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'पर्यावरण प्रेम' की तराजू—छोटे दुकानदारों पर भारी प्लास्टिक, बड़े व्यापारियों के लिए फूल-माला!

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कार्रवाई का 'माइक्रो-स्कोप' : 'पर्यावरण प्रेम' की तराजू—छोटे दुकानदारों पर भारी प्लास्टिक, बड़े व्यापारियों के लिए फूल-माला!

Rajesh Soni

Mon, Jul 20, 2026

सूरजपुर। नगर पालिका के जिम्मेदार अमले ने यह साबित कर दिया है कि पर्यावरण बचाने का जिम्मा केवल ठेले और चौपाटी वालों की जेबों पर ही टिका हुआ है। रविवार को सूरजपुर की चौपाटी पर चले 'ऐतिहासिक' स्वच्छता अभियान के तहत नगर पालिका की टीम ने उन खतरनाक और पर्यावरण-घाती छोटे दुकानदारों पर शिकंजा कसा जिनसे ₹100 से ₹500 तक का जुर्माना भरकर सीधे-सीधे वैश्विक तापमान को चुनौती दे रहे थे। ​

कार्रवाई का 'माइक्रो-स्कोप' के साथ नगर पालिका की टीम ने अपनी पैनी नजर चौपाटी के उन गरीब दुकानदारों पर गड़ाई, जो काफी मशक्कत के बाद बमुश्किल परिवार का पेट पालते हैं। ₹100 से ₹500 के चालान काटकर टीम ने पर्यावरण संरक्षण में अपनी 'अभूतपूर्व' भूमिका निभाई है। जबकि चौपाटी के दुकानदारों ने अधिकारियों का ध्यान सड़क के उस पार चमकते हुए बड़े-बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों की ओर दिलाया,जहां कथित तौर पर प्लास्टिक का भारी जखीरा इस्तेमाल हो रहा है। तो अधिकारियों की निगाहें अचानक कमजोर हो गईं। नगर पालिका के कर्मचारियों ने वहां कार्रवाई करने में अपनी 'असमर्थता' जताकर यह साबित कर दिया कि कुछ प्लास्टिक सचमुच इतने 'वीआईपी' होते हैं कि उन पर कानून का डंडा नहीं चल सकता। चौपाटी के इन छोटे व्यापारियों की मांग है उनका कहना है कि जब नियम बना है, तो वह शहर के हर कोने पर लागू होना चाहिए। वे शायद यह भूल गए हैं कि आधुनिक प्रशासनिक व्यवस्था में चालान केवल उनकी ही किस्मत में लिखे गए हैं। व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया कि नगर पालिका को चौपाटी की बदहाल व्यवस्था, साफ-सफाई और मूलभूत सुविधाओं की सुध लेने की फुर्सत नहीं है, लेकिन गरीबों की जेब ढीली करने के मामले में उनका उत्साह देखते ही बनता है।

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