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: चांदनी बिहारपुर क्षेत्र में 23 जंगली हाथियों का एक महीना से डेरा,उत्पात से परेशान हैं किसान, राष्ट्रीय उद्यान के अधिकारी कर्मचारी सुस्त 

पप्पू जायसवाल

बिहारपुर-बिहारपुर वन क्षेत्र में जंगली हाथियों का उत्पात थमने का नाम ही नहीं ले रहा है दो झुंड में करीब 23 जंगली हाथी पिछले एक माह से गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान के जंगल में जमे हुए हैं शाम होते ही वे जंगल से बाहर निकल कर धान के खेतों में पहुंच जा रहे है और धान की फसल रौंद कर बर्बाद कर रहे है. ग्राम पंचायत कछिया, मोहरसोप, बसनारा, नवडिहा, जुड़वनिया के ग्रामीण क्षेत्र के किसान जंगली हाथियों के उत्पात तथा किये जा रहे क्षति को लेकर काफी भयभीत है. गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान का घना जंगल होने के कारण हाथियों को क्षेत्र से भागने में भी परेशानी हो रही है. हाथियों को खदेड़ने के लिए उद्यान के अधिकारी कर्मचारी क्षेत्र नदारथ हैं वहीं दूसरी ओर वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी लगातार हाथियों की निगरानी में लगे हुए हैं साथ ही किए गए फसल नुकसान का आकलन कर क्षतिपूर्ति की कागजी करवाई कर रहे हैं. ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए बताया की गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान के अधिकारी कर्मचारी क्षेत्र से हमेशा गायब रहते हैं न ही हाथियों को भगाने के लिये किसी तरह का कोई पहल नहीं किया जा रहा है. जिससे किसानों के साथ ग्रामीणों में उद्यान विभाग के खिलाफ काफी आक्रोश देखी जा रही है पिछले एक महीने में लगभग 30-35 ग्रामीणों के खेतों में लगे धान को रौंद कर बर्बाद कर दिया है.

बिहारपुर के वन परिक्षेत्र अधिकारी मेवालाल पटेल ने बताया गया की जिन किसानों का जंगली हाथी फसल नुकसान किए हैं उन किसानों का कर्मचारीयों द्वारा फसल आकलन कर कागजी करवाई की जा रही है वहीं उद्यान  के अधिकारी कर्मचारी द्वारा हाथियों को भगाने में कोई सहयोग नहीं कर रहे और गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान के जंगल में दिन में रहते हैं शाम होते ही खेतों में उतर आते हैं.

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