो संगठन सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। मामले की लिखित शिकायत पुलिस अधीक्षक, संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय के कुलपति और राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग को भी भेज दी गई है। ज्ञापन सौंपने के दौरान NSUI प्रदेश सचिव राजेश साहू, मुस्तफा खान, रूद्र प्रताप सिंह, शिवम साहू, यश साहू और दुर्गेश जायसवाल सहित दर्जनों आक्रोशित कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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