कार्यवाही : कबाड़ से भरा ट्रक जप्त, वाहन चालक गिरफ्तार.
Thu, Jan 22, 2026
सूरजपुर. जिले में एक बार फिर कबाड़ का अवैध धंधा फलता फूलता दिखने लगे गया है। कोयलांचल क्षेत्र के बिश्रामपुर,भटगांव सहित सभी जगहों पर आए दिन कबाड़ माफिया इस अवैध कारोबार को बेखोफ अंजाम दे रहे हैं। आज एसपी प्रशांत ठाकुर के निर्देश पर रामानुजनगर पुलिस ने कबाड़ से लोड ट्रक के साथ चालक को गिरफ्तार किया है। मामला बीती रात की है पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुआ कि सूरजपुर की ओर से कबाड़ से भरा एक ट्रक रायपुर जा रहा है। इसके बाद साइबर टीम एवं रामानुजनगर पुलिस ने ग्राम भुवनेश्वरपुर में उक्त ट्रक को पकड़ कर तलाशी ली,जिसमें कबाड़ भरा हुआ था। वाहन चालक से कबाड़ से संबंधित दस्तावेज मांगे जाने पर चालक ने कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया। फिलहाल पुलिस ने कबाड़ लोड ट्रक क्रमांक सीजी 29 AG 2892 को जप्त करते हुए चालक को गिरफ्तार कर आगे की कार्यवाही में जुट गई है।
ज्ञापन : बैंगलोर में कैद बिहारपुर की छात्रा को वापस लाने NSUI ने कलेक्टर को सौपा ज्ञापन..
Wed, Jan 21, 2026
सूरजपुर. जिले के दूरस्थ अंचल बिहारपुर की नाबालिक छात्रा पिछले 6 महीने से बैंगलोर के बाल विकास विभाग में कैद है जिसको वापस लाने के लिए आज एनएसयूआई ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर छात्रा को जल्द से जल्द वापस लाने की मांग की गई। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष आकाश साहू ने बताया गया कि ग्राम करौटी थाना चांदनी बिहारपुर की 15 वर्षीय नाबालिक छात्रा सूरजपुर के एक निजी स्कूल में अध्ययन कर रही थी और वकील कॉलोनी में किराये का मकान लेकर अपने सहपाठियों के साथ रहती थी। दिनांक 30/07/2025 को छात्रा को अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला फुसला कर ले जाया गया और आज लगभग 6 माह से अधिक समय हो गया है छात्रा अभी तक वापस नहीं आयी हैं जांच करने के बाद अधिकारियों व थाने से जानकारी प्राप्त हुई कि छात्रा को बैंगलोर के यशवंतपुर से 25 किमी दूर बाल विकास गृह में रखा गया है जिस व्यक्ति के साथ छात्रा गई थी वह काफी दिन पहले वापस आ चुका है लेकिन छात्रा अभी तक वापस नहीं आयी है जब परिजनों से बात किया गया तो पता चला कि महिला बाल विकास सूरजपुर के अधिकारी एवं कुछ पुलिस बल और परिवार का एक सदस्य जब छात्रा को लेने बैंगलोर गए तो जिन पुलिस बलों का नाम आदेशित सूची में था वह न जाकर दूसरे पुलिस बल चले गए थे, जब बैंगलोर के बाल विकास विभाग के अधिकारी द्वारा सूची एवं पुलिस बलों का आई. डी. मिलाया गया तो मैच न होने पर उन्होंने छात्रा को ले जाने से मना कर दिया गया। वर्तमान में वह छात्रा बैंगलोर में है जिससे परिजन काफी लम्बे समय से परेशान है। आज पूर्व विधायक पारस नाथ राजवाड़े,पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष भगवती राजवाड़े,पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अश्विनी सिंह,शहर कांग्रेस अध्यक्ष मनोज डालमिया,नगर पालिका अध्यक्ष कुसुमलता राजवाड़े,ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष जफर हैदर की उपस्थिति में एनएसयूआई ने कलेक्टर से मुलाकात कर छात्रा को जल्द से जल्द वापस लाने की मांग की गई इस दौरान विष्णु कसेरा,नीरज तायल,मधु साहू,सैयद नदीम,मुस्तफा खान,तनवीर,अफरोज अंसारी,शिवम साहू,लिवनेश सिंह,सुमंत राजवाड़े,हैदर अली,आयुष शांडिल्य,ललित सहित छात्रा के परिजन मौजूद रहे।
लकड़ी तस्करी : प्रशासन मौन, दिन-रात जारी अवैध परिवहन
Tue, Jan 20, 2026
सूरजपुर. जिले में नीलगिरी लकड़ी की अवैध कटाई, परिवहन और भंडारण का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालात यह हैं कि दिन-रात ट्रैक्टरों के जरिए लकड़ी का अवैध परिवहन खुलेआम जारी है, लेकिन न तो वन विभाग हरकत में है और न ही राजस्व अमला।जबकि जिले के कई इलाकों में भारी मात्रा में नीलगिरी लकड़ी का ग्राम पंचायत पचिरा में (अवैध भंडारण) किया गया है। इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को कई बार दी जा चुकी है, इसके बावजूद न तो जांच की गई और न ही मौके पर कोई अधिकारी पहुंचा। इससे साफ जाहिर होता है कि मामला केवल लापरवाही का नहीं, बल्कि संभावित मिलीभगत का भी है। ग्रामीणों का आरोप है कि लकड़ी तस्करों को पहले से ही संरक्षण मिला हुआ है, इसी कारण वे बिना किसी डर के बस्तियों और मुख्य मार्गों से लकड़ी ढो रहे हैं। ट्रैक्टरों में रस्सियों के सहारे लकड़ी बांधकर ले जाना आम बात हो गई है, जो कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। सवाल यह है कि यदि कोई दुर्घटना होती है तो जिम्मेदारी किसकी होगी? पूर्व में वन एवं राजस्व विभाग द्वारा संयुक्त कार्रवाई की गई थी, लेकिन उसके बाद पूरा मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। अब कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? क्या तस्करों के पीछे कोई प्रभावशाली चेहरा है, जिसके दबाव में अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं? सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब अवैध भंडारण की स्पष्ट जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही, तो क्या प्रशासन जानबूझकर परहेज कर रहा है? यदि यही रवैया रहा तो जिले की वन संपदा का तेजी से विनाश होगा और कानून व्यवस्था पर जनता का भरोसा पूरी तरह से खत्म हो जाएगा। अब देखना यह है कि प्रशासन कब तक चुप्पी साधे रहता है और कब अवैध कटाई, परिवहन व भंडारण करने वालों पर ठोस और निष्पक्ष कार्रवाई करता है, या फिर यह अवैध कारोबार संरक्षण के साए में यूं ही फलता-फूलता रहेगा।