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टोना-टोटके और प्रताड़ना के शक में पड़ोसी की टांगी से हत्या, पकड़े जाने के डर से आरोपी ने लगाई फांसी

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ब्लाइंड मर्डर केस का पर्दाफाश : टोना-टोटके और प्रताड़ना के शक में पड़ोसी की टांगी से हत्या, पकड़े जाने के डर से आरोपी ने लगाई फांसी

Subhas Gupta

Sat, Oct 17, 2026

सूरजपुर। सूरजपुर जिले के ग्राम सोनपुर (बरपारा) में हुए सनसनीखेज अंधे कत्ल की गुत्थी को बसदेई पुलिस ने सुलझा लिया है। अंधविश्वास और कथित मानसिक प्रताड़ना के चलते पड़ोसी ने ही कुल्हाड़ी (टांगी) से वार कर ग्रामीण की हत्या की थी और शव को नाले में फेंक दिया था। वारदात के बाद पुलिस की बढ़ती दबिश और जेल जाने के डर से आरोपी ने भी पेड़ से लटककर खुदकुशी कर ली। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त टांगी बरामद कर लिया है।

​नाले में मिला था लहूलुहान शव

​मामले की शुरुआत 10 अक्टूबर की रात से हुई, जब सोनपुर निवासी नाहर सिंह रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया। 12 अक्टूबर की सुबह ग्रामीणों ने नाले में उसका क्षत-विक्षत शव देखा। मृतक के सिर पर धारदार हथियार से कई गहरे वार किए गए थे। मृतक के पिता जयलाल सिंह की रिपोर्ट पर बसदेई पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 760/26, बीएनएस की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की।

​दो दिन बाद संदेही का शव फांसी पर मिला

​जांच जारी थी कि 14 अक्टूबर को सोनपुर के ही एक खेत में बालगोविंद सिंह नामक ग्रामीण का शव पेड़ पर फांसी से लटकता मिला। इससे पूरे गांव में हड़कंप मच गया। दोनों मामलों को आपस में जोड़ते हुए पुलिस ने 17 अक्टूबर को बालगोविंद के परिजनों से गहन पूछताछ की, जिसमें पूरे घटनाक्रम की कड़ी से कड़ी जुड़ती चली गई।

​पत्नी के सामने कबूला था कत्ल, फिर उठाया आत्मघाती कदम

​पूछताछ में बालगोविंद की पत्नी और बेटी ने खुलासा किया कि नाहर सिंह कथित टोना-टोटके और अन्य कारणों से उनके परिवार को प्रताड़ित करता था, जिससे बालगोविंद गहरे तनाव और बदले की भावना में था।

  • ​10 अक्टूबर: दोनों घर के बाहर साथ बैठे थे। नाहर के जाने के तुरंत बाद बालगोविंद घर से टांगी लेकर निकला और रास्ते में नाहर पर जानलेवा हमला कर शव नाले में फेंक दिया।

  • ​12 अक्टूबर: शव मिलने के बाद जब मौके पर पुलिस पहुंची, तो बालगोविंद घबरा गया। उसने घर लौटकर पत्नी से कहा— "मैंने नाहर को खत्म कर दिया है, अब वह किसी को परेशान नहीं करेगा। मैं अपना काम कर चुका हूं, अब जा रहा हूं।"

  • ​14 अक्टूबर: घर से फरार होने के बाद पुलिसिया शिकंजे से बचने के लिए उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

​मृतक नाहर के भाई तान सिंह ने भी पुलिस को बताया कि बालगोविंद ने पहले उससे नाहर की हरकतों को लेकर शिकायत की थी। फॉरेंसिक व तकनीकी साक्ष्यों तथा परिजनों के बयानों के आधार पर पुलिस ने हत्या के मामले की पुष्टि करते हुए प्रयुक्त टांगी जब्त कर ली है।

पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका:

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश देवांगन एवं सीएसपी बेनार्ड कुजूर के मार्गदर्शन में अंधे कत्ल का खुलासा करने में निरीक्षक रूपेश कुंतल, चौकी प्रभारी बसदेई रघुवंश सिंह, एएसआई वरुण तिवारी, अमरेश सिंह, आरक्षक महेंद्र सिंह, निलेश जायसवाल, देवदत्त दुबे, महिला आरक्षक पूजन सिंह और सैनिक अनिल विश्वकर्मा की प्रमुख भूमिका रही।

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