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DSP समेत 24 से अधिक पुलिसकर्मी घायल,कई पुलिस वाहनों में तोड़फोड़

ग्रामीणों का पुलिस पर खूनी हमला, डीएसपी समेत कई जवान घायल, 40 वाहनों में तोड़फोड़

भूमि अधिग्रहण को लेकर हिंसक झड़प: डीएसपी समेत दो दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी घायल

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सूरजपुर में कोहराम : ग्रामीणों का पुलिस पर खूनी हमला, डीएसपी समेत कई जवान घायल, 40 वाहनों में तोड़फोड़

Rajesh Soni

Fri, Jul 24, 2026

कोयला खदान अधिग्रहण के विरोध में उतरे ग्रामीण

सूरजपुर। सूरजपुर जिले में कोयला खदान के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रशासनिक कार्रवाई उस वक्त रणक्षेत्र में बदल गई, जब ग्रामीणों के उग्र और हिंसक विरोध के आगे भारी-भरकम पुलिस फोर्स को उल्टे पांव भागना पड़ा। धरमपुर गांव में हुई इस झड़प में डीएसपी समेत दो दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी और अधिकारी गंभीर रूप से लहूलुहान हो गए हैं। इस खूनी संघर्ष में महिला पुलिसकर्मियों को भी नहीं बख्शा गया, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और गंभीर तनाव के हालात बने हुए हैं।

कैसे बिगड़े हालात?

​प्रशासन को अंदेशा था कि अधिग्रहण का विरोध हो सकता है, इसी रणनीति के तहत आज सुबह आसपास के 4-5 जिलों से भारी पुलिस बल को धरमपुर गांव में तैनात करने के लिए भेजा गया था। पुलिस का मकसद गांव को पूरी तरह छावनी में तब्दील कर जबरन या दबाव के बीच कागजी कार्रवाई पूरी करना था।

​लेकिन, प्रशासन की यह रणनीति धरी की धरी रह गई। पहले से ही लामबंद और सतर्क बैठे ग्रामीणों ने गांव के सभी रास्ते पहले ही सील कर दिए थे। लाठी-डंडों और हथियारों से लैस उग्र ग्रामीणों ने पुलिस का रास्ता रोक दिया। जब पुलिस ने आगे बढ़ने का प्रयास किया, तो दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस के बाद विवाद हिंसक झड़प में बदल गया।

जान बचाकर भागे अधिकारी, फूटे सिर:

​ग्रामीणों के आक्रामक तेवर के आगे पुलिस की संख्याबल और भारी फोर्स धरी की धरी रह गई। उग्र भीड़ ने पुलिस बल पर अचानक ताबड़तोड़ हमला बोल दिया। जान बचाने के लिए कई अधिकारी और जवान भागने को मजबूर हुए। ​इस खूनी संघर्ष में कई पुलिसकर्मियों के सिर फूट गए और वे खून से लथपथ हो गए। उग्र भीड़ का गुस्सा यहीं नहीं थमा, उन्होंने मौके पर खड़ी पुलिस की लगभग 40 गाड़ियों को निशाना बनाते हुए उनमें जमकर तोड़फोड़ की और भारी तांडव मचाया।

​प्रशासन में हड़कंप, इलाके में भारी पुलिस बल तैनात:

​घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में सभी घायलों को प्रतापपुर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां डीएसपी राजेश जोशी समेत अन्य जवानों का इलाज चल रहा है।

​स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए प्रशासन ने मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है। पुलिस अब हमलावर ग्रामीणों की पहचान कर सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है, हालांकि इस तीखे विरोध ने प्रशासनिक अमले की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

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