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​बरसाती त्रासदी : विकास की रफ्तार और कंधे पर बाइक: चांदनी-बिहारपुर का 'बाहुबली' सफर

Rajesh Soni

Tue, Jul 21, 2026

सूरजपुर। जिले के दूरस्थ चांदनी-बिहारपुर क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश ने विकास के तमाम दावों की पोल खोलकर रख दी है। स्थिति यह है कि यहां के गांवों में पहुंचने के लिए गूगल मैप भी रास्ता भूल जाए, और स्थानीय लोग किसी फिल्म के एक्शन हीरो की तरह 'बाहुबली' अंदाज में जीने को मजबूर हैं।

​मोटरसाइकिल बनी 'कंधे का हार': सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में ग्रामीण उफनती बरगा नदी को ऐसे पार कर रहे हैं, मानो मोटरसाइकिल कोई दो पहिया वाहन नहीं बल्कि जिम में उठाया जाने वाला डंबल हो। लोग अपनी बाइक को कंधे पर लादकर तेज बहाव के बीच से गुजर रहे हैं। इसे देखकर लगता है कि प्रशासन ने शायद इन्हें बिना जिम जाए ही बॉडीबिल्डर बनने का मुफ्त प्रशिक्षण दे दिया है!

सालों पुरानी मांग, वादों का मानसून: बिहारपुर से रसोकी जाने वाले मार्ग पर उमझर के आगे सड़क न होना और बरगा नदी पर पुल का अभाव कोई नई बात नहीं है। यह तो हर साल का ऐसा नियम बन चुका है, जो सावन के झूलों की तरह हर मानसून में लौट आता है। फर्क सिर्फ इतना है कि झूले पर आनंद आता है और यहां जान पर बन आती है।

​विकास की गाड़ी कीचड़ में पंचर: लगातार बारिश से कच्ची सड़कें ऐसी दलदल बन चुकी हैं जहां गाड़ियां चलना तो दूर, सोचना भी पाप है। कई गांव ऐसे 'टापू' बन चुके हैं जहां बिना तैराकी या पर्वतारोहण के एंट्री मिलना असंभव है। हालांकि, गनीमत यह है कि चार महीने का राशन पहले मिल गया है, वरना नेताजी के भाषणों से पेट भरने की नौबत आ जाती।

​बड़े हादसे का इंतजार: अधिकारी और जनप्रतिनिधि शायद किसी बड़े चमत्कार या अनहोनी का इंतजार कर रहे हैं, तभी तो बरगा नदी पर पुल बनाने की फाइलें दफ्तरों की धूल फांक रही हैं।

​फिलहाल चांदनी-बिहारपुर के इन जांबाज ग्रामीणों का यह हाल देखकर यही कहा जा सकता है कि यहां सड़क और पुल भले न हों, लेकिन 'आत्मनिर्भरता' और 'जिंदादिली' की कोई कमी नहीं है!

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