‘अमृतकाल’ की पहली बारिश : मिट्टी का मकान गिरा, और नगर पालिका का अमला ‘जल-क्रीड़ा’ देख लौट आया!
Rajesh Soni
Wed, Jul 22, 2026
सूरजपुर। जिले में जारी बारिश ने नगर पालिका के उन तमाम दावों की हवा निकाल दी है, जो हर साल मानसून से पहले ‘जल निकासी के पुख्ता इंतजाम’ का ढिंढोरा पीटते हैं। मंगलवार की रात वार्ड क्रमांक 9 (कॉलेज रोड) पर रहने वाली कुंती बाई का मिट्टी का मकान इस बात का जीवंत प्रमाण बन गया कि कागजों पर बने नाली और ज़मीन पर भरे पानी में कितना गहरा इश्क है। लगातार बारिश से आहत होकर कुंती बाई का कच्चा मकान भरभराकर गिर गया। गनीमत यह रही कि परिवार के सदस्य उस वक्त घर के भीतर नहीं थे। परिवार तो बच गया, लेकिन घर में रखा कीमती सामान मलबे के नीचे दफन हो गया।
कंप्यूटर सेंटर में पानी घुसा और खेतों का ‘जलविहार’
कुंती बाई का मकान तो बस एक झांकी थी, असली खेल तो आस-पास के इलाके में चल रहा था। मकान के ठीक बगल में स्थित एक कंप्यूटर सेंटर जल मग्न हो गया, उसने तुरंत स्विमिंग पूल का रूप ले लिया। स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद बाल्टियों और मग से पानी बाहर निकाला, तब जाकर कंप्यूटरों की जान में जान आई। तो वहीं अगल-बगल के खाली खेतों ने तालाब का रूप ले लिया है और पानी अब सीधे दुकानों और मकानों के बेडरूम तक दस्तक दे रहा है। 
‘जांच दल’ का जादुई दौरा
इस जलप्रलय की खबर पाकर नगर पालिका का अमला भी अपनी वातानुकूलित गाड़ियों से बाहर निकला। मौके पर पहुंचकर टीम ने बड़े ही नाटकीय अंदाज़ में सिर खुजाया, चारों तरफ गहरी नज़रों से देखा (शायद पानी की गहराई नाप रहे हों) और बिना कोई एक इंच पानी निकाले, बिना कोई समाधान दिए, अपनी पीठ थपथपाते हुए चलते बने।
नगर पालिका की इस ‘चुस्त-दुरुस्त’ कार्यशैली को देखकर लगता है कि वे शायद इस इंतज़ार में हैं कि जब पूरा मोहल्ला ही पानी में तैरने लगेगा, तब वे सीधे बोट क्लब का उद्घाटन करने आएंगे। फिलहाल पीड़ित परिवार और सहमे हुए स्थानीय नागरिक जिला प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं कि कम से कम इस मानसून में उन्हें डूबने से बचाने की कोई कायदे की व्यवस्था कर दी जाए, वरना अगली खबर किसी तैरते हुए मोहल्ले की ही होगी!
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