सूरजपुर में बेकाबू हुआ जनाक्रोश : महिला की मौत के बाद क्रेशर फूंका, बंधक बने SDOP, TI और तहसीलदार की कथित पिटाई; कानून-व्यवस्था हुई ध्वस्त
Subhas Gupta
Sat, Oct 17, 2026
सूरजपुर। सिस्टम की लापरवाही और क्रेशर माफिया के बेलगाम आतंक के खिलाफ सूरजपुर के चांदनी बिहारपुर (कुबेरपुर) में भड़का जनाक्रोश अब पूरी तरह बेकाबू हो चुका है। गिट्टी लदे ट्रैक्टर से कुचलकर महिला की दर्दनाक मौत के बाद शुरू हुआ प्रदर्शन हिंसक रूप ले चुका है। आक्रोशित ग्रामीणों ने न केवल अवैध क्रेशर को आग के हवाले कर खाक कर दिया, बल्कि मौके पर पहुंचे एसडीओपी, थाना प्रभारी (टीआई) और तहसीलदार को बंधक बनाकर उनकी कथित तौर पर पिटाई तक कर दी। पूरे इलाके में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
थाली में धरा रह गया पूजा का सामान, पहियों तले रौंदी गई जिंदगी
घटना की शुरुआत कुबेरपुर में उस वक्त हुई जब संजय जायसवाल की पत्नी चंद्रावती जायसवाल बिहारपुर चौक से पूजा का सामान लेकर अपनी स्कूटी से लौट रही थीं। गांव की घनी आबादी के बीच अवैध रूप से संचालित क्रेशर से निकली गिट्टी लदी तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने उन्हें सीधी टक्कर मार दी। ट्रैक्टर का पहिया महिला को कुचलता हुआ निकल गया, जिससे मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई। चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया, जिसने ग्रामीणों के लंबे समय से सुलग रहे गुस्से में घी डालने का काम किया।
क्रेशर फूंका, शव रखकर अंतरराज्यीय मार्ग किया जाम
घटना के तुरंत बाद 500 से अधिक ग्रामीणों ने मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर शव रखकर चक्का जाम कर दिया। वर्षों से बस्ती के बीच चल रहे क्रेशर की शिकायतें अनसुनी किए जाने से नाराज भीड़ का सब्र टूट गया। प्रदर्शनकारियों ने क्रेशर प्लांट पर धावा बोलकर उसे आग के हवाले कर दिया, जिससे पूरा संयंत्र जलकर राख के ढेर में तब्दील हो गया।
अधिकारियों को बंधक बनाकर कथित तौर पर पीटा, स्थिति तनावपूर्ण
हालात बिगड़ने की सूचना पर जब एसडीओपी, संबंधित क्षेत्र के टीआई और तहसीलदार प्रशासनिक अमले के साथ मौके पर पहुंचे, तो भीड़ ने उन्हें घेर लिया। बातचीत से मामला सुलझने के बजाय और बिगड़ गया। प्रत्यक्षदर्शियों और सामने आ रही खबरों के मुताबिक, उग्र भीड़ ने तीनों जिम्मेदार अधिकारियों को बंधक बना लिया और उनके साथ कथित तौर पर झूमाझटकी व मारपीट कर दी।
घंटों तक वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी ग्रामीणों के कब्जे में रहे। इलाके में तनाव चरम पर है और स्थानीय पुलिस बल स्थिति पर नियंत्रण पाने में पूरी तरह लाचार नजर आ रहा है। अतिरिक्त पुलिस बल को मौके के लिए रवाना किया गया है, लेकिन सड़क जाम और ग्रामीणों के उग्र तेवरों के चलते हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन